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जूतों के शोरूम में आग
Updated Mon, 18 Jun 2018 02:52 AM IST
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दमकल कर्मियों को तीन साल से नहीं मिली वर्दी, कर्मचारियों पास जूते, ग्लव्ज व हेलमेट तक नहीं
- बाबरा मोहल्ले में जूते की दुकान में लगी आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों के पास नजर आया सुविधाओं का अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
धधकती आग से दूसरों की जान व माल बचाने वाले दमकल कर्मी खुद रिस्क पर हैं। इन कर्मचारियों के पास आग से बचाव सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। यही नहीं पिछले तीन साल से इन्हें वर्दी तक नहीं मिली है। नगर निगम के तहत आने वाले इस महकमे की ओर किसी ने ध्यान भी नहीं दिया है। हालात ये रहे कि रविवार को शहर के बाबरा मोहल्ला स्थित जूतों की दुकान में आग बुझाने के लिए ये कर्मचारी बगैर हेलमेट, जूते, ग्लव्ज, मास्क व वर्दी के ही पहुंचे।
दमकल विभाग के कर्मचारी पिछले करीब तीन से चार वर्षों से बदहाली का शिकार हैं। यहां संसाधनों का अभाव साफ नजर आता है। आग सरीखी घटना से जनता की सुरक्षा करने वाले दमकल कर्मचारी ही नहीं अधिकारियों की भी कमी है। दमकल वाहनों की संख्या भी 18 से घटकर महज 11 रह गई हैं। इनमें से नौ बड़े व दो छोटे वाहन हैं। हालात ऐसे हैं कि इन कर्मचारियों के पास पहनने के लिए वर्दी तक नहीं है। यह वर्दी विभाग की ओर से खरीदी ही नहीं गई है। इस कारण कर्मचारियों को अपने कपड़े ही पहनने पड़ते हैं। रविवार को भी ये कर्मचारी शर्ट, टी-शर्ट व कुर्ता पायजा पहने नजर आए।
खांसते नजर आए कर्मचारी
आग के कारण उठे धुआं के गुबार ने लोगों का दम घोंटने का काम किया। दमकल कर्मचारी तक खुद को राहत देने के लिए जोरजोर से खांसते नजर आए। इसकी वजह उनके पास मास्क नहीं होना रहा। हालांकि प्रशासनिक मॉक ड्रिल के दौरान इन कर्मचारियों को हर सामान मुहैया कराया जाता है। इसमें हेलमेट, ग्लव्ज, जूते व अन्य सामान शामिल है, मगर रविवार को ऐसा कुछ नजर नहीं आया। दमकल विभाग में वाहनों के साथ कर्मचारियों का भी टोटा बना हुआ है।
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लीकेज से बर्बाद हुआ पानी
दमकल वाहनों से घटना स्थल तक पानी पहुंचने वाले पाइप जर्जर हाल हैं। इन पाइपों में जगह-जगह छेद हुए पड़े हैं। इन लीक पाइप के चलते आग बुझाने के लिए पूरे प्रेशर से पानी नहीं मिल पाया। यही नहीं पानी की बर्बादी भी हुई। कर्मचारी हाथों से कपड़ा लगाकर लीकेज रोकने का प्रयास करते नजर आए। वाहन से जुड़े पाइप से भी बेहद तेजी से पानी जमीन पर गिरता रहा। शायद यही वजह रही कि एक के बाद एक 25 गाड़ी पानी आग बुझाने में इस्तेमाल हुआ।
वर्जन :
बाबरा मौहल्ला में जूतों की दुकान में आग लगने की जानकारी मिलने के कुछ ही देर में टीम मौके पर पहुंच गई थी। दमकल के 30 कर्मचारियों ने करीब साढ़े छह घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। इस दौरान 25 गाड़ी पानी लगा। कुछ कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। ज्यादातर के पास यह सामान है। इस सामान की इस हादसे में जरूरत नहीं पड़ी। इसलिए इनका इस्तेमाल नहीं किया गया। वर्दी विभाग से नहीं मिली है।
संजीव डागर, सब फायर ऑफिसर इंजार्च, दमकल विभाग।
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- बाबरा मोहल्ले में जूते की दुकान में लगी आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों के पास नजर आया सुविधाओं का अभाव
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
धधकती आग से दूसरों की जान व माल बचाने वाले दमकल कर्मी खुद रिस्क पर हैं। इन कर्मचारियों के पास आग से बचाव सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। यही नहीं पिछले तीन साल से इन्हें वर्दी तक नहीं मिली है। नगर निगम के तहत आने वाले इस महकमे की ओर किसी ने ध्यान भी नहीं दिया है। हालात ये रहे कि रविवार को शहर के बाबरा मोहल्ला स्थित जूतों की दुकान में आग बुझाने के लिए ये कर्मचारी बगैर हेलमेट, जूते, ग्लव्ज, मास्क व वर्दी के ही पहुंचे।
दमकल विभाग के कर्मचारी पिछले करीब तीन से चार वर्षों से बदहाली का शिकार हैं। यहां संसाधनों का अभाव साफ नजर आता है। आग सरीखी घटना से जनता की सुरक्षा करने वाले दमकल कर्मचारी ही नहीं अधिकारियों की भी कमी है। दमकल वाहनों की संख्या भी 18 से घटकर महज 11 रह गई हैं। इनमें से नौ बड़े व दो छोटे वाहन हैं। हालात ऐसे हैं कि इन कर्मचारियों के पास पहनने के लिए वर्दी तक नहीं है। यह वर्दी विभाग की ओर से खरीदी ही नहीं गई है। इस कारण कर्मचारियों को अपने कपड़े ही पहनने पड़ते हैं। रविवार को भी ये कर्मचारी शर्ट, टी-शर्ट व कुर्ता पायजा पहने नजर आए।
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खांसते नजर आए कर्मचारी
आग के कारण उठे धुआं के गुबार ने लोगों का दम घोंटने का काम किया। दमकल कर्मचारी तक खुद को राहत देने के लिए जोरजोर से खांसते नजर आए। इसकी वजह उनके पास मास्क नहीं होना रहा। हालांकि प्रशासनिक मॉक ड्रिल के दौरान इन कर्मचारियों को हर सामान मुहैया कराया जाता है। इसमें हेलमेट, ग्लव्ज, जूते व अन्य सामान शामिल है, मगर रविवार को ऐसा कुछ नजर नहीं आया। दमकल विभाग में वाहनों के साथ कर्मचारियों का भी टोटा बना हुआ है।
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लीकेज से बर्बाद हुआ पानी
दमकल वाहनों से घटना स्थल तक पानी पहुंचने वाले पाइप जर्जर हाल हैं। इन पाइपों में जगह-जगह छेद हुए पड़े हैं। इन लीक पाइप के चलते आग बुझाने के लिए पूरे प्रेशर से पानी नहीं मिल पाया। यही नहीं पानी की बर्बादी भी हुई। कर्मचारी हाथों से कपड़ा लगाकर लीकेज रोकने का प्रयास करते नजर आए। वाहन से जुड़े पाइप से भी बेहद तेजी से पानी जमीन पर गिरता रहा। शायद यही वजह रही कि एक के बाद एक 25 गाड़ी पानी आग बुझाने में इस्तेमाल हुआ।
वर्जन :
बाबरा मौहल्ला में जूतों की दुकान में आग लगने की जानकारी मिलने के कुछ ही देर में टीम मौके पर पहुंच गई थी। दमकल के 30 कर्मचारियों ने करीब साढ़े छह घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। इस दौरान 25 गाड़ी पानी लगा। कुछ कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। ज्यादातर के पास यह सामान है। इस सामान की इस हादसे में जरूरत नहीं पड़ी। इसलिए इनका इस्तेमाल नहीं किया गया। वर्दी विभाग से नहीं मिली है।
संजीव डागर, सब फायर ऑफिसर इंजार्च, दमकल विभाग।