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हर घर गोशाला को हर माह देगा सौ रुपये दान
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:31 AM IST
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हर घर गोशाला को हर माह देगा सौ रुपये दान
भिवानी
गवर्नमेंट मिडिल स्कूल जूई गांव में तीन गांवों की पंचायत हुई पंचायत की अध्यक्षता जुई कलां सरपंच रणबीर मलिक और जूई बिचली सरपंच सोमबीर सिंह ने की। पंचायत में गोशाला को चलाने, पशुओं के लिए चारे और बाहर से लावारिस पशुओं को छोड़कर जाने के मामले पर विचार विमर्श हुआ। इस दौरान गाय व गोशाला के संबंध में अहम फैसले लिए गए। तीनों गांवों का प्रत्येक परिवार हर महीने गोशाला को सौ रुपये दान देगा। ताकि, गायों की सही ढंग से परवरिश हो सके। वहीं गांव में लावारिस पशुओं को छोड़ते हुए पकड़े जाने पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर भूपसिंह आर्य, रोशन लांबा, रामचंद्र, राजेश लंाबा, चंचल रापडिय़ा, राजबीर सिंह, नरेश रापड़िया, सुरत ङ्क्षसह, धर्मबीर सिंह, ओमबीर सिंह, सोमबीर सिंह, जयबीर, संजय रापड़िया, सोनू, नवनीत, बबलू, आशीष, विद्याधर, राजेश भांबू, कृष्ण शर्मा, जयबीर रापिडय़ा, भगत सिंह, पंकज आदि उपस्थित थे।
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प्रत्येक घर हर महीने देगा चंदा
गोशाला को चलाने के लिए गांव के प्रत्येक घर से हर महीने 100 रुपए देने की बात कही। कमेटी सदस्य प्रत्येक घर-घर जाकर गोशाला के लिए चंदा मागेंगे। साथ ही हर रोज गोशाला का ट्रैक्टर गांव की प्रत्येक गली में सुबह फेरी लगाएगा जिसमें प्रत्येक घर से रोटी, खल और आटा ग्रामीण अपनी मर्जी से देेंगे। पंचायत में फैसला लिया गया कि गोशाला की जमीन पर जमीन मालिक की पुरानी पड़ी मशीनरी को हटाने के लिए कहा जाएगा। नहीं हटाने पर जेसीबी की सहायता से हटाया जाएगा। 29 अगस्त तक गांव के प्रत्येक घर से चंदा लिया जाएगा और 30 अगस्त को गोशाला में गांव के लावारिस पशुओं को रोका जाएगा।
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एक लाख रुपये जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी
जूई में हुई पंचायत में बाहर गांवों से लावारिस पशुओं को छोड़कर जाने वालों की निगरानी के लिए पंचायत में कमेटी बनाई गई। कमेटी बाहर से लावारिस पशुओं को लाने वालों पर निगरानी रखेगी। निगरानी कमेटी दोषियों को पकड़कर पंचायत के समक्ष पेश करेगी। गांव की पंचायत लाए गए सभी लावारिस पशु वापस उसी गांव में छोड़ने के अलावा दोषियों पर एक लाख रुपये जुर्माना, वाहन जब्त कर कानूनी कार्रवाई करेगी।
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भिवानी
गवर्नमेंट मिडिल स्कूल जूई गांव में तीन गांवों की पंचायत हुई पंचायत की अध्यक्षता जुई कलां सरपंच रणबीर मलिक और जूई बिचली सरपंच सोमबीर सिंह ने की। पंचायत में गोशाला को चलाने, पशुओं के लिए चारे और बाहर से लावारिस पशुओं को छोड़कर जाने के मामले पर विचार विमर्श हुआ। इस दौरान गाय व गोशाला के संबंध में अहम फैसले लिए गए। तीनों गांवों का प्रत्येक परिवार हर महीने गोशाला को सौ रुपये दान देगा। ताकि, गायों की सही ढंग से परवरिश हो सके। वहीं गांव में लावारिस पशुओं को छोड़ते हुए पकड़े जाने पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर भूपसिंह आर्य, रोशन लांबा, रामचंद्र, राजेश लंाबा, चंचल रापडिय़ा, राजबीर सिंह, नरेश रापड़िया, सुरत ङ्क्षसह, धर्मबीर सिंह, ओमबीर सिंह, सोमबीर सिंह, जयबीर, संजय रापड़िया, सोनू, नवनीत, बबलू, आशीष, विद्याधर, राजेश भांबू, कृष्ण शर्मा, जयबीर रापिडय़ा, भगत सिंह, पंकज आदि उपस्थित थे।
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प्रत्येक घर हर महीने देगा चंदा
गोशाला को चलाने के लिए गांव के प्रत्येक घर से हर महीने 100 रुपए देने की बात कही। कमेटी सदस्य प्रत्येक घर-घर जाकर गोशाला के लिए चंदा मागेंगे। साथ ही हर रोज गोशाला का ट्रैक्टर गांव की प्रत्येक गली में सुबह फेरी लगाएगा जिसमें प्रत्येक घर से रोटी, खल और आटा ग्रामीण अपनी मर्जी से देेंगे। पंचायत में फैसला लिया गया कि गोशाला की जमीन पर जमीन मालिक की पुरानी पड़ी मशीनरी को हटाने के लिए कहा जाएगा। नहीं हटाने पर जेसीबी की सहायता से हटाया जाएगा। 29 अगस्त तक गांव के प्रत्येक घर से चंदा लिया जाएगा और 30 अगस्त को गोशाला में गांव के लावारिस पशुओं को रोका जाएगा।
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एक लाख रुपये जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी
जूई में हुई पंचायत में बाहर गांवों से लावारिस पशुओं को छोड़कर जाने वालों की निगरानी के लिए पंचायत में कमेटी बनाई गई। कमेटी बाहर से लावारिस पशुओं को लाने वालों पर निगरानी रखेगी। निगरानी कमेटी दोषियों को पकड़कर पंचायत के समक्ष पेश करेगी। गांव की पंचायत लाए गए सभी लावारिस पशु वापस उसी गांव में छोड़ने के अलावा दोषियों पर एक लाख रुपये जुर्माना, वाहन जब्त कर कानूनी कार्रवाई करेगी।