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शहर में खौफ का पर्याय बनी 25 कंडम बिल्डिंग
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शहर में 25 कंडम बिल्डिंग खौफ का दूसरा नाम बन चुकी हैं। जमकर बारिश होते ही बिल्डिंग भरभराकर पड़ोसियों के मकानों पर गिरकर काल बन सकती हैं। बावजूद इसके नगर निगम प्रशासन कागजों में ही बिल्डिंग गिराने की लड़ाई लड़ रहा है। यह कहना है कि किला रोड व आसपास के मोहल्ले के लोगों का, जो हर पल मौत के साये जी रहे हैं। परेशान लोग कहते हैं कि निगम के अधिकारी फिल्मी अंदाज में उनकी शिकायत पकड़कर कहते हैं कि जाओ, आपका काम हो जाएगा, लेकिन एक दशक बाद भी बिल्डिंग नहीं हटी। वे चाहते हैं कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी एक दिन किला रोड बाजार व आसपास के मोहल्ले में आकर रहें। तब पता लगेगा कि मौत का डर क्या होता है।
रोहतक ऐतिहासिक शहर है, जहां पुराने एरिया में दशकों पुरानी बिल्डिंग हैं। कई बिल्डिंग मालिक पुराने मकान छोड़कर दूसरी जगह या दूसरे शहरों में चले गए हैं। पीछे से रखरखाव के अभाव व ज्यादा पुरानी होने के कारण कई बिल्डिंग गिरने की कगार पर हैं। 8 साल पहले रेलवे रोड पर एक बिल्डिंग का अगला हिस्सा ताश खेल रहे लोगों पर गिर गया था, जिसके नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय कागजों में तो निगम ने ताबड़तोड़ अभियान चलाया। कई अधिकारी नियुक्त किए गए, लेकिन अब तक बिल्डिंगों को गिराया नहीं गया। अब निगम के रिकार्ड में 25 बिल्डिंग ऐसी हैं, जिनको कंडम करार दिया जा चुका है।
ये बोले खौफ में रह रहे नागरिक
शिकायत करने जाते है, तो फिल्मी अंदाज में अधिकारी शिकायत पत्र को पकड़ते है। कहते है कि आप जाओ आपका काम हो जाएगा, लेकिन कोई कार्रवाई नही कर रहे।
सुरेश विज, किला मोहल्ला
बच्चों का भी घर से निकलना बंद हो गया है। डर के मारे बच्चे भी घर से बाहर नही निकल रहे है। सारा दिन घर में होने के कारण बच्चे पार्कों में जाने की जिद करते है, लेकिन हमारे पास टाइम न होने के कारण बच्चे नाराज हो जाते हैं।
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सुभाष कुमार, किला मोहल्ला वासी
प्रशासन का कोई अधिकारी आकर रहे यहां तब पता लगेगा की डर के माहौल में कैसे रहा जाता है। हर रोज कुछ न कुछ कंडम बिल्डिंग का मलबा गिरता रहता है। डर लगने लगता है की कब बिल्डिंग मौत बनकर उनके घरों पर आ न करे।
विक्की सिंह, किला रोड
इमारतों के मालिकों का कंडम बिल्डिंगों की तरफ कोई ध्यान नही है। वे जहां भी रह रहे है, जहां बिल्कुल सेफ है। उनको हमारी क्यों चिंता होगी। कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा।
मूर्ति देवी, किला रोड
ट्रूक यूनियन की गिरी दीवार, कार क्षतिग्रस्त
वीरवार सुबह नौ बजे हिसार बाईपास के नजदीक स्थित ट्रूक यूनियन कार्यालय की दीवार अचानक भरभराकर गली में खड़ी कार व दूसरे वाहनों पर आ गिरी। इससे न केवल कार क्षतिग्रस्त हो गई, बल्कि दीवार के साथ सटे खोखे से एक मिनट पहले चाय वाला व तीन ट्रक चालक उठकर गए थे। बता दें कि एक माह पहले भी दीवार का कुछ हिस्सा गिर गया था। बावजूद इसके दीवार की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। गढ़ी बोहर मिस्त्री शमशेर ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अपनी दुकान पर आ गया था। हर रोज की तरह दीवार के पास कार खड़ी कर दी। साढ़े ग्यारह बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। बाहर निकल कर देखा तो ट्रक यूनियन की दीवार कार के ऊपर गिरी हुई थी। साथ लगती चाय की दुकान पर भी ईंटे गिरी।
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रोहतक ऐतिहासिक शहर है, जहां पुराने एरिया में दशकों पुरानी बिल्डिंग हैं। कई बिल्डिंग मालिक पुराने मकान छोड़कर दूसरी जगह या दूसरे शहरों में चले गए हैं। पीछे से रखरखाव के अभाव व ज्यादा पुरानी होने के कारण कई बिल्डिंग गिरने की कगार पर हैं। 8 साल पहले रेलवे रोड पर एक बिल्डिंग का अगला हिस्सा ताश खेल रहे लोगों पर गिर गया था, जिसके नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय कागजों में तो निगम ने ताबड़तोड़ अभियान चलाया। कई अधिकारी नियुक्त किए गए, लेकिन अब तक बिल्डिंगों को गिराया नहीं गया। अब निगम के रिकार्ड में 25 बिल्डिंग ऐसी हैं, जिनको कंडम करार दिया जा चुका है।
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ये बोले खौफ में रह रहे नागरिक
शिकायत करने जाते है, तो फिल्मी अंदाज में अधिकारी शिकायत पत्र को पकड़ते है। कहते है कि आप जाओ आपका काम हो जाएगा, लेकिन कोई कार्रवाई नही कर रहे।
सुरेश विज, किला मोहल्ला
बच्चों का भी घर से निकलना बंद हो गया है। डर के मारे बच्चे भी घर से बाहर नही निकल रहे है। सारा दिन घर में होने के कारण बच्चे पार्कों में जाने की जिद करते है, लेकिन हमारे पास टाइम न होने के कारण बच्चे नाराज हो जाते हैं।
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सुभाष कुमार, किला मोहल्ला वासी
प्रशासन का कोई अधिकारी आकर रहे यहां तब पता लगेगा की डर के माहौल में कैसे रहा जाता है। हर रोज कुछ न कुछ कंडम बिल्डिंग का मलबा गिरता रहता है। डर लगने लगता है की कब बिल्डिंग मौत बनकर उनके घरों पर आ न करे।
विक्की सिंह, किला रोड
इमारतों के मालिकों का कंडम बिल्डिंगों की तरफ कोई ध्यान नही है। वे जहां भी रह रहे है, जहां बिल्कुल सेफ है। उनको हमारी क्यों चिंता होगी। कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा।
मूर्ति देवी, किला रोड
ट्रूक यूनियन की गिरी दीवार, कार क्षतिग्रस्त
वीरवार सुबह नौ बजे हिसार बाईपास के नजदीक स्थित ट्रूक यूनियन कार्यालय की दीवार अचानक भरभराकर गली में खड़ी कार व दूसरे वाहनों पर आ गिरी। इससे न केवल कार क्षतिग्रस्त हो गई, बल्कि दीवार के साथ सटे खोखे से एक मिनट पहले चाय वाला व तीन ट्रक चालक उठकर गए थे। बता दें कि एक माह पहले भी दीवार का कुछ हिस्सा गिर गया था। बावजूद इसके दीवार की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। गढ़ी बोहर मिस्त्री शमशेर ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अपनी दुकान पर आ गया था। हर रोज की तरह दीवार के पास कार खड़ी कर दी। साढ़े ग्यारह बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। बाहर निकल कर देखा तो ट्रक यूनियन की दीवार कार के ऊपर गिरी हुई थी। साथ लगती चाय की दुकान पर भी ईंटे गिरी।