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तीन दिन तक शव को कार में घुमाते रहे युवक
Updated Fri, 12 Jan 2018 02:49 AM IST
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पार्टी कर रहे दोस्तों ने युवक को दी लिफ्ट, हादसे में हुई मौत तो ठिकाने लगाने के लिए तीन दिन तक डिग्गी में शव रख घूमते रहे आरोपी, गिरफ्तार
- लाखनमाजरा में गोहाना रोड बाईपास स्थित कॉलोनी के पास गाड़ी में शव होने से मचा हड़कंप, हुआ खुलासा
- मृतक के परिजनों ने बेटे के लापता होने की लिखाई थी रिपोर्ट, लिफ्ट देने वाले युवकों की कार पेड़ से टकराने से युवक की हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
महम/लाखनमाजरा।
पार्टी के जश्न में डूबे युवकों की लापरवाही से युवक की जान चली गई। पेड़ से कार टकराने की वजह से युवक की मौत हो गई। बाद में आरोपी डरे सहमे पुलिस से बचने के लिए के शव को खुर्द बुर्द करने के इरादे से तीन दिन तक कार में रखकर घूमते रहे। जब मौका नहीं लगा तो आरोपी शव को कार में ही रखकर छोड़कर फरार हो गए। वीरवार को लाखनमाजरा गोहाना रोड बाईपास स्थित कॉलोनी में खड़ी कार में लोगों ने जब युवक का शव देखा तो हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने वारदात में शामिल कार को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जब आरोपी पकड़े गए तो कहानी का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथा मुख्य आरोपी फरार है। शव की पहचान मोखरा निवासी राजबीर के रूप में हुई। परिजनों ने दो दिन पहले ही राजबीर के लापता होने की शिकायत महम थाने में दी थी। वहीं तीन दिन तक कार में शव रखकर रोहतक के कई चौराहों और नाकों से गुजरे आरोपियों ने पुलिस जांच पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस ने जब कार की जांच की और आरोपियों तक पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप, दीपक, धर्मबीर को हिरासत में लिया है जबकि मोनू अभी फरार है। पुलिस का मानना है कि बीमा न होने और फंसने के डर से कार सवार युवक शव को डिग्गी में रखकर घूम रहे थे। महम थाना पुलिस ने राजबीर के पिता के बयान पर मोनू सहित चार लोगों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों कार कब्जे में लेने के साथ ही मोनू की तलाश शुरू कर दी है।
ये था मामला
महम थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि मुरादपुर टेकना निवासी दीपक अपने दोस्त मोनू, संदीप, धर्मबीर और प्रदीप के साथ गांव में बैठकर आठ जनवरी की शाम को शराब पी रहे थे। इस दौरान खाने-पीने का सामान खत्म हो जाने पर दीपक ने मोनू और प्रदीप को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार संख्या एचआर-15 सी-0852 से रात में सामान लेने के लिए लाली बाजार भेजा। जहां से वह सामान लेकर वापस आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मोखरा गांव के रहने वाले राजबीर ने उनसे लिफ्ट ली। मोखरा गांव से पहले ही कार एक पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में राजबीर और प्रदीप घायल हो गया। मोनू ने घटना की जानकारी दीपक को दी। दीपक, धर्मबीर और संदीप के साथ फोर्ड फिगो कार लेकर मौके पर आया। राजबीर के शव को डिग्गी में रख कर चारों पीजीआई चल दिए। रास्ते में जब राजबीर की मौत हो गई तो वह उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े। वहीं घायल प्रदीप को उपचार के लिए छोड़ दिया।
जब राजबीर नहीं पहुंचा घर तो परिजनों ने दी शिकायत
मोखरा गांव निवासी राजबीर (32) पुत्र महेंद्र पेशे से चालक था। लाहली गांव में किसी के यहां पर नौकरी करता था। 8 जनवरी को मालिक के यहां से घर जाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में राजबीर लापता हो गया था। परिजनों ने उसे तलाश भी किया मगर उसका कोई पता नहीं लग सका था। 10 जनवरी को परिजनों ने महम थाने पर मामले की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
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पुलिस की खुली पोल, चेकिंग तक नहीं
मोखरा गांव निवासी राजबीर की मौत के मामले ने रोहतक के अलावा लाखन माजरा पुलिस की भी पोल खोलकर रख दी है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन तक कार सवार बीमा नही होने के कारण कार को रोहतक के अलावा लाखन माजरा आदि स्थानों पर घूमाते रहे। रोहतक व लाखन माजरा की दूरी करीब 18 किलोमीटर है। मगर किसी भी थाने की पुलिस ने कार को रुकवाकर चेकिंग करना तक मुनासिब नही समझा। जबकि पुलिस अधिकारी दिन से लेकर रात में वाहनों की चेकिंग करने का दावा करते नही थकते हैं।
वर्जन----
मामला 8 जनवरी की रात का है। राजबीरलाहडी से लिफ्ट लेकर कार में बैठा था। रास्ते में कार के पेड़ से टकराने के कारण उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार चार आरोपी शव को तीन दिन तक कार की डिग्गी में रख कर घूमाते रहे। लेकिन तीन गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि चौथा अभी तक फरार है और पांचवें साथी को तफ्तीश में शामिल किया जाएगा। आरोप है कि युवक नशे में थे, हालांकि इसकी भी जांच की जा रही है।
- रमेश कुमार, थाना प्रभारी, महम
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- लाखनमाजरा में गोहाना रोड बाईपास स्थित कॉलोनी के पास गाड़ी में शव होने से मचा हड़कंप, हुआ खुलासा
- मृतक के परिजनों ने बेटे के लापता होने की लिखाई थी रिपोर्ट, लिफ्ट देने वाले युवकों की कार पेड़ से टकराने से युवक की हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
महम/लाखनमाजरा।
पार्टी के जश्न में डूबे युवकों की लापरवाही से युवक की जान चली गई। पेड़ से कार टकराने की वजह से युवक की मौत हो गई। बाद में आरोपी डरे सहमे पुलिस से बचने के लिए के शव को खुर्द बुर्द करने के इरादे से तीन दिन तक कार में रखकर घूमते रहे। जब मौका नहीं लगा तो आरोपी शव को कार में ही रखकर छोड़कर फरार हो गए। वीरवार को लाखनमाजरा गोहाना रोड बाईपास स्थित कॉलोनी में खड़ी कार में लोगों ने जब युवक का शव देखा तो हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने वारदात में शामिल कार को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जब आरोपी पकड़े गए तो कहानी का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चौथा मुख्य आरोपी फरार है। शव की पहचान मोखरा निवासी राजबीर के रूप में हुई। परिजनों ने दो दिन पहले ही राजबीर के लापता होने की शिकायत महम थाने में दी थी। वहीं तीन दिन तक कार में शव रखकर रोहतक के कई चौराहों और नाकों से गुजरे आरोपियों ने पुलिस जांच पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस ने जब कार की जांच की और आरोपियों तक पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप, दीपक, धर्मबीर को हिरासत में लिया है जबकि मोनू अभी फरार है। पुलिस का मानना है कि बीमा न होने और फंसने के डर से कार सवार युवक शव को डिग्गी में रखकर घूम रहे थे। महम थाना पुलिस ने राजबीर के पिता के बयान पर मोनू सहित चार लोगों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों कार कब्जे में लेने के साथ ही मोनू की तलाश शुरू कर दी है।
ये था मामला
महम थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि मुरादपुर टेकना निवासी दीपक अपने दोस्त मोनू, संदीप, धर्मबीर और प्रदीप के साथ गांव में बैठकर आठ जनवरी की शाम को शराब पी रहे थे। इस दौरान खाने-पीने का सामान खत्म हो जाने पर दीपक ने मोनू और प्रदीप को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार संख्या एचआर-15 सी-0852 से रात में सामान लेने के लिए लाली बाजार भेजा। जहां से वह सामान लेकर वापस आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मोखरा गांव के रहने वाले राजबीर ने उनसे लिफ्ट ली। मोखरा गांव से पहले ही कार एक पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में राजबीर और प्रदीप घायल हो गया। मोनू ने घटना की जानकारी दीपक को दी। दीपक, धर्मबीर और संदीप के साथ फोर्ड फिगो कार लेकर मौके पर आया। राजबीर के शव को डिग्गी में रख कर चारों पीजीआई चल दिए। रास्ते में जब राजबीर की मौत हो गई तो वह उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े। वहीं घायल प्रदीप को उपचार के लिए छोड़ दिया।
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जब राजबीर नहीं पहुंचा घर तो परिजनों ने दी शिकायत
मोखरा गांव निवासी राजबीर (32) पुत्र महेंद्र पेशे से चालक था। लाहली गांव में किसी के यहां पर नौकरी करता था। 8 जनवरी को मालिक के यहां से घर जाते समय संदिग्ध परिस्थितियों में राजबीर लापता हो गया था। परिजनों ने उसे तलाश भी किया मगर उसका कोई पता नहीं लग सका था। 10 जनवरी को परिजनों ने महम थाने पर मामले की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
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पुलिस की खुली पोल, चेकिंग तक नहीं
मोखरा गांव निवासी राजबीर की मौत के मामले ने रोहतक के अलावा लाखन माजरा पुलिस की भी पोल खोलकर रख दी है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन तक कार सवार बीमा नही होने के कारण कार को रोहतक के अलावा लाखन माजरा आदि स्थानों पर घूमाते रहे। रोहतक व लाखन माजरा की दूरी करीब 18 किलोमीटर है। मगर किसी भी थाने की पुलिस ने कार को रुकवाकर चेकिंग करना तक मुनासिब नही समझा। जबकि पुलिस अधिकारी दिन से लेकर रात में वाहनों की चेकिंग करने का दावा करते नही थकते हैं।
वर्जन----
मामला 8 जनवरी की रात का है। राजबीरलाहडी से लिफ्ट लेकर कार में बैठा था। रास्ते में कार के पेड़ से टकराने के कारण उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार चार आरोपी शव को तीन दिन तक कार की डिग्गी में रख कर घूमाते रहे। लेकिन तीन गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि चौथा अभी तक फरार है और पांचवें साथी को तफ्तीश में शामिल किया जाएगा। आरोप है कि युवक नशे में थे, हालांकि इसकी भी जांच की जा रही है।
- रमेश कुमार, थाना प्रभारी, महम