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Rohtak News: गीतांजलि एन्क्लेव के 22 परिवारों को सता रहा मकान खोने का डर
Thu, 09 Jul 2026 07:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 Jul 2026 07:46 AM IST
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14-गीतांजलि एन्क्लेव में फ्रॉड की आपबीती बताते कॉलोनीवासी । संवाद
रोहतक। गीतांजलि एन्क्लेव कॉलोनी के 22 परिवारों को अपनी छत खोने का डर सता रहा है। इन परिवारों ने बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सीटीएम को शिकायत दी।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि 10 से 12 वर्ष पहले प्लॉट खरीदते समय उन्हें बताया गया था कि जमीन नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से स्वीकृत है। हालांकि, बाद में यह जानकारी गलत निकली।
कानूनी विवाद और अनियमितताएं
पीड़ित लक्की सचदेवा के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले उन्हें पता चला कि जिस जमीन पर उनके मकान बने हैं उसका स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति के नाम है। इसके बाद यह मामला न्यायालय में पहुंच गया। सूबेदार मंगल सिंह ने बताया कि उनके प्लॉटों की रजिस्ट्री तो हो गई लेकिन आज तक इंतकाल नहीं हुआ है। रजिस्ट्री में दर्ज खसरा नंबर और मौके पर दी गई जमीन में भी अंतर है। आरोप है कि खसरा नंबर किसी अन्य स्थान का है जबकि कब्जा दूसरी जमीन पर दिया गया है।
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उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। परिवारों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्दोष परिवारों को राहत देने की अपील की है।
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कॉलोनीवासियों का आरोप है कि 10 से 12 वर्ष पहले प्लॉट खरीदते समय उन्हें बताया गया था कि जमीन नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से स्वीकृत है। हालांकि, बाद में यह जानकारी गलत निकली।
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कानूनी विवाद और अनियमितताएं
पीड़ित लक्की सचदेवा के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले उन्हें पता चला कि जिस जमीन पर उनके मकान बने हैं उसका स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति के नाम है। इसके बाद यह मामला न्यायालय में पहुंच गया। सूबेदार मंगल सिंह ने बताया कि उनके प्लॉटों की रजिस्ट्री तो हो गई लेकिन आज तक इंतकाल नहीं हुआ है। रजिस्ट्री में दर्ज खसरा नंबर और मौके पर दी गई जमीन में भी अंतर है। आरोप है कि खसरा नंबर किसी अन्य स्थान का है जबकि कब्जा दूसरी जमीन पर दिया गया है।
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उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। परिवारों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्दोष परिवारों को राहत देने की अपील की है।