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पुराने शहर का सूख रहा हलक, सोनीपत रोड पर बह रहा गटर में पानी
Updated Tue, 11 Sep 2018 03:12 AM IST
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पुराने शहर का सूख रहा हलक, गटर में बह रहा नहर का पानी
: निवर्तमान पार्षद ने समर्थकों सहित दिखाया पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को आइना
: आला अधिकारियों से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एक तरफ जहां पुराने शहर में पेयजल संकट बना हुआ है, दूसरी तरफ सोनीपत रोड पर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों की लापरवाही से नहर का पानी गटर में बह रहा है। इसके बावजूद नेता व बड़े आला अधिकारी आंख बंद किए हुए हैं। सोमवार को मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व पार्षद एवं आवाज एक अभियान के जिला संयोजक नौरातामल भटनागर ने ये आरोप लगाए।
संगठन के ब्लॉक प्रधान जसबीर सिंह, धर्म सिंह व मोनू की मौजूदगी में भटनागर ने कहा कि पुराने शहर के अंदर पाड़ा मोहल्ला, सलारा मोहल्ला, प्रधाना मोहल्ला, कायस्थान मोहल्ला, डेहरी मोहल्ला, शोरा कोठी, प्रेम नगर, प्रताप मोहल्ला, किला मोहल्ला एवं अन्य एरिया में जलघर नंबर एक से पानी की सप्लाई हो रही है। भटनागर ने बताया कि रोहतक शहर के लिए प्रथम जल घर का निर्माण आजादी से पहले सन 1931 में हुआ, वहीं जल घर जो उस समय की आबादी के लिए पर्याप्त था आज तक वही चला आ रहा है। जनसंख्या में 10 गुना वृद्धि हो चुकी है। सरकारें बदलती रही, लेकिन जलघर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। डेहरी मोहल्ला में पानी की कमी का ये आलम है की लोगों को तड़के 5 बजे उठ कर अपने घर से 1 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है तब उन्हें पेयजल मिल पता है। पता चला है कि पानी के टैंक की गहराई लगभग 30 से 35 फीट है लेकिन उसमे सिल्ट भर जाने से अब उसकी गहराई सिर्फ 15 फीट रह गई है। उसमे भी पानी 5 से 7 फीट ही पानी रहता है। इससे तो एक दिन की सप्लाई संभव हो पाती है।
बाक्स
एक साल से अटका हुआ मोटी पाइप लाइन का काम
पूर्व पार्षद ने बताया कि नहर से वाटर वर्क्स तक 36 इंच की मोटी पाइप लाइन बिछाने का कार्य लगभग 1 साल पहले 1.25 करोड़ में हुआ था, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। लाइन पर जितना भी कार्य अभी तक हुआ है उसके तकनीकि खामियां है। जैसे की पाइप लाइन बिछाते वक्त बेड नहीं बिछाया गया, जिसकी वजह से पाइप में काफी हद तक मिट्टी घुस गई है। पानी नहर से जलघर तक पहुंच ही नहीं पाता, बल्कि व्यर्थ ही जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया, लेकिन अब तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया।
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पुराने शहर का सूख रहा हलक, गटर में बह रहा नहर का पानी
: निवर्तमान पार्षद ने समर्थकों सहित दिखाया पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को आइना
: आला अधिकारियों से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एक तरफ जहां पुराने शहर में पेयजल संकट बना हुआ है, दूसरी तरफ सोनीपत रोड पर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों की लापरवाही से नहर का पानी गटर में बह रहा है। इसके बावजूद नेता व बड़े आला अधिकारी आंख बंद किए हुए हैं। सोमवार को मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व पार्षद एवं आवाज एक अभियान के जिला संयोजक नौरातामल भटनागर ने ये आरोप लगाए।
संगठन के ब्लॉक प्रधान जसबीर सिंह, धर्म सिंह व मोनू की मौजूदगी में भटनागर ने कहा कि पुराने शहर के अंदर पाड़ा मोहल्ला, सलारा मोहल्ला, प्रधाना मोहल्ला, कायस्थान मोहल्ला, डेहरी मोहल्ला, शोरा कोठी, प्रेम नगर, प्रताप मोहल्ला, किला मोहल्ला एवं अन्य एरिया में जलघर नंबर एक से पानी की सप्लाई हो रही है। भटनागर ने बताया कि रोहतक शहर के लिए प्रथम जल घर का निर्माण आजादी से पहले सन 1931 में हुआ, वहीं जल घर जो उस समय की आबादी के लिए पर्याप्त था आज तक वही चला आ रहा है। जनसंख्या में 10 गुना वृद्धि हो चुकी है। सरकारें बदलती रही, लेकिन जलघर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। डेहरी मोहल्ला में पानी की कमी का ये आलम है की लोगों को तड़के 5 बजे उठ कर अपने घर से 1 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है तब उन्हें पेयजल मिल पता है। पता चला है कि पानी के टैंक की गहराई लगभग 30 से 35 फीट है लेकिन उसमे सिल्ट भर जाने से अब उसकी गहराई सिर्फ 15 फीट रह गई है। उसमे भी पानी 5 से 7 फीट ही पानी रहता है। इससे तो एक दिन की सप्लाई संभव हो पाती है।
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एक साल से अटका हुआ मोटी पाइप लाइन का काम
पूर्व पार्षद ने बताया कि नहर से वाटर वर्क्स तक 36 इंच की मोटी पाइप लाइन बिछाने का कार्य लगभग 1 साल पहले 1.25 करोड़ में हुआ था, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। लाइन पर जितना भी कार्य अभी तक हुआ है उसके तकनीकि खामियां है। जैसे की पाइप लाइन बिछाते वक्त बेड नहीं बिछाया गया, जिसकी वजह से पाइप में काफी हद तक मिट्टी घुस गई है। पानी नहर से जलघर तक पहुंच ही नहीं पाता, बल्कि व्यर्थ ही जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया, लेकिन अब तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया।
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