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विभागों में तालमेल की कमी से शहर का बुरा हाल, मंत्री ने लगाई फटकार
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:48 AM IST
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विभागों में तालमेल की कमी से शहर का बुरा हाल, मंत्री ने लगाई फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्री मानसून की दस्तक से शहर में जगह-जगह जलभराव ने प्रशासन और सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इसके बावजूद अधिकारी शहर में सब कुछ ठीक ठाक होने की बात कह रहे हैं। बिजली निगम से लेकर नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदराना रवैये और तालमेल की कमी को देखते हुए मंत्री मनीष ग्रोवर खासा नाराज हुए। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को बहाना छोड़कर समस्या से निपटने के निर्देश दिए। ऐसे में देर से ही सही मंत्री ने जलभराव की स्थिति को भांपते हुए लोगों को सहूलियत देने के लिए अधिकारियों की क्लास ली।
मानसून से पहले मात्र 30 एमएम बारिश से शहर में जगह-जगह जल भराव ने प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की पोल खोल दी। इससे नाराज सहकारिता एवं राज्य निकाय मंत्री मनीष ग्रोवर ने शनिवार को अपने कार्यालय में नगर निगम, बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बुलाकर क्लास ली। इतना ही नहीं, अधिकारियों को दो टूक कहा, आगे से बारिश का पानी ज्यादा समय शहर के अंदर नहीं रुकना चाहिए। इसके चलते चाहे अतिरिक्त पंप लगाएं या दूसरे कदम उठाएं। अधिकारियों ने हिसार, सोनीपत और झज्जर रोड पर पानी निकासी की अतिरिक्त व्यवस्था करने की मांग की।
बरसाती पानी की निकासी की मांगी रिपोर्ट
मंत्री ग्रोवर ने तीनों विभागों के अधिकारियों से एक घंटा मीटिंग की। साथ ही शहर में पीने के पानी की कमी और बरसाती पानी की निकासी प्रबंधन पर रिपोर्ट मांगी। साफ कहा कि शहर में जहां-जहां जलभराव हो रहा है, उस एरिया के आसपास में बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएं। जल्द से जल्द प्रपोजल बनाकर तैयार करें। जब तक स्थाई इंतजाम नहीं होते, तब तक टेंप्रेरी व्यवस्था करें। उन्होंने हिसार रोड, भिवानी रोड, जनता कॉलोनी इलाका, मेडिकल मोड़ क्षेत्र, सेक्टर, शीला बाईपास चौक, सोनीपत रोड, गांधी कैंप, रेलवे रोड व पुराने शहर में जलभराव के बारे में पूछा। अधिकारियों ने तर्क दिया कि जो पानी की निकासी का सिस्टम है, उसके तहत पानी निकलने में समय लगता है। जल्द से जल्द पानी की निकासी करवानी है तो अतिरिक्त पंपसेट लगाने पडे़ंगे। खासकर हिसार रोड, सोनीपत व झज्जर रोड पर अतिरिक्त पंप लगाने की आवश्यकता है। मंत्री ग्रोवर ने कहा कि फंड की कोई कमी नहीं है। जल्द बरसाती पानी की निकासी के लिए काम करें।
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नए जलघरों के लिए तलाश करें जगह
मंत्री ने इसके बाद शहर में पानी की किल्लत पर अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने कहा कि जितना पानी उपलब्ध है, उसे समय पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन गर्मी में खपत ज्यादा होने के कारण पूरे एरिया में पानी नहीं पहुंच जाता। ऐसे में ज्यादा परेशानी वाली कालोनियों में नए जलघर बनाने की जरूरत है। साथ ही पानी की कमी दूर करने के लिए 20 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन मंगवाई गई है जिन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिछाया जाएगा। उन्होंने आदर्श नगर बूस्टर स्टेशन, घनीपुरा बूस्टर स्टेशन को जल्द चालू करने की बात कही। साथ ही जहां जलभराव की ज्यादा समस्या है वहां जल्द डिस्पोजल शुरू करने को कहा है।
औचक निरीक्षण कर पूछूंगा क्या कदम उठाए
मंत्री ग्रोवर ने कहा कि अधिकारी सेल्फ स्टार्ट बने। वे इस बात का इंतजार न करें कि जनता उनके समक्ष मांग रखेगी, तभी वह समस्या का समाधान करेंगे। पहले से ही मानसिक रूप से तैयार होकर हर योजना को सिरे चढ़ाएं। रोहतक से जुड़ी योजनाओं को अमली जामा पहनाएं वे रोहतक शहर में कहीं पर भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। अगर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी से जवाब तलब किया जाएगा।
हिसार बाईपास में जल निकासी बना समस्या
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार हिसार बाईपास पर जल निकासी के लिए अभी लाइन को जोड़ा नहीं गया है। इसके चलते समस्या हो गई। इसके सही कराने के लिए कहा गया है, इसके बाद समस्या नहीं होगी। इसके नाले को बीएंडआर विभाग को जोड़ना है। वहीं शीला बाइपास पर नालों की सफाई न होने और सड़क के नीचे होने की समस्या आफत बन गया है।
अप्पू घर डिस्पोजल ने बचाया शहर
अधिकारियों की मानें तो शहर को डूबने से अप्पू घर डिस्पोजल ने बचाया है। यहां दो डीजल जनरेटर और चार बिजली की मोटरों ने लगातार कार्य कर सारा बरसाती पानी निकाला है।
बिजली कट, सीवर और नालों की सफाई न होना बनी समस्या
जलभराव की बड़ी वजह बिजली कट, सीवर और नालों की सफाई का न होना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मानें तो इन्हीं वजहों से शहर में जलभराव की स्थिति हुई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीवर शाखा के कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि यदि शहर में 16 घंटे बिजली कट लगेगा तो बरसात का पानी कैसे निकाला जाएगा। विभाग के पास 35 डीजल जनरेटर हैं, लेकिन इनसे लगातार काम नहीं लिया जा सकता। शुक्रवार बरसात का पानी निकालने के दौरान चार डीजल जनरेटर खराब भी हो गए। इसके अलावा बरसाती नाले साफ न होने के कारण भी पानी निकासी में समस्या होती है। इस संबंध में निगम, हुडा और बीएंडआर विभाग को ध्यान देना चाहिए।
बिजली पर्याप्त
निगम को जितनी बिजली मिल रही है उतनी सप्लाई की जा रही है। कुछ जगह पर कट लग रहे हैं, वहां भी समय से सप्लाई दी जा रही है। बारिश में कुछ जगहों पर फाल्ट लगने से थोड़ी दिक्कत होती है, जिसे कुछ देर में ही सही कर दिया जाता है।
एसके बसंल, एसई, बिजली निगम
छोटे नाले साफ
नगर निगम ने बारिश से पहले ही छोटे नालों की सफाई करवा दी है। किसी भी तरह से छोटे नालों की वजह से जलभराव की स्थिति नहीं है। जो भी दिक्कत है वह बड़े नालों की वजह से है।
केके वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम
बड़े नाले में भी सफाई
शहर में बड़े नालों की सफाई है। अगर शहर में थोड़ी बारिश हो तो आसानी से बारिश का पानी निकल सकता है। ज्यादा बारिश होने से जलभराव की स्थिति तो हो सकती है।
प्रदीप रंजन, एसई, बीएंडआर
ये रहे मीटिंग में मौजूद
बैठक में लोक निर्माण विभाग के एसई प्रदीप रंजन, पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन भानु प्रताप, एक्सईएन सीवरेज वीरेंद्र हुड्डा, डीटीपी नगर निगम केके वार्ष्णेय, तहसीलदार गुलाब सिंह, एसडीओ संजीव, एमई सुमित नांदल और जगदीश चंद्र भी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्री मानसून की दस्तक से शहर में जगह-जगह जलभराव ने प्रशासन और सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इसके बावजूद अधिकारी शहर में सब कुछ ठीक ठाक होने की बात कह रहे हैं। बिजली निगम से लेकर नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदराना रवैये और तालमेल की कमी को देखते हुए मंत्री मनीष ग्रोवर खासा नाराज हुए। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को बहाना छोड़कर समस्या से निपटने के निर्देश दिए। ऐसे में देर से ही सही मंत्री ने जलभराव की स्थिति को भांपते हुए लोगों को सहूलियत देने के लिए अधिकारियों की क्लास ली।
मानसून से पहले मात्र 30 एमएम बारिश से शहर में जगह-जगह जल भराव ने प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की पोल खोल दी। इससे नाराज सहकारिता एवं राज्य निकाय मंत्री मनीष ग्रोवर ने शनिवार को अपने कार्यालय में नगर निगम, बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बुलाकर क्लास ली। इतना ही नहीं, अधिकारियों को दो टूक कहा, आगे से बारिश का पानी ज्यादा समय शहर के अंदर नहीं रुकना चाहिए। इसके चलते चाहे अतिरिक्त पंप लगाएं या दूसरे कदम उठाएं। अधिकारियों ने हिसार, सोनीपत और झज्जर रोड पर पानी निकासी की अतिरिक्त व्यवस्था करने की मांग की।
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बरसाती पानी की निकासी की मांगी रिपोर्ट
मंत्री ग्रोवर ने तीनों विभागों के अधिकारियों से एक घंटा मीटिंग की। साथ ही शहर में पीने के पानी की कमी और बरसाती पानी की निकासी प्रबंधन पर रिपोर्ट मांगी। साफ कहा कि शहर में जहां-जहां जलभराव हो रहा है, उस एरिया के आसपास में बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएं। जल्द से जल्द प्रपोजल बनाकर तैयार करें। जब तक स्थाई इंतजाम नहीं होते, तब तक टेंप्रेरी व्यवस्था करें। उन्होंने हिसार रोड, भिवानी रोड, जनता कॉलोनी इलाका, मेडिकल मोड़ क्षेत्र, सेक्टर, शीला बाईपास चौक, सोनीपत रोड, गांधी कैंप, रेलवे रोड व पुराने शहर में जलभराव के बारे में पूछा। अधिकारियों ने तर्क दिया कि जो पानी की निकासी का सिस्टम है, उसके तहत पानी निकलने में समय लगता है। जल्द से जल्द पानी की निकासी करवानी है तो अतिरिक्त पंपसेट लगाने पडे़ंगे। खासकर हिसार रोड, सोनीपत व झज्जर रोड पर अतिरिक्त पंप लगाने की आवश्यकता है। मंत्री ग्रोवर ने कहा कि फंड की कोई कमी नहीं है। जल्द बरसाती पानी की निकासी के लिए काम करें।
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नए जलघरों के लिए तलाश करें जगह
मंत्री ने इसके बाद शहर में पानी की किल्लत पर अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने कहा कि जितना पानी उपलब्ध है, उसे समय पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन गर्मी में खपत ज्यादा होने के कारण पूरे एरिया में पानी नहीं पहुंच जाता। ऐसे में ज्यादा परेशानी वाली कालोनियों में नए जलघर बनाने की जरूरत है। साथ ही पानी की कमी दूर करने के लिए 20 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन मंगवाई गई है जिन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिछाया जाएगा। उन्होंने आदर्श नगर बूस्टर स्टेशन, घनीपुरा बूस्टर स्टेशन को जल्द चालू करने की बात कही। साथ ही जहां जलभराव की ज्यादा समस्या है वहां जल्द डिस्पोजल शुरू करने को कहा है।
औचक निरीक्षण कर पूछूंगा क्या कदम उठाए
मंत्री ग्रोवर ने कहा कि अधिकारी सेल्फ स्टार्ट बने। वे इस बात का इंतजार न करें कि जनता उनके समक्ष मांग रखेगी, तभी वह समस्या का समाधान करेंगे। पहले से ही मानसिक रूप से तैयार होकर हर योजना को सिरे चढ़ाएं। रोहतक से जुड़ी योजनाओं को अमली जामा पहनाएं वे रोहतक शहर में कहीं पर भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। अगर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी से जवाब तलब किया जाएगा।
हिसार बाईपास में जल निकासी बना समस्या
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार हिसार बाईपास पर जल निकासी के लिए अभी लाइन को जोड़ा नहीं गया है। इसके चलते समस्या हो गई। इसके सही कराने के लिए कहा गया है, इसके बाद समस्या नहीं होगी। इसके नाले को बीएंडआर विभाग को जोड़ना है। वहीं शीला बाइपास पर नालों की सफाई न होने और सड़क के नीचे होने की समस्या आफत बन गया है।
अप्पू घर डिस्पोजल ने बचाया शहर
अधिकारियों की मानें तो शहर को डूबने से अप्पू घर डिस्पोजल ने बचाया है। यहां दो डीजल जनरेटर और चार बिजली की मोटरों ने लगातार कार्य कर सारा बरसाती पानी निकाला है।
बिजली कट, सीवर और नालों की सफाई न होना बनी समस्या
जलभराव की बड़ी वजह बिजली कट, सीवर और नालों की सफाई का न होना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मानें तो इन्हीं वजहों से शहर में जलभराव की स्थिति हुई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीवर शाखा के कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि यदि शहर में 16 घंटे बिजली कट लगेगा तो बरसात का पानी कैसे निकाला जाएगा। विभाग के पास 35 डीजल जनरेटर हैं, लेकिन इनसे लगातार काम नहीं लिया जा सकता। शुक्रवार बरसात का पानी निकालने के दौरान चार डीजल जनरेटर खराब भी हो गए। इसके अलावा बरसाती नाले साफ न होने के कारण भी पानी निकासी में समस्या होती है। इस संबंध में निगम, हुडा और बीएंडआर विभाग को ध्यान देना चाहिए।
बिजली पर्याप्त
निगम को जितनी बिजली मिल रही है उतनी सप्लाई की जा रही है। कुछ जगह पर कट लग रहे हैं, वहां भी समय से सप्लाई दी जा रही है। बारिश में कुछ जगहों पर फाल्ट लगने से थोड़ी दिक्कत होती है, जिसे कुछ देर में ही सही कर दिया जाता है।
एसके बसंल, एसई, बिजली निगम
छोटे नाले साफ
नगर निगम ने बारिश से पहले ही छोटे नालों की सफाई करवा दी है। किसी भी तरह से छोटे नालों की वजह से जलभराव की स्थिति नहीं है। जो भी दिक्कत है वह बड़े नालों की वजह से है।
केके वार्ष्णेय, डीटीपी, नगर निगम
बड़े नाले में भी सफाई
शहर में बड़े नालों की सफाई है। अगर शहर में थोड़ी बारिश हो तो आसानी से बारिश का पानी निकल सकता है। ज्यादा बारिश होने से जलभराव की स्थिति तो हो सकती है।
प्रदीप रंजन, एसई, बीएंडआर
ये रहे मीटिंग में मौजूद
बैठक में लोक निर्माण विभाग के एसई प्रदीप रंजन, पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन भानु प्रताप, एक्सईएन सीवरेज वीरेंद्र हुड्डा, डीटीपी नगर निगम केके वार्ष्णेय, तहसीलदार गुलाब सिंह, एसडीओ संजीव, एमई सुमित नांदल और जगदीश चंद्र भी मौजूद रहे।