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चिटफंड कंपनी के निदेशकों समेत सात पर मुकदमा
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रेवाड़ी। अंडे के व्यवसाय में निवेश कर दस माह में ही रकम दोगुनी करने का लालच देकर करीब 200 निवेशकों से 50 लाख रुपये ठगने वाली चिटफंड कंपनी के दो निदेशकों समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खोल पुलिस ने एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कंपनी में निवेश करने वाले पवन कुमार, ओमप्रकाश, रेणू, दिलावर, राजबीर, विपिन, बहादुर, केला देवी, पुष्पा देवी मंगलवार को एसपी राहुल शर्मा से मिले थे। उन्होंने बताया था कि शहर के दिल्ली रोड स्थित देविका इन्फो सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चिटफंड कंपनी का दफ्तर था। कंपनी के निदेशक के रूप में गांव गुढा निवासी दीपक और लूखी निवासी कमलकांत ने अंडे के व्यवसाय में लोगों से निवेश करने पर 10 माह में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। इस काम को बाकायदा एक टीम बनाकर अंजाम दिया गया। इसमें कई लोग शामिल थे। जिन्होंने करीब दो सौ लोगों को रकम दोगुनी का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपये जमा कराए। समयावधि पूरी होने से पहले ही कंपनी वाले कंपनी दफ्तर में ताला लगाकर गायब हो गए। इसकी जानकारी जब निवेशकों को मिली तो वह सन्न रह गए। कंपनी के कुछ कर्मियों से जब उन्होंने संपर्क किया तो उन्हें धमकी मिली। एसपी राहुल शर्मा ने निवेशकों की शिकायत पर थाना खोल पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसएचओ भारत भूषण ने बताया कि एसपी के आदेश पर पीड़ितों की ओर से कंपनी के दो निदेशकों समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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कंपनी में निवेश करने वाले पवन कुमार, ओमप्रकाश, रेणू, दिलावर, राजबीर, विपिन, बहादुर, केला देवी, पुष्पा देवी मंगलवार को एसपी राहुल शर्मा से मिले थे। उन्होंने बताया था कि शहर के दिल्ली रोड स्थित देविका इन्फो सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चिटफंड कंपनी का दफ्तर था। कंपनी के निदेशक के रूप में गांव गुढा निवासी दीपक और लूखी निवासी कमलकांत ने अंडे के व्यवसाय में लोगों से निवेश करने पर 10 माह में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। इस काम को बाकायदा एक टीम बनाकर अंजाम दिया गया। इसमें कई लोग शामिल थे। जिन्होंने करीब दो सौ लोगों को रकम दोगुनी का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपये जमा कराए। समयावधि पूरी होने से पहले ही कंपनी वाले कंपनी दफ्तर में ताला लगाकर गायब हो गए। इसकी जानकारी जब निवेशकों को मिली तो वह सन्न रह गए। कंपनी के कुछ कर्मियों से जब उन्होंने संपर्क किया तो उन्हें धमकी मिली। एसपी राहुल शर्मा ने निवेशकों की शिकायत पर थाना खोल पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसएचओ भारत भूषण ने बताया कि एसपी के आदेश पर पीड़ितों की ओर से कंपनी के दो निदेशकों समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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