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कितनी गंभीर शहर की सरकार
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:17 AM IST
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फ्लैग : कितनी गंभीर शहर की सरकार : सवा माह बाद भी नगर निगम हाउस की मीटिंग तय नहीं
हेडिंग : आपकी आवाज उठाने के लिए फोन कॉल के इंतजार में म्हारे पार्षद
: मेयर बोली, आयुक्त से की बात, अधिकारी अभी व्यस्त
: सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बोले, आप कहो, तभी बुला देंगे
: भाजपा पार्षद बोले, हाउस में कुछ नहीं होता, अधिकारियों से वैसे की करवाने पड़ रहे काम
: शहर में सीवरेज और पानी की समस्या से लोग बेहाल, नहीं आया अम्रुत योजना का बजट
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
शहर की सरकार आम आदमी की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सवा माह बाद भी हाउस की मीटिंग की डेट तक तय नहीं हुई है। क्योंकि नगर निगम के पार्षद व आम जनता के प्रतिनिधि घर बैठे हैं। उन्हें फोन काल का इंतजार है। दूसरी तरफ अधिकारी स्वच्छता अभियान में व्यस्त हैं। आम पब्लिक सीवरेज और पीने के पानी की समस्या के समाधान में इंतजार में है।
नगर निगम एक्ट के तहत हर माह हाउस की मीटिंग बुलानी पड़ती है, लेकिन रोहतक नगर निगम हाउस के अब तक के कार्यकाल में समय पर एक भी मीटिंग नहीं हो सकी है। 28 नवंबर को हाउस की पिछली मीटिंग हुई थी। कायदे से जनवरी माह में अगली मीटिंग होनी थी, लेकिन अधिकारी ही नहीं, आम पब्लिक के नुमाइंदे पार्षद भी बेफिक्र और निश्चिंत हैं। अमर उजाला ने 20 में से 18 पार्षदों से बातचीत की। ज्यादातर ने कहा कि मीटिंग बुलाना मेयर और अधिकारियों का काम है। जब भी फोन आएगा, वे मीटिंग में चले जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि वे खुद क्यों नहीं मेयर और अधिकारियों से बात करते। तब कहा कि वे जल्द मीटिंग के बारे में मेयर से पूछेंगे।
कांग्रेसी पार्षद बोले, करेंगे मेयर से बातचीत
पार्षद राजबीर सैनी, लक्ष्मी देवी, अनिल कुमार, गुलशन ईश पुनियानी, अनीता मिगलानी व अन्य पार्षदों ने कहा कि वे मेयर रेनू डाबला और अधिकारियों से बात करेंगे। कब मीटिंग बुलाई जा रही है। वे जनता के प्रतिनिधि हैं, लोगों की आवाज उठाना उनका काम है। जबकि नीरा भटनागर ने कहा कि यह काम मेयर का है, उनको ही करना चाहिए।
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भाजपाई पार्षद बोले, हाउस में कुछ नहीं, खुद ही कराने पड़ रहे काम
पार्षद ममता रानी, अशोक खुराना व पूनम किलोई का कहना है कि हाउस में कुछ नहीं होता। वार्ड के काम अधिकारियों से बात करके खुद की कराने पड़ते हैं। साथ ही हाउस की मीटिंग कांग्रेसी मेयर रेनू डाबला की ड्यूटी है। अब तक कोई मीटिंग समय पर नहीं बुलाई। अब क्या बुलाएंगी। वहीं, जयकिशन राजोतिया ने कहा कि हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए बात करेंगे।
26 जनवरी के बाद मीटिंग संभव
समय पर हाउस की मीटिंग होनी चाहिए। वे जनता के प्रतिनिधि हैं। मेयर और दूसरे अधिकारियों से बात करेंगे। गणतंत्र दिवस के बाद जनवरी के आखिरी या फरवरी माह के पहले सप्ताह में मीटिंग संभव है। पांच माह बाद लोगों के बीच पब्लिक को भी जवाब देना है।
अशोक भाटी, डिप्टी मेयर
मैंने आयुक्त से बात की थी। वे कई मीटिंग में व्यस्त हैं। साथ ही स्वच्छता अभियान चल रहा है। गणतंत्र दिवस के बाद मीटिंग होने की संभावना है।
रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए अभी किसी ने मांग नहीं की। दूसरा, निगम प्रशासन फिलहाल स्वच्छता अभियान में व्यस्त है।
प्रदीप डागर, आयुक्त नगर निगम
पांच माह, 20 दिन बचे हाउस के, अम्रुत योजना नहीं आई धरातल पर
नगर निगम के मौजूदा पार्षदों का कार्यकाल 31 मई 2018 को पूरा हो रहा है। जबकि शहर के अंदर सीवरेज और पीने के पानी के लिए दो लाख लोग इंतजार में है। खासकर बाहरी कालोनियों में अम्रुत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाई जानी हैं। अब तक योजना के तहत धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। आवाज उठाने वाले पार्षद हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए फोन कॉल का इंतजार कर रहे हैं।
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हेडिंग : आपकी आवाज उठाने के लिए फोन कॉल के इंतजार में म्हारे पार्षद
: मेयर बोली, आयुक्त से की बात, अधिकारी अभी व्यस्त
: सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बोले, आप कहो, तभी बुला देंगे
: भाजपा पार्षद बोले, हाउस में कुछ नहीं होता, अधिकारियों से वैसे की करवाने पड़ रहे काम
: शहर में सीवरेज और पानी की समस्या से लोग बेहाल, नहीं आया अम्रुत योजना का बजट
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
शहर की सरकार आम आदमी की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सवा माह बाद भी हाउस की मीटिंग की डेट तक तय नहीं हुई है। क्योंकि नगर निगम के पार्षद व आम जनता के प्रतिनिधि घर बैठे हैं। उन्हें फोन काल का इंतजार है। दूसरी तरफ अधिकारी स्वच्छता अभियान में व्यस्त हैं। आम पब्लिक सीवरेज और पीने के पानी की समस्या के समाधान में इंतजार में है।
नगर निगम एक्ट के तहत हर माह हाउस की मीटिंग बुलानी पड़ती है, लेकिन रोहतक नगर निगम हाउस के अब तक के कार्यकाल में समय पर एक भी मीटिंग नहीं हो सकी है। 28 नवंबर को हाउस की पिछली मीटिंग हुई थी। कायदे से जनवरी माह में अगली मीटिंग होनी थी, लेकिन अधिकारी ही नहीं, आम पब्लिक के नुमाइंदे पार्षद भी बेफिक्र और निश्चिंत हैं। अमर उजाला ने 20 में से 18 पार्षदों से बातचीत की। ज्यादातर ने कहा कि मीटिंग बुलाना मेयर और अधिकारियों का काम है। जब भी फोन आएगा, वे मीटिंग में चले जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि वे खुद क्यों नहीं मेयर और अधिकारियों से बात करते। तब कहा कि वे जल्द मीटिंग के बारे में मेयर से पूछेंगे।
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कांग्रेसी पार्षद बोले, करेंगे मेयर से बातचीत
पार्षद राजबीर सैनी, लक्ष्मी देवी, अनिल कुमार, गुलशन ईश पुनियानी, अनीता मिगलानी व अन्य पार्षदों ने कहा कि वे मेयर रेनू डाबला और अधिकारियों से बात करेंगे। कब मीटिंग बुलाई जा रही है। वे जनता के प्रतिनिधि हैं, लोगों की आवाज उठाना उनका काम है। जबकि नीरा भटनागर ने कहा कि यह काम मेयर का है, उनको ही करना चाहिए।
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भाजपाई पार्षद बोले, हाउस में कुछ नहीं, खुद ही कराने पड़ रहे काम
पार्षद ममता रानी, अशोक खुराना व पूनम किलोई का कहना है कि हाउस में कुछ नहीं होता। वार्ड के काम अधिकारियों से बात करके खुद की कराने पड़ते हैं। साथ ही हाउस की मीटिंग कांग्रेसी मेयर रेनू डाबला की ड्यूटी है। अब तक कोई मीटिंग समय पर नहीं बुलाई। अब क्या बुलाएंगी। वहीं, जयकिशन राजोतिया ने कहा कि हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए बात करेंगे।
26 जनवरी के बाद मीटिंग संभव
समय पर हाउस की मीटिंग होनी चाहिए। वे जनता के प्रतिनिधि हैं। मेयर और दूसरे अधिकारियों से बात करेंगे। गणतंत्र दिवस के बाद जनवरी के आखिरी या फरवरी माह के पहले सप्ताह में मीटिंग संभव है। पांच माह बाद लोगों के बीच पब्लिक को भी जवाब देना है।
अशोक भाटी, डिप्टी मेयर
मैंने आयुक्त से बात की थी। वे कई मीटिंग में व्यस्त हैं। साथ ही स्वच्छता अभियान चल रहा है। गणतंत्र दिवस के बाद मीटिंग होने की संभावना है।
रेनू डाबला, मेयर नगर निगम
हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए अभी किसी ने मांग नहीं की। दूसरा, निगम प्रशासन फिलहाल स्वच्छता अभियान में व्यस्त है।
प्रदीप डागर, आयुक्त नगर निगम
पांच माह, 20 दिन बचे हाउस के, अम्रुत योजना नहीं आई धरातल पर
नगर निगम के मौजूदा पार्षदों का कार्यकाल 31 मई 2018 को पूरा हो रहा है। जबकि शहर के अंदर सीवरेज और पीने के पानी के लिए दो लाख लोग इंतजार में है। खासकर बाहरी कालोनियों में अम्रुत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाई जानी हैं। अब तक योजना के तहत धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। आवाज उठाने वाले पार्षद हाउस की मीटिंग बुलाने के लिए फोन कॉल का इंतजार कर रहे हैं।