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भाजपा राज में रही कांग्रेसियों की बल्ले-बल्ले
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:17 AM IST
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भाजपा राज में रही कांग्रेसियों की बल्ले-बल्ले
सहकारिता मंत्री के शहर में कराए भाजपा पार्षदों से ज्यादा विकास कार्य
- तीन साल में सबसे ज्यादा सरिता देवी के वार्ड में हुए 10 करोड़ 39 लाख के काम
- सबसे कम खर्च हुए संजय सैनी के वार्ड में 1 करोड़ 34 लाख रुपये
- अधिकारी बोले, आउटर में ज्यादा जरूरत थी काम कराने की
- मेयर ने कहा, हुड्डा राज में पहले ही हो गए थे भाजपा पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य
- भाजपा पार्षद ने कहा कि मंत्री भाजपा पार्षदों को बुलाते तक नहीं, अधिकारी और कांग्रेसियों के बीच था बेहतर तालमेल
- मंत्री बोले, ऐसा कुछ नहीं, पूरा विधानसभा क्षेत्र उनका, बिना भेदभाव करवा रहे विकास कार्य
- तीन साल में निगम ने खर्च किए 1 अरब, 23 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
तीन साल पहले चाहे सत्ता की चाबी कांग्रेसियों के हाथ से निकल गई, लेकिन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के शहर में विकास कार्य कराने में भाजपा पार्षदों से कहीं आगे रहे। आलम यह है कि कांग्रेसी पार्षद सरिता देवी के वार्ड में जहां तीन साल में 10 करोड़ 39 लाख खर्च हुए, जबकि भाजपा पार्षद अजय जैन उर्फ टाटू के वार्ड में ढाई करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। हालांकि उनसे कम महज 1 करोड़ 34 लाख रुपये वार्ड नंबर 13 में खर्च हुए हैं। इस संबंध में मेयर, कांग्रेसी व भाजपा पार्षदों और अधिकारियों के अपने-अपने तर्क हैं।
साल 2005 से 2014 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रहे, जो रोहतक से हैं। एक दशक तक प्रदेश के कोने में रोहतक की चौधर की गूंज रही, लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस रोहतक, सोनीपत व झज्जर को छोड़कर ज्यादातर जगह से साफ हो गई। रोहतक सिटी में भी कांग्रेस को हार मिली। खास बात यह है कि रोहतक नगर निगम के पार्षदों का कार्यकाल उस समय करीब डेढ़ साल पूरा हो चुका था। उनके चुनाव जून 2013 में हुए थे। कार्यकाल के डेढ़ साल बाद सत्ता जाने के बावजूद भी ज्यादातर कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में भाजपा पार्षदों से ज्यादा पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया गया है।
कांग्रेसियों तरह भेदभाव नहीं करती भाजपा सरकार
पूरा विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, प्रदेश के अंदर बिना किसी भेदभाव के सीएम मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। कांग्रेसियों की तरह भेदभाव नहीं करते। निगम की 5 करोड़ 12 लाख नागरिकों का विकास कराया है।
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- मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक
हुड्डा राज में हुए थे भाजपाई वार्डों में विकास कार्य
हुड्डा के 10 साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने शहर के अंदर के वार्डाें में ज्यादातर विकास कार्य करवा दिए, जहां से भाजपा पार्षद हैं। जबकि आउटर एरिया में कामों की ज्यादा जरूरत थी। सीवरेज और पानी की लाइन को छोड़कर दूसरे कार्योें को अधिकारियों से बातचीत करके कराया। यह उनके कार्यकाल की उपलब्धि जरूर है।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
मंत्री बुलाते तक नहीं, अधिकारी और कांग्रेसियों का गठजोड़ पड़ा भारी
भाजपा के तीन साल के कार्यकाल में भाजपा पार्षद उपेक्षित ही रहे हैं। क्योंकि मंत्री उनकी सुनते नहीं हैं। उनके वार्ड में जब भी आते, पार्षद तक को सूचना नहीं दी जाती। ऐसे में अधिकारी भी भाजपा पार्षदों को ज्यादा भाव नहीं देते। दूसरा, कांग्रेस पार्षदों ने अधिकारियों से गठजोड़ करके ज्यादा पैसा अपने वार्डों में खर्च करवा लिया। इसकी जांच होनी चाहिए।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
अक्तूबर 2014 से 21 दिसंबर 2017 तक वार्डों में खर्च हुआ पैसा
वार्ड पार्षद खर्च राशि (लाख में)
1. राजबीर सैनी (कांग्रेस) 1033.88
2. ममता रानी (भाजपा) 546.72
3. सुशीला इंदौरा (भाजपा) 314.26
4. रेनू डाबला (कांग्रेस) 1014.68
5. सूरजमल रोज (कांग्रेस) 815.58
6. मंजू हुड्डा (कांग्रेस) 1014.68
7. सरिता देवी (कांग्रेस) 1039.92
8. उपासना देवी (कांग्रेस) 1021.80
9. बलराज सिंह (इनेलो) 237.28
10. अशोक खुराना (भाजपा) 467.70
11. अनीता मिगलानी (कांग्रेस) 318.87
12. गुलशन ईशपुनियानी (कांग्रेस) 205.10
13. संजय सैनी (कांग्रेस) 134.53
14. नीरा भटनागर (निर्दलीय) 248.28
15. अजय जैन टाटू (भाजपा) 266.08
16. अशोक भाटी (कांग्रेस) 827.09
17. जयकिशन राजोतिया (भाजपा) 367.23
18. पूनम किलोई (भाजपा) 827.14
19. अनिल कुमार (कांग्रेस) 797.01
20. लक्ष्मी देवी (कांग्रेस) 857.75
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सहकारिता मंत्री के शहर में कराए भाजपा पार्षदों से ज्यादा विकास कार्य
- तीन साल में सबसे ज्यादा सरिता देवी के वार्ड में हुए 10 करोड़ 39 लाख के काम
- सबसे कम खर्च हुए संजय सैनी के वार्ड में 1 करोड़ 34 लाख रुपये
- अधिकारी बोले, आउटर में ज्यादा जरूरत थी काम कराने की
- मेयर ने कहा, हुड्डा राज में पहले ही हो गए थे भाजपा पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य
- भाजपा पार्षद ने कहा कि मंत्री भाजपा पार्षदों को बुलाते तक नहीं, अधिकारी और कांग्रेसियों के बीच था बेहतर तालमेल
- मंत्री बोले, ऐसा कुछ नहीं, पूरा विधानसभा क्षेत्र उनका, बिना भेदभाव करवा रहे विकास कार्य
- तीन साल में निगम ने खर्च किए 1 अरब, 23 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
तीन साल पहले चाहे सत्ता की चाबी कांग्रेसियों के हाथ से निकल गई, लेकिन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के शहर में विकास कार्य कराने में भाजपा पार्षदों से कहीं आगे रहे। आलम यह है कि कांग्रेसी पार्षद सरिता देवी के वार्ड में जहां तीन साल में 10 करोड़ 39 लाख खर्च हुए, जबकि भाजपा पार्षद अजय जैन उर्फ टाटू के वार्ड में ढाई करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। हालांकि उनसे कम महज 1 करोड़ 34 लाख रुपये वार्ड नंबर 13 में खर्च हुए हैं। इस संबंध में मेयर, कांग्रेसी व भाजपा पार्षदों और अधिकारियों के अपने-अपने तर्क हैं।
साल 2005 से 2014 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रहे, जो रोहतक से हैं। एक दशक तक प्रदेश के कोने में रोहतक की चौधर की गूंज रही, लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस रोहतक, सोनीपत व झज्जर को छोड़कर ज्यादातर जगह से साफ हो गई। रोहतक सिटी में भी कांग्रेस को हार मिली। खास बात यह है कि रोहतक नगर निगम के पार्षदों का कार्यकाल उस समय करीब डेढ़ साल पूरा हो चुका था। उनके चुनाव जून 2013 में हुए थे। कार्यकाल के डेढ़ साल बाद सत्ता जाने के बावजूद भी ज्यादातर कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों में भाजपा पार्षदों से ज्यादा पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया गया है।
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कांग्रेसियों तरह भेदभाव नहीं करती भाजपा सरकार
पूरा विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, प्रदेश के अंदर बिना किसी भेदभाव के सीएम मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। कांग्रेसियों की तरह भेदभाव नहीं करते। निगम की 5 करोड़ 12 लाख नागरिकों का विकास कराया है।
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- मनीष ग्रोवर, सहकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक
हुड्डा राज में हुए थे भाजपाई वार्डों में विकास कार्य
हुड्डा के 10 साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने शहर के अंदर के वार्डाें में ज्यादातर विकास कार्य करवा दिए, जहां से भाजपा पार्षद हैं। जबकि आउटर एरिया में कामों की ज्यादा जरूरत थी। सीवरेज और पानी की लाइन को छोड़कर दूसरे कार्योें को अधिकारियों से बातचीत करके कराया। यह उनके कार्यकाल की उपलब्धि जरूर है।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
मंत्री बुलाते तक नहीं, अधिकारी और कांग्रेसियों का गठजोड़ पड़ा भारी
भाजपा के तीन साल के कार्यकाल में भाजपा पार्षद उपेक्षित ही रहे हैं। क्योंकि मंत्री उनकी सुनते नहीं हैं। उनके वार्ड में जब भी आते, पार्षद तक को सूचना नहीं दी जाती। ऐसे में अधिकारी भी भाजपा पार्षदों को ज्यादा भाव नहीं देते। दूसरा, कांग्रेस पार्षदों ने अधिकारियों से गठजोड़ करके ज्यादा पैसा अपने वार्डों में खर्च करवा लिया। इसकी जांच होनी चाहिए।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
अक्तूबर 2014 से 21 दिसंबर 2017 तक वार्डों में खर्च हुआ पैसा
वार्ड पार्षद खर्च राशि (लाख में)
1. राजबीर सैनी (कांग्रेस) 1033.88
2. ममता रानी (भाजपा) 546.72
3. सुशीला इंदौरा (भाजपा) 314.26
4. रेनू डाबला (कांग्रेस) 1014.68
5. सूरजमल रोज (कांग्रेस) 815.58
6. मंजू हुड्डा (कांग्रेस) 1014.68
7. सरिता देवी (कांग्रेस) 1039.92
8. उपासना देवी (कांग्रेस) 1021.80
9. बलराज सिंह (इनेलो) 237.28
10. अशोक खुराना (भाजपा) 467.70
11. अनीता मिगलानी (कांग्रेस) 318.87
12. गुलशन ईशपुनियानी (कांग्रेस) 205.10
13. संजय सैनी (कांग्रेस) 134.53
14. नीरा भटनागर (निर्दलीय) 248.28
15. अजय जैन टाटू (भाजपा) 266.08
16. अशोक भाटी (कांग्रेस) 827.09
17. जयकिशन राजोतिया (भाजपा) 367.23
18. पूनम किलोई (भाजपा) 827.14
19. अनिल कुमार (कांग्रेस) 797.01
20. लक्ष्मी देवी (कांग्रेस) 857.75