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आपाकालीन विभाग में दवाओं की खरीद मामले की होगी जांच

Tue, 05 Jun 2018 02:48 AM IST
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:48 AM IST
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आपाकालीन विभाग में दवाओं की खरीद मामले की होगी जांच
प्रकाशित समाचार की फोटो सहित
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अमर उजाला फॉलोअप

आपातकालीन विभाग में दवाओं की खरीद मामले की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आपातकालीन विभाग ने चार साल में एक करोड़ 94 लाख की लाइफ सेविंग मेडिसिन की खरीद के मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं। इस जांच में सबसे अहम 2016 में खरीदी गई सवा एक करोड़ से अधिक की दवा होगी। इसमें जांच अधिकारी दवाओं की खरीद और उनकी खपत संबंधी सभी तथ्यों की जांच करेंगे।


पीजीआईएमएस ने 2014 से 2017 तक चार साल में एक करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की लाइफ सेविंग मेडिसिन की खरीद की। इसमें से एक करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक की दवा अकेले 2016 में खरीदी गई। 2014 में 12 लाख 45 हजार 981 रुपये, 2015 में 24 लाख 13 लाख 166 रुपये व 2017 में 36 लाख 32 हजार 241 रुपये की दवा खरीदी गई। यहां हैरानी तो इस बात की है कि इन चार वर्षों के दौरान यहां आने वाले मरीजों की संख्या औसतन साढे़ तीन लाख सालाना ही रही जबकि दवाओं की खरीद में अंतर कई गुणा बढ़ और घट गया। गौरतलब है कि आपातकालीन विभाग को दवाआें की जरूरत को पूरा करने के लिए पहले सेंट्रल स्टोर से संपर्क करना होता है, यदि वहां दवाएं नहीं मिलती तो वह तत्काल खरीद कर सकते हैं।
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बोले अधिकारी
कुलपति ने आपातकालीन दवाओं की खरीद मामले में जांच कराने को कहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. वरुण अरोड़ा, प्रभारी, जनसंपर्क विभाग, हेल्थ विवि
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