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यूं तो लग जाएंगे राशन कार्ड बनाने में 10 साल

Sat, 25 Aug 2018 02:52 AM IST
Updated Sat, 25 Aug 2018 02:52 AM IST
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यूं तो लग जाएंगे राशन कार्ड बनाने में 10 साल
फोटो सहित.........
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फ्लैग : इतनी धीमी है चाल, चार लाख राशन कार्ड बनाने में लग जाएंगे 10 साल
हेडिंग : छह माह में मात्र एक हजार बने राशन कार्ड, बत्ती गुल तो कभी सर्वर ठप
: निगम पार्षद ने की खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कम्बोज से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जिला वासियों को नए राशन कार्ड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि जिस गति से कार्ड बनाए जा रहे हैं, उससे तो चार लाख राशन कार्ड बनाने में 10 साल लग जाएंगे। क्योंकि छह माह में मात्र 1 हजार कार्ड ही बन सके हैं। भाजपा पार्षद अशोक खुराना ने मामले की शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कम्बोज से उनके चंडीगढ़ कार्यालय में जाकर की है। मंत्री ने डीसी को हिदायत दी है कि व्यवस्था में सुधार करवाएं।
खुराना ने बताया कि शहर के अंदर 2005 में राशन कार्ड बने थे। अब 13 साल बाद नए कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने ऑनलाईन कार्यप्रणाली को अपनाना है। इसके लिए ई दिशा केन्द्र, कामन सर्विस सैंटर, अटल सेवा केन्द्र व सरल पोर्टल के माध्यम के लिए आवेदन किया जाता है। इसके बाद सभी कागजात संबधित खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में जमा करवाये जाते है। कभी सर्वर डाऊन, कभी नेटवर्क की दिक्कत तथा कभी डाटा उपलोड न होने की बात कहकर उपभोक्ताओं को कई-कई चक्कर कटवाये जाते हैं। अगर यह सभी भी कार्य पूर्ण हो जाये तो निरीक्षक फार्म की जांच करने के नाम पर अनावश्यक कागजात की मांग करते है। जबकि निरीक्षक को उपभोक्ताओं के घर जाकर जांच की जानी चाहिए। राशन कार्ड के लिए निर्धारित फीस 20 रुपये की रसीद के लिए पहले ऑनलाईन करवाओ, फिर ट्रेजरी में मोहर लगवाने के बाद बैंक में पैसे जमा करवाये जाते है। तब सारे कागज पर राशन कार्ड बनाकर दिया जाता है। दूसरा राशनकार्ड आन लाइन प्रिंट करके निकाला जाता है, इसके लिए जो कागज भेजा गया है, उसका साफ प्रिंट नहीं आ रहा। इस तरह इतनी कसरत के बाद मिलता है जुगाड़ का राशन कार्ड।
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विभाग ने अलग नहीं किया कार्डों का डाटा
शिकायत में बताया गया है कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने पीले, गुलाबी व खाकी कार्ड बनाकर जो भेज दिए, लेकिन उनका डाटा अपडेट नहीं किया। इस कारण 1 लाख राशन कार्ड कई महीनों से विभाग के धुल फांक रहे है। अगर राशन कार्ड बनवाने की यही गति रही तो पूरे जिले के राशनकार्ड जो कि लगभग 4 लाख है बनाने में कई दशक लग जायेंगे।
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एक छत के नीचे करवाएं डीसी व्यवस्था
शिकायत के बाद खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने डीसी रोहतक से बात की और हिदायत दी कि राशनकार्ड में आ रही सभी समस्याओं का हल एक छत के नीचे करने व 20 रुपये की फीस कार्यालय में जमा करवाने की व्यवस्था करवाएं।
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