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महाराष्ट्र के 19 बच्चों को प्रशासन से नहीं मिली घर जाने की अनुमति, डीसी को भेजे कॉमन ऑर्डर से आस

Sat, 02 May 2020 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2020 12:00 AM IST
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19 children of Maharashtra not allowed to go home from administration, common order sent to DC
19 children of Maharashtra not allowed to go home from administration, common order sent to DC - फोटो : RohtakCity
कोरोना महामारी के चलते लागू किया गया लॉकडाउन दूसरे प्रांतों से जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने आए विद्यार्थियों की परेशानी बन गया है। मार्च में परीक्षा के बाद घर जाने की आस लगाए बैठे महाराष्ट्र के 19 बच्चों को लॉकडाउन ने पिछले 37 दिनों से स्कूल में ही रोका हुआ है। वहां की सांसद सुप्रिया सुले ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ट्वीट कर बच्चों को घर पहुंचाने की अपील की थी। इसके बाद शुरू हुई प्रक्रिया प्रशासन के पास बच्चों को घर भेजने के निर्देश नहीं के चलते अटक गई। अब स्कूल प्रशासन ने उपायुक्त को कॉमन ऑर्डर की प्रति भेेजी है। इसके तहत बच्चों को उनके घर भेजा जा सकता है। इस ऑर्डर के जवाब से बच्चों को भी घर जाने की आस बंधी है। फिलहाल बच्चे स्कूल में पढ़ाई व खेल कूद के जिए समय व्यतीत कर रहे हैं।
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जवाहर नवोदय स्कूल में देश के विभिन्न राज्यों से बच्चे पढ़ते हैं। मार्च में परीक्षा के बाद स्थानीय व आसपास के बच्चे अपने घर चले गए। इनमें से 19 बच्चे लॉकडाउन के कारण यहीं फंस गए। महाराष्ट्र के यवतमाल के ये नौ लड़के व 10 लड़कियां स्कूल के हॉस्टल में ही हैं। यहां खाने व आराम की सुविधा के बावजूद अपनों से मिलने की इंतजार में बच्चों के चेहरे मुर्झाए हुए हैं। दिन में कुछ समय पढ़ाई व खेलकूद में बीतने के बाद फोन के जरिये परिजनों से बातचीत में ही उनका दिन गुजर रहा है। प्रशासन से इन्हें घर भेजे जाने की अनुमति नहीं मिलने से इनकी बोरियत और बढ़ गई। स्कूल प्रशासन ने उपायुक्त को नियमों का हवाला देते हुए बच्चों को घर भेजने की दोबारा अपील की है। इसके साथ सरकार के कोमन आर्डर की प्रति भी भेजी गई है। इससे सभी को सकारात्मक जवान मिलने की आस बंधी है।
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9वीं कक्षा के बच्चों का 3 बार रद्द हो चुका है रिजर्वेशन
जवाहर नवोदय स्कूल में फंसे 19 बच्चे कक्षा 9वीं के हैं। इन सभी उम्र करीब 13 वर्ष हैं। इनमें 10 लड़कियां व नौ लड़के हैं। इनमें जीवन राठौड़, स्वपनिल बस्तिवाड, श्रेयस गोविंदवार, शारिकर लातेर, आदित्य इंगोले, रोहन पाटिल, सिद्धांत डेथे, चिराग भोयार, आकाश मेश्रम, चेतन मार्कम, सानिया शेख, अनुशका सोलंकी, हरशादा ताजाने, काजल कटारे, कनैय्या जाधव, समीक्षा कोकाने, श्रुति गजभिये, प्रजक्ता कानाके, गायत्री कानाके शामिल हैं। इन्हें 25 मार्च को घर जाना था। इसके लिए 25 मार्च को इनका रिजर्वेशन करा दिया गया। जबकि 24 मार्च को लॉकडाउन घोषित हो गया। इन बच्चों की लॉकडाउन के कारण तीन बार रिजर्वेशन रद्द हो चुुका है।
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इंटर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आए थे रोहतक
जवाहर नवोदय स्कूल घुसकानी में जवाहर नवोदय स्कूल की प्रवास योजना के तहत राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए 25 फीसदी स्टूडेंट्स का इंटर स्कूल एक्सचेंज किया जाता है। नियमानुसार एक साल के लिए 9वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए यह इंटर एक्सचेंज प्रक्रिया अपनाई जाती है।

लॉकडाउन के कारण स्कूल के 19 बच्चे यहीं फंसे हैं। इन्हें घर पहुंचाने की प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते कोमन आर्डर की प्रति भेज कर बच्चों को उनके घर पहुंचाने की अपील की गई है। स्कूल में बच्चों को रहने व खाने की कोई दिक्कत नहीं है। उन्हें बोरियत से दूर रखने के लिए कुछ पढ़ाई कुछ खेलकूद गतिविधियों में व्यस्त रखा गया है। इनके अभिभावकों से भी फोन पर बात कराई जा रही है। कॉमन ऑर्डर से उपायुक्त कार्यालय से राहत की आस है।
राजेश गुप्ता, प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय घुसकानी।
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