फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   हरीश

हरीश

Fri, 01 Jun 2018 02:48 AM IST
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
हरीश
सभा का 38 साल का बजट 5 करोड़ रुपये है तो 50 करोड़ का घोटाला कैसे हुआ : रामपाल आर्य
विज्ञापन

- आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान ने खुद पर लगे घोटाले के मामले में सोसायटी से केस वापस होने पर दी सफाई
- आचार्य विजयपाल बोले, मेरे पास घोटाले का प्रमाण नहीं था, इस कारण वापस लेना पड़ा केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आर्य प्रतिनिधि सभा में 50 करोड़ रुपये के गबन का कोई मामला नहीं है। सभा प्रधान पर सुनी सुनाई बात पर आरोप लगाया गया था। वर्ष 1975 से 2013 तक सभा का कुल बजट ही लगभग पांच करोड़ था। ऐसे में 50 करोड़ का गबन कैसे हो सकता है। सभा के पूर्व प्रधान आचार्य विजयपाल ने भी इस बारे में रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटीज में डाला केस वापस ले लिया है। यह कहना है आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान रामपाल आर्य का। वे वीरवार को दयानंद मठ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

पत्रकारवार्ता में सभा प्रधान ने कहा कि आचार्य विजयपाल ने आठ अप्रैल 2018 को उन पर 50 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगराया था। यह केस उन्होंने 18 मई को वापस ले लिया है। वर्ष 1975 में आर्य प्रतिनिधि सभा का गठन हुआ था। तब से वर्ष 2013 तक सभा का कुल बजट लगभग पांच करोड़ था। जबकि आरोप 50 करोड़ रुपये के गबन का लगाया गया। जो संभव ही नहीं है।
विज्ञापन

मेरे पास नहीं था प्रमाण : विजयपाल
मैने सुनी सनाई बातों के आधार पर आरोप लगाए थे। मेरे पास उन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं थे। इस कारण मुझे केस वापस लेना पड़ा।
आठ अप्रैल को सभा में 50 करोड़ के गबन का आरोप भी किसी और ने लगाया था। मीटिंग विधिवत तरीके से नहीं होने का मामला उठाने पर मुझ पर कीचड़ उछाला गया।
- आचार्य विजयपाल, पूर्व सभाप्रधान, आर्य प्रतिनिधि सभा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed