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नई फाइल

Thu, 07 Dec 2017 01:02 AM IST
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:02 AM IST
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नई फाइल
गांव में गंदगी, पेय जल आपूर्ति और कीचड़ की समस्याओं से लोग परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। क्षेत्र के गांव पौली में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इससे ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में पेयजल की समस्या और पानी की निकासी नहीं होने से गलियों में कीचड़ फैला हुआ है। इससे ग्रामीणों काफी परेशानी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विकास के मामले में गांव काफी पिछड़ा हुआ है। गांव के लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं। महिलाएं खेतों से पेयजल लाने को मजबूर हैं। गांव में करोड़ों रुपये का जल घर तो है, मगर घर-घर पानी की सप्लाई के लिए जमीनी पाइप-लाइन नहीं दबाई गई हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव में अब भी कई गलियों की हालत खस्ता है, जो कीचड़ से अटी हुई है, और पशुओं के लिए बने अस्पताल की हालत जर्जर है। मौत के साये में डाक्टर पशुओं का उपचार कर रहे हैं। उपचार के लिए ग्रामीणों को जुलाना, जींद या हिसार का रूख करना पड़ता है।
आवश्यकता के हिसाब से नही मिल रही ग्रांट गांव में विकास कार्याें के हिसाब से ग्रांट नहीं मिल रही। इससे गांव का विकास नही हो पा रहा है। ग्रांट कम मिल रहे हैं और गांव में विकास कार्यों की ज्यादा दरकार है। इसके अलावा गांव में स्टेडियम, कच्ची गलियों व गलियों की कमी हैं।
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सुंदर सिंह, सरपंच पौली।
गांव में है, निकासी व्यवस्था की समस्या
गांव पौली की गलियों में कीचड़ का मुख्य कारण है, कि गांव में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है, जिससे गलियों में कीचड़ फैला रहता हैं।
सतपाल, ग्रामीण।
बॉक्स
पेयजल की है, किल्लत, हैंडपंपों से चलाया जा रहा है, काम
गांव में पेयजल की किल्लत काफी समय से चली आ रही है। महिलाएं गांव के बाहर बने हैं हैंडपंप से ही पानी लाकर रसोई का काम करती है। गांव में करोड़ों रुपयों का जल घर बना हुआ है। लेकिन गांव में जल घर बनने के बाद एक दिन भी पीने लायक पानी ग्रामीणों को नहीं मिला है। प्रशासन के बार-बार गुहार लगाने के बावजूद भी पेयजल समस्या से छुटकारा नही मिला है।
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कुलबीर, ग्रामीण।
गांव में बने खेल भव्य स्टेडियम
गांव में खेल स्टेडियम की कमी है। खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी गांव में आज तक स्टेडियम तो बना है, लेकिन युवाओं को मिलने वाली सुविधाएं नहीं हैं। ग्रामीणों को तहसील के कामों के लिए जींद जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है, कि गांव में ग्राम सचिवालय बनना चाहिए।
जिले सिंह, पूर्व सरपंच
कसानों के जी का जंजाल
लिजवानां कलां से पौली गांव तक बनी ड्रेन किसानों के जी का जंजाल बनी हुई है। हर वर्ष लगभग 1200 एकड़ फसल बरसात के पानी से डूब जाती है, जिससे किसानों की गेहूं की बुआई भी नही हो पाती। किसानों की मांग है कि गांव की समस्या का समाधान किया

रमेश कुमार, ग्रामीण।
बॉक्स
पौली गांव में समस्याओं को लेकर विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
महावीर प्रसाद, एसडीएम जींद।
05जेएनडी 01 : पौली गांव में फैली गंदगी। 05जेएनडी 02 : गांव की समस्याओं पर विचार-विमर्श करते हुए ग्रामीण।
05जेएनडी 03 : गांव में सुखा पड़ा जलघर का टैंक।
05जेएनडी 04 : सुंदर सिंह, सरपंच पौली।
05जेएनडी 05 : सतपाल का फोटो।
05जेएनडी 06 : कुलबीर का फोटो।
05जेएनडी 07 : जिले सिंह पूर्व सरपंच।
05जेएनडी 08 : रमेश कुमार का फोटो।
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