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सावधान. जगह-जगह पसरी मौत
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:40 AM IST
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हेडिंग : सावधान! स्ट्रीट लाइट पोल के लटक रहे जगह-जगह नंगे तार, हिसार रोड पर करंट से श्वान की मौत
: हादसों से सबक नहीं ले रहा निगम, दो माह पहले यहीं पर हुई थी करंट से युवक की मौत
: निवर्तमान पार्षद बोले-लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें आयुक्त
: शहर में हैं 24 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट प्वाइंट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर में जगह-जगह स्ट्रीट लाइट के पोल खुले पडे़ हैं। दो माह पहले हिसार रोड पर ग्रिल पार कर रहे युवक की करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार को उसी जगह एक श्वान चपेट में आकर अपनी जान से हाथ धो बैठा। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
हिसार रोड निवासी राजेश, राजकुमार व अजय ने बताया कि निगम प्रशासन ने दिल्ली बाइपास से हिसार बाइपास तक दिल्ली रोड के बीचोंबीच ग्रिल लगा रखी हैं। साथ में स्ट्रीट लाइट पोल भी लगे हैं। दो माह पहले एक युवक ग्रिल और स्ट्रीट लाइट पोल के बीच से निकल कर सड़क पार कर रहा था। पोल में करंट के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब शनिवार को उसी जगह से एक श्वान निकल रहा था, करंट की चपेट में आ गया। मामले की सूचना निगम प्रशासन को दी। एक जेई मौके पर पहुंची और पोल से टच हो चुके तारों को हटाया।
स्ट्रीट लाइट पोल से यहां भी खतरा
शहर में मेडिकल मोड़, दिल्ली बाइपास, पुराना बस स्टैंड, दुर्गा भवन मंदिर सहित जगह-जगह पोल के तार खुले पड़े हैं। जो बारिश में लोहे के पोल से टकराकर खतरा बन सकते हैं। निगम प्रशासन को चाहिए कि न केवल तारों पर करंट रोधी टेप लगाए, बल्कि ग्रिल व पोल के बीच की जगह को बंद किया जाए, ताकि कोई जान जोखिम में ही न डाल सके।
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डीसी अतुल कुमार ने लगवाई थी महिला कॉलेज के बाहर ग्रिल
लघु सचिवालय के नजदीक राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं दूसरी तरफ जाने के लिए हर रोज ग्रिल व स्ट्रीट लाइट पोल के बीच से गुजरती थीं। इससे न केवल उनके वाहन की चपेट में आने का खतरा बना रहता था, बल्कि करंट लगने से जान भी जान सकती थी। तत्कालीन डीसी अतुल कुमार ने लोहे की पत्ती लगवाई थी। इसी तरह जगह-जगह शहर में पत्ती लगाकर हादसों को रोका जा सकता है।
वर्जन--------
बजरंग भवन के बाद हिसार रोड पर एक युवक की जान ग्रिल व पोल के बीच से निकलते समय करंट लगने से जा चुकी है। अब शनिवार को एक निर्दोष श्वान की मौत हो गई। आयुक्त को जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
-राजबीर सैनी, निवर्तमान पार्षद नगर निगम
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हेडिंग : सावधान! स्ट्रीट लाइट पोल के लटक रहे जगह-जगह नंगे तार, हिसार रोड पर करंट से श्वान की मौत
: हादसों से सबक नहीं ले रहा निगम, दो माह पहले यहीं पर हुई थी करंट से युवक की मौत
: निवर्तमान पार्षद बोले-लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करें आयुक्त
: शहर में हैं 24 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट प्वाइंट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर में जगह-जगह स्ट्रीट लाइट के पोल खुले पडे़ हैं। दो माह पहले हिसार रोड पर ग्रिल पार कर रहे युवक की करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार को उसी जगह एक श्वान चपेट में आकर अपनी जान से हाथ धो बैठा। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
हिसार रोड निवासी राजेश, राजकुमार व अजय ने बताया कि निगम प्रशासन ने दिल्ली बाइपास से हिसार बाइपास तक दिल्ली रोड के बीचोंबीच ग्रिल लगा रखी हैं। साथ में स्ट्रीट लाइट पोल भी लगे हैं। दो माह पहले एक युवक ग्रिल और स्ट्रीट लाइट पोल के बीच से निकल कर सड़क पार कर रहा था। पोल में करंट के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब शनिवार को उसी जगह से एक श्वान निकल रहा था, करंट की चपेट में आ गया। मामले की सूचना निगम प्रशासन को दी। एक जेई मौके पर पहुंची और पोल से टच हो चुके तारों को हटाया।
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स्ट्रीट लाइट पोल से यहां भी खतरा
शहर में मेडिकल मोड़, दिल्ली बाइपास, पुराना बस स्टैंड, दुर्गा भवन मंदिर सहित जगह-जगह पोल के तार खुले पड़े हैं। जो बारिश में लोहे के पोल से टकराकर खतरा बन सकते हैं। निगम प्रशासन को चाहिए कि न केवल तारों पर करंट रोधी टेप लगाए, बल्कि ग्रिल व पोल के बीच की जगह को बंद किया जाए, ताकि कोई जान जोखिम में ही न डाल सके।
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डीसी अतुल कुमार ने लगवाई थी महिला कॉलेज के बाहर ग्रिल
लघु सचिवालय के नजदीक राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं दूसरी तरफ जाने के लिए हर रोज ग्रिल व स्ट्रीट लाइट पोल के बीच से गुजरती थीं। इससे न केवल उनके वाहन की चपेट में आने का खतरा बना रहता था, बल्कि करंट लगने से जान भी जान सकती थी। तत्कालीन डीसी अतुल कुमार ने लोहे की पत्ती लगवाई थी। इसी तरह जगह-जगह शहर में पत्ती लगाकर हादसों को रोका जा सकता है।
वर्जन--------
बजरंग भवन के बाद हिसार रोड पर एक युवक की जान ग्रिल व पोल के बीच से निकलते समय करंट लगने से जा चुकी है। अब शनिवार को एक निर्दोष श्वान की मौत हो गई। आयुक्त को जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
-राजबीर सैनी, निवर्तमान पार्षद नगर निगम