फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   निजी स्कूलों में फार्म-6 दिए बगैर फीस बढ़ाने की तैयारी, शिक्षा विभाग बेपरवाह

निजी स्कूलों में फार्म-6 दिए बगैर फीस बढ़ाने की तैयारी, शिक्षा विभाग बेपरवाह

Wed, 14 Mar 2018 02:55 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 02:55 AM IST
विज्ञापन
निजी स्कूलों में फार्म-6 दिए बगैर फीस बढ़ाने की तैयारी, शिक्षा विभाग बेपरवाह
नोट : इसमें लोगो प्रयोग करें।
विज्ञापन

आज से ही स्कूली शिक्षा को लेकर अमर उजाला का अभियान शुरू किया जा रहा है। यह अप्रैल महीने तक जारी रहेगा।
----

निजी स्कूलों में फॉर्म-6 दिए बगैर फीस बढ़ाने की तैयारी, शिक्षा विभाग बेपरवाह
नए शैक्षणिक सत्र के लिए 31 दिसंबर से पहले जमा कराना होता है फॉर्म-6
पिछले साल भी निजी स्कूलों ने नियमों के विरुद्ध मनमर्जी फीस बढ़ाकर डाला अभिभावकों की जेब पर डाका
विकास सैनी
रोहतक
प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा नया शैक्षणिक सत्र अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ेगा। बच्चों को शिक्षित बनाने के नाम पर अभिभावकों से मनमाफिक फीस वसूली जाएगी। शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था और निजी स्कूलों की मनमानी कुछ यही बयां कर रही है। नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से पहले शिक्षा विभाग को दी जाने वाली सूचना अब तक नहीं पहुंची है। जिले के करीब 400 निजी स्कूलों में से ज्यादातर ने अब तक फॉर्म-6 जमा नहीं कराया है। इस ओर से विभाग के अधिकारी अब तक अनजान बने हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों का हंगामा और धरने प्रदर्शन इस बार भी होने की प्रबल संभावना है।
फॉर्म-6 जमा कराना जरूरी
निजी स्कूलों के लिए नए शैक्षणिक सत्र में वसूली जाने वाली फीस का खाका पहले ही तैयार करना होता है। नए सत्र में फीस वसूलने को लेकर फॉर्म-6 में ब्योरा भरना होता है। यह आवेदन 31 दिसंबर तक शिक्षा विभाग में पास जमा करना होता है। शिक्षा विभाग से मंजूरी मिलने पर ही कोई स्कूल बढ़ी फीस लागू कर सकता है। शिक्षा अधिकारी को बढ़ाई गई फीस वापस करानी होती है। इसके बगैर फीस बढ़ाने पर स्कूल की शिकायत की जा सकती है। पुलिस में भी शिकायत देकर केस दर्ज कराने का प्रावधान है।
विज्ञापन

क्या है फॉर्म-6
शिक्षा विभाग के नियमों के तहत निजी स्कूलों को हर वर्ष फॉर्म-6 भरना जरूरी है। यह निजी स्कूलों में वसूली जाने वाली फीस पर नियंत्रण रखने के लिए लागू किया गया है। फीस के अलावा फॉर्म में स्कूलों से जुड़ी हर जानकारी देनी होती है। इसमें स्टाफ की स्थिति, उनका वेतन, स्कूल भवन, मूलभूत सुविधाएं व अन्य जरूरी जानकारी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

169 स्कूलों ने पिछले साल जमा कराया था फॉर्म-6
जिले में करीब 400 स्कूल हैं। इनमें से महज 169 ने ही पिछले वर्ष फॉर्म-6 जमा कराया था। इसके बावजूद सभी स्कूलों ने फीस वृद्धि की। यह फीस भी 300 से 900 रुपये तक बढ़ाई गई। यही हाल इस वर्ष नजर आ रहा है। इस बार कुछ स्कूलों में 500 से तीन हजार रुपये बढ़ाने की तैयारी है।
वर्जन :
निजी स्कूलों में फीस वृद्धि को लेकर नियमों की पालना नहीं हो रही है। मनमर्जी से फीस बढ़ाई जा रही है। जबकि नियमानुसार फीस वृद्धि के लिए फॉर्म-6 जमा कराना जरूरी है। इसके बगैर स्कूल एक रुपया नहीं बढ़ा सकता है। पिछले वर्ष कई स्कूलों में यह गड़बड़ी पकड़ी गई। इस बारे में उपायुक्त से शिकायत की गई है।
-यशवंत, अध्यक्ष, अभिभावक संघ।
वर्जन :
स्कूलों का खर्च फीस से निकलता है। शिक्षकों का वेतन, बिजली व अन्य खर्च भी इसी से निकलते हैं। इसलिए विद्यार्थियों से फीस ली जाती है। ज्यादातर स्कूल फीस वृद्धि नहीं करते हैं। कुछ स्कूल अपनी स्थिति के हिसाब से थोड़ा परिवर्तन करते हैं। यह फैसला भी नियमानुसार ही किया जाता है। फॉर्म-6 भरा जा रहा है।

-रवींद्र नांदल, अध्यक्ष, निजी स्कूल एसोसिएशन।
वर्जन :
निजी स्कूलों को फॉर्म-6 भरना जरूरी है। इसके लिए 31 दिसंबर तक का समय रहता है। इस बार ऑनलाइन फॉर्म-6 भरे गए हैं। कितने स्कूलों ने फार्म जमा नहीं कराए हैं, इसकी अभी जानकारी नहीं है। इस संबंध में 15 मार्च को निजी स्कूलों की बैठक बुलाई गई है। व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा।
-सुनीता रुहिल, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed