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जाट आरक्षण समिति का जसिया में हुआ महासम्मेलन, भाजपा सरकार को चेतावनी
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:04 AM IST
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फ्लैग : जसिया में हुआ जाट महासम्मेलन, भाजपा को चेतावनी
हेडिंग : जाट समाज का अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक आरक्षण दो वरना हरियाणा में नहीं करने देंगे मोदी, शाह, खट्टर को रैली
: मंच से आठ सूत्री प्रस्ताव पास, मलिक बोले, मांग न मानने पर, म्हारे ट्रैक्टर व थॉरी कार में होगी आर-पार
: धान की रोपाई के चलते रखा जाट नेताओं ने रखा आंदोलन के लिए अगस्त माह तक का समय
: किसान आंदोलन को समर्थन की घोषणा, जसिया में 12 जून को आंदोलन को लेकर जिला अध्यक्षों की मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाजपा ने 15 अगस्त तक जाटों को आरक्षण देकर दर्ज केस वापस नहीं लिए तो जाट समाज हरियाणा में पीएम मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सीएम मनोहर लाल खट्टर व सरकार के मंत्रियों को रैली या दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं करने देंगे। कार्यक्रम स्थलों को जाट समाज धरना स्थलों में बदल देगा। शनिवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह घोषणा की।
मलिक ने कहा कि भाजपा ने अब तक जाट समाज के साथ धोखा किया है। एक तरफ सरकार जाट समाज को आरक्षण को आश्वासन देती है, दूसरी तरफ अदालत में पर्दे के पीछे रहकर आरक्षण रुकवाने के लिए स्टे के लिए याचिका लगवा रही है। अब जाट समाज के लोग धरना-प्रदर्शन के साथ भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे। साथ ही हर जगह पहुंचकर सार्वजनिक कार्यक्रमों का विरोध करेंगे। अगर सरकार टकराव की स्थिति से बचना चाहती है तो जुलाई माह में जाट आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। दोनों जगह अच्छी तरह से पैरवी करके जाटों को आरक्षण दिलवाया जाए। इसके पहले 15 जून से 15 अगस्त तक हल्का, ब्लाक व तहसील स्तर पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता पिछड़े व दलित समाज के लोगों के साथ एक मंच पर सरकार के खिलाफ खड़ा किया जाएगा। साथ ही आंदोलन कर रहे किसान व कर्मचारी संगठनों की भी समिति आवाज बनेगी।
जो म्हारा नहीं, उनको चुनाव में सिखाएंगे सबक
मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति हर राजनीति दल के नेताओं के पास जाएंगे। जो दल व नेता जाट समाज की आवाज लोकसभा व विधानसभा में उठाएंगे, उनका चुनाव में साथ देेंगे। जो उनका साथ नहीं देगा तो चुनाव में उसको सबक सिखाएंगे। साथ ही जाट नेता प्रदेश में आंदोलन कर रहे किसान, कर्मचारी व दूसरे संगठनों से बातचीत करके एक मंच पर लाने का प्रयास करेंगे।
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राजस्थान व मध्यप्रदेश चुनाव में बनाएंगे जाट आरक्षण को मुद्दा
मलिक ने कहा कि दिसंबर माह में राजस्थान व मध्यप्रदेश के चुनाव होने हैं, जहां जाट समुदाय की विशेष भूमिका रहेगी। वहां के चुनाव में हरियाणा में जाटों के साथ हो रहे उत्पीड़न को मुद्दा बनाया जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले यूपी, दिल्ली व पंजाब में भी भाजपा के खिलाफ जाट समाज को खड़ा किया जाएगा। आंदोलन में मराठा, पटेल, कापू व दूसरी जातियों को भी शामिल करेंगे।
ईबीपीजीसी से स्टे हट सकता है तो जाटों के आरक्षण से क्यों नहीं
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने मंच से कहा कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण लगी स्टे हटवा ली है, लेकिन जाटों को दिए गए आरक्षण पर से क्यों नहीं हट सकती। भिवानी में ईबीसी से रोक हटने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की पीठ थपथपाई जाती है, जबकि सरकार जाटों के आरक्षण पर लगी रोक हटवाने पर चुप्पी साधे हुए है।
सैनी को चेतावनी, दूबलधन में नहीं घुसने देंगे, मलिक ने समझाया
मंच पर झज्जर से आए एक वक्ता ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी को 10 जून को दूबलधन में नहीं घुसने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए जाट समाज को कुछ भी करना पड़े। इस पर मंच संचालन कर रहे यशपाल मलिक ने कहा कि सांसद सैनी का विरोध करने से कुछ नहीं होगा, वे तो भाजपा का मोहरा हैं। इस तरह भाईचारा खराब न करें। विरोध तो अब सीधा भाजपा का होगा।
भाजपा के मंत्रियों ने बिगाड़ा प्रदेश का भाईचारा
मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री व नेताओं ने मिलकर प्रदेश का भाईचारा खराब किया है। मुख्यमंत्री बनने के लिए एक तरफ जाट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने साजिश रची। जाट समाज के लोगों को धरने पर बैठा दिया। दूसरी तरफ सांसद राजकुमार सैनी, सांसद अश्विनी चोपड़ा व मनीष ग्रोवर ने गैर जाट को भड़काया। इस तरह भाजपा ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए दोहरा खेल खेला, जिसको अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है।
आंधी ले रात को उखड़ा टेंट
तेज आंधी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से लगवाया गया टेंट उखड़ गया। रात को दोबारा टेंट लगाया गया, लेकिन समय कम होने के कारण पूरा नहीं लग सका। लोगों को धूप में खड़ा होना पड़ा। हालांकि आयोजकों ने मंच से लोगों से व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा।
किसान आंदोलन को समर्थन
मंच से यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आंदोलन में किसानों की अहम भूमिका है। ऐसे में समिति किसानों के 1 से 10 जून तक चल रहे असहयोग आंदोलन को पूरा समर्थन करती है। साथ ही कर्मचारियों के आंदोलनों को भी सरकार के खिलाफ सहयोग किया जाएगा।
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फ्लैग : जसिया में हुआ जाट महासम्मेलन, भाजपा को चेतावनी
हेडिंग : जाट समाज का अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक आरक्षण दो वरना हरियाणा में नहीं करने देंगे मोदी, शाह, खट्टर को रैली
: मंच से आठ सूत्री प्रस्ताव पास, मलिक बोले, मांग न मानने पर, म्हारे ट्रैक्टर व थॉरी कार में होगी आर-पार
: धान की रोपाई के चलते रखा जाट नेताओं ने रखा आंदोलन के लिए अगस्त माह तक का समय
: किसान आंदोलन को समर्थन की घोषणा, जसिया में 12 जून को आंदोलन को लेकर जिला अध्यक्षों की मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाजपा ने 15 अगस्त तक जाटों को आरक्षण देकर दर्ज केस वापस नहीं लिए तो जाट समाज हरियाणा में पीएम मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सीएम मनोहर लाल खट्टर व सरकार के मंत्रियों को रैली या दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं करने देंगे। कार्यक्रम स्थलों को जाट समाज धरना स्थलों में बदल देगा। शनिवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने यह घोषणा की।
मलिक ने कहा कि भाजपा ने अब तक जाट समाज के साथ धोखा किया है। एक तरफ सरकार जाट समाज को आरक्षण को आश्वासन देती है, दूसरी तरफ अदालत में पर्दे के पीछे रहकर आरक्षण रुकवाने के लिए स्टे के लिए याचिका लगवा रही है। अब जाट समाज के लोग धरना-प्रदर्शन के साथ भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे। साथ ही हर जगह पहुंचकर सार्वजनिक कार्यक्रमों का विरोध करेंगे। अगर सरकार टकराव की स्थिति से बचना चाहती है तो जुलाई माह में जाट आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। दोनों जगह अच्छी तरह से पैरवी करके जाटों को आरक्षण दिलवाया जाए। इसके पहले 15 जून से 15 अगस्त तक हल्का, ब्लाक व तहसील स्तर पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता पिछड़े व दलित समाज के लोगों के साथ एक मंच पर सरकार के खिलाफ खड़ा किया जाएगा। साथ ही आंदोलन कर रहे किसान व कर्मचारी संगठनों की भी समिति आवाज बनेगी।
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जो म्हारा नहीं, उनको चुनाव में सिखाएंगे सबक
मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति हर राजनीति दल के नेताओं के पास जाएंगे। जो दल व नेता जाट समाज की आवाज लोकसभा व विधानसभा में उठाएंगे, उनका चुनाव में साथ देेंगे। जो उनका साथ नहीं देगा तो चुनाव में उसको सबक सिखाएंगे। साथ ही जाट नेता प्रदेश में आंदोलन कर रहे किसान, कर्मचारी व दूसरे संगठनों से बातचीत करके एक मंच पर लाने का प्रयास करेंगे।
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राजस्थान व मध्यप्रदेश चुनाव में बनाएंगे जाट आरक्षण को मुद्दा
मलिक ने कहा कि दिसंबर माह में राजस्थान व मध्यप्रदेश के चुनाव होने हैं, जहां जाट समुदाय की विशेष भूमिका रहेगी। वहां के चुनाव में हरियाणा में जाटों के साथ हो रहे उत्पीड़न को मुद्दा बनाया जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले यूपी, दिल्ली व पंजाब में भी भाजपा के खिलाफ जाट समाज को खड़ा किया जाएगा। आंदोलन में मराठा, पटेल, कापू व दूसरी जातियों को भी शामिल करेंगे।
ईबीपीजीसी से स्टे हट सकता है तो जाटों के आरक्षण से क्यों नहीं
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने मंच से कहा कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण लगी स्टे हटवा ली है, लेकिन जाटों को दिए गए आरक्षण पर से क्यों नहीं हट सकती। भिवानी में ईबीसी से रोक हटने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की पीठ थपथपाई जाती है, जबकि सरकार जाटों के आरक्षण पर लगी रोक हटवाने पर चुप्पी साधे हुए है।
सैनी को चेतावनी, दूबलधन में नहीं घुसने देंगे, मलिक ने समझाया
मंच पर झज्जर से आए एक वक्ता ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी को 10 जून को दूबलधन में नहीं घुसने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए जाट समाज को कुछ भी करना पड़े। इस पर मंच संचालन कर रहे यशपाल मलिक ने कहा कि सांसद सैनी का विरोध करने से कुछ नहीं होगा, वे तो भाजपा का मोहरा हैं। इस तरह भाईचारा खराब न करें। विरोध तो अब सीधा भाजपा का होगा।
भाजपा के मंत्रियों ने बिगाड़ा प्रदेश का भाईचारा
मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री व नेताओं ने मिलकर प्रदेश का भाईचारा खराब किया है। मुख्यमंत्री बनने के लिए एक तरफ जाट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने साजिश रची। जाट समाज के लोगों को धरने पर बैठा दिया। दूसरी तरफ सांसद राजकुमार सैनी, सांसद अश्विनी चोपड़ा व मनीष ग्रोवर ने गैर जाट को भड़काया। इस तरह भाजपा ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए दोहरा खेल खेला, जिसको अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है।
आंधी ले रात को उखड़ा टेंट
तेज आंधी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से लगवाया गया टेंट उखड़ गया। रात को दोबारा टेंट लगाया गया, लेकिन समय कम होने के कारण पूरा नहीं लग सका। लोगों को धूप में खड़ा होना पड़ा। हालांकि आयोजकों ने मंच से लोगों से व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा।
किसान आंदोलन को समर्थन
मंच से यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आंदोलन में किसानों की अहम भूमिका है। ऐसे में समिति किसानों के 1 से 10 जून तक चल रहे असहयोग आंदोलन को पूरा समर्थन करती है। साथ ही कर्मचारियों के आंदोलनों को भी सरकार के खिलाफ सहयोग किया जाएगा।