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रोहतक एग्रो समिट में भेजी 30 रोडवेज बसें, बूथों पर भटकते रहे यात्री
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:49 AM IST
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रोहतक एग्रो समिट में भेजी 30 रोडवेज बसें, बूथों पर भटकते रहे यात्री
चरखी दादरी।
रोहतक में आयोजित एग्रो समिट में 30 बसें जाने से चरखी दादरी जिले में परिवहन सेवा चरमरा गई। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान रोडवेज अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कई लंबे व लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के फेेरों में फेेरबदल किया। इसके बावजूद यात्रियों को घंटों तक बूथों पर बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों ने रोहतक एग्रो समिट के लिए दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी-सतनाली, दादरी-कनीना, दादरी-लोहारू व दादरी-चंडीगढ़ बस सेवाओं में कटौति की। जिले से करीब 1300 किसान 30 बसों में सवार होकर एग्रो समिट में हिस्सा लेने रोहतक पहुंचे।
जानकारी के अनुसार डिपो में 147 बसें नियमित रूप से लंबे व लोकल रूटों पर चलती हैं। सुबह ही ये बसें विभिन्न गांवों में पहुंच गई ताकि किसानों को बसों में सवार कर रोहतक पहुंचाया जा सके। इससे डिपो में परिवहन सेवा चरमराई गई। वैसे भी चालक-परिचालकों के लंबे समय से पद रिक्त होने की वजह से करीब 15 बसें डिपो में खड़ी हैं इस वजह से परिवहन सेवा पहले से ही लचर बनी हुई है।
चंडीगढ़ रूट पर एक तो दिल्ली रूट पर नहीं चली दो बसें
इससे लंबे रूट की बस सेवा भी बाधित रही। चंडीगढ़ रोजाना चार बसें चलती थी लेकिन रविवार को तीन बसें ही चलाई गई। इसी प्रकार जयपुर रोजाना चार बसें चलती थी लेकिन रविवार को दो ही बसें भेजी गई। दिल्ली रूट पर रोजाना 10 बसें चलती थी लेकिन आठ बसें ही चलाई गई। इस प्रकार लंबे रूट की सेवा चरमरा जाने से यात्री काफी परेशान रहे।
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इन लॉकल रूटों की बस सेवाएं भी हुई प्रभावित
लॉकल रूट में रोहतक रूट पर चार बसें चलती थी लेकिन तीन ही बसें चलाई गई। भिवानी रूट पर पांच बसें चलती थी लेकिन रविवार को चार बसें ही चली। सतनाली रूट पर रोजाना छह बसें चलती थी लेकिन इस रूट पर तीन बसें ही चली। लोहारू रूट पर रोजाना छह बसें चलती थी लेकिन इस रूट पर चार बसें ही चलाई गई। इसी प्रकार कनीना रूट पर पांच की बजाय तीन बसें ही चलाई गई। इसके अलावा जिस रूट पर दो बसें चलती थी वहां एक ही बस चलाई गई। रविवार को अवकाश होने की वजह से कालेज व आईटीआई को जाने वाली बसें बंद होने पर इन्हें दूसरे रूटों पर चलाया गया।
ट्रेन व प्राइवेट वाहन बने यात्रियों का सहारा
एग्रो समिट मेें शामिल होने के लिए जिले से इन 30 बसों में करीब 1300 किसान रोहतक गए। इन किसानों को विभिन्न गांवों में बनाए प्वाइंट से बसों में सवार किया गया। बसों के इंतजार में एक दो घंटा तक बस स्टैंड पर यात्रियों को खड़ा होना पड़ा। हालांकि रविवार को यात्रियों की संख्या कम ही रही लेकिन बसें नहीं मिलने पर यात्रियों को बस स्टैंड में बसों का लंबा इंतजार करना पड़ा। काफी यात्रियों को ट्रेन की सेवा लेनी पड़ी तो कुछ प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहे।
बाक्स: रोडवेज कर्मचारी देते रहे आश्वासन, यात्री करते रहे इंतजार
बसें न मिलने पर उसे काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। उसे नौगांवा जाना था लेकिन बस स्टैंड पर डेढ़ घंटा तक बसों का इंतजार करना पड़ा। बसें नहीं चलने से हर यात्री परेशान रहा। बसों की उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी।
रणधीर सिंह, कान्हड़ा
उसे लोहारू जाना था लेकिन बसें रोहतक भेेज दिए जाने पर बस स्टैंड पर लंबा समय बिताना पड़ा। डिपो कर्मचारियों द्वारा बस आने का आश्वासन जरूर दिया गया लेकिन समय पर बसें न मिलने पर काफी परेशानी हुई।
सतबीर सिंह, दादरी
उसे शादी मेें बेरी जाना था लेकिन बसें न मिलने पर करीब डेढ़ घंटे तक बस स्टैंड परिसर में ही इंतजार में बिताना पड़ा। बसें कम चलने की वजह से सभी यात्रियों को परेशानी हुई है। डिपो अधिकारियों को यात्रियों के लिए अलग से कोई व्यवस्था करनी चाहिए थी।
अशोक शास्त्री, मकड़ाना
वर्जन
एग्रो समिट में जिले से 30 रोडवेज बसें भेजे गई। इसके चलते हमने कुछ लॉकल व लंबे रूटों की बस सेवाओं मे कटौति करनी पड़ी। एग्रो समिट में बसें जाने से करीब नौ हजार किलोमीटर की दूरी बसें रविवार को तय नहीं कर पाई।
नरसिंह, एसए ब्रांच, इंचार्ज
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चरखी दादरी।
रोहतक में आयोजित एग्रो समिट में 30 बसें जाने से चरखी दादरी जिले में परिवहन सेवा चरमरा गई। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान रोडवेज अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कई लंबे व लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के फेेरों में फेेरबदल किया। इसके बावजूद यात्रियों को घंटों तक बूथों पर बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों ने रोहतक एग्रो समिट के लिए दादरी-रोहतक, दादरी-भिवानी, दादरी-सतनाली, दादरी-कनीना, दादरी-लोहारू व दादरी-चंडीगढ़ बस सेवाओं में कटौति की। जिले से करीब 1300 किसान 30 बसों में सवार होकर एग्रो समिट में हिस्सा लेने रोहतक पहुंचे।
जानकारी के अनुसार डिपो में 147 बसें नियमित रूप से लंबे व लोकल रूटों पर चलती हैं। सुबह ही ये बसें विभिन्न गांवों में पहुंच गई ताकि किसानों को बसों में सवार कर रोहतक पहुंचाया जा सके। इससे डिपो में परिवहन सेवा चरमराई गई। वैसे भी चालक-परिचालकों के लंबे समय से पद रिक्त होने की वजह से करीब 15 बसें डिपो में खड़ी हैं इस वजह से परिवहन सेवा पहले से ही लचर बनी हुई है।
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चंडीगढ़ रूट पर एक तो दिल्ली रूट पर नहीं चली दो बसें
इससे लंबे रूट की बस सेवा भी बाधित रही। चंडीगढ़ रोजाना चार बसें चलती थी लेकिन रविवार को तीन बसें ही चलाई गई। इसी प्रकार जयपुर रोजाना चार बसें चलती थी लेकिन रविवार को दो ही बसें भेजी गई। दिल्ली रूट पर रोजाना 10 बसें चलती थी लेकिन आठ बसें ही चलाई गई। इस प्रकार लंबे रूट की सेवा चरमरा जाने से यात्री काफी परेशान रहे।
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इन लॉकल रूटों की बस सेवाएं भी हुई प्रभावित
लॉकल रूट में रोहतक रूट पर चार बसें चलती थी लेकिन तीन ही बसें चलाई गई। भिवानी रूट पर पांच बसें चलती थी लेकिन रविवार को चार बसें ही चली। सतनाली रूट पर रोजाना छह बसें चलती थी लेकिन इस रूट पर तीन बसें ही चली। लोहारू रूट पर रोजाना छह बसें चलती थी लेकिन इस रूट पर चार बसें ही चलाई गई। इसी प्रकार कनीना रूट पर पांच की बजाय तीन बसें ही चलाई गई। इसके अलावा जिस रूट पर दो बसें चलती थी वहां एक ही बस चलाई गई। रविवार को अवकाश होने की वजह से कालेज व आईटीआई को जाने वाली बसें बंद होने पर इन्हें दूसरे रूटों पर चलाया गया।
ट्रेन व प्राइवेट वाहन बने यात्रियों का सहारा
एग्रो समिट मेें शामिल होने के लिए जिले से इन 30 बसों में करीब 1300 किसान रोहतक गए। इन किसानों को विभिन्न गांवों में बनाए प्वाइंट से बसों में सवार किया गया। बसों के इंतजार में एक दो घंटा तक बस स्टैंड पर यात्रियों को खड़ा होना पड़ा। हालांकि रविवार को यात्रियों की संख्या कम ही रही लेकिन बसें नहीं मिलने पर यात्रियों को बस स्टैंड में बसों का लंबा इंतजार करना पड़ा। काफी यात्रियों को ट्रेन की सेवा लेनी पड़ी तो कुछ प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहे।
बाक्स: रोडवेज कर्मचारी देते रहे आश्वासन, यात्री करते रहे इंतजार
बसें न मिलने पर उसे काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। उसे नौगांवा जाना था लेकिन बस स्टैंड पर डेढ़ घंटा तक बसों का इंतजार करना पड़ा। बसें नहीं चलने से हर यात्री परेशान रहा। बसों की उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी।
रणधीर सिंह, कान्हड़ा
उसे लोहारू जाना था लेकिन बसें रोहतक भेेज दिए जाने पर बस स्टैंड पर लंबा समय बिताना पड़ा। डिपो कर्मचारियों द्वारा बस आने का आश्वासन जरूर दिया गया लेकिन समय पर बसें न मिलने पर काफी परेशानी हुई।
सतबीर सिंह, दादरी
उसे शादी मेें बेरी जाना था लेकिन बसें न मिलने पर करीब डेढ़ घंटे तक बस स्टैंड परिसर में ही इंतजार में बिताना पड़ा। बसें कम चलने की वजह से सभी यात्रियों को परेशानी हुई है। डिपो अधिकारियों को यात्रियों के लिए अलग से कोई व्यवस्था करनी चाहिए थी।
अशोक शास्त्री, मकड़ाना
वर्जन
एग्रो समिट में जिले से 30 रोडवेज बसें भेजे गई। इसके चलते हमने कुछ लॉकल व लंबे रूटों की बस सेवाओं मे कटौति करनी पड़ी। एग्रो समिट में बसें जाने से करीब नौ हजार किलोमीटर की दूरी बसें रविवार को तय नहीं कर पाई।
नरसिंह, एसए ब्रांच, इंचार्ज