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विद्यार्थियों ने सीखे रेजा पर नेचुरल डाइंग और ब्लॉक प्रिंटिंग करने के तरीके
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रोहतक। कपड़ों को केमिकल युक्त रंगों से रंगा जाता है। जिससे कपड़े की चमक कुछ दिनों के लिए तो रहती है पर धीरे-धीरे कपड़े की लाइफ और चमक खत्म होती चली जाती है। साथ ही कुछ समय बाद कपड़े पुराने से लगने लगते हैं, लेकिन नेचुरल डाइंग का प्रयोग करने से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। इसके साथ ही नेचुरल डाइंग किए हुए कपड़े की चमक लंबे समय तक ज्यों की त्यों बनी रहती है। यह सब बातें राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित अवधेश पांडे ने बताई। मंगलवार को स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफ ॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के डिजाइन एंड टेक्सटाइल विभाग में नेचुरल डाइंग और ब्लॉक प्रिंटिंग की वर्कशॉप आयोजित की गई। जहां एक्सपर्ट अवधेश पांडेय ने विद्यार्थियों को रेजा और कॉटन के फेब्रिक पर नेचुरल रंगों से डाइ करना सिखाया। उन्होंने विद्यार्थियों को हल्दी, नीला थोथा, केशूला के फू ल, अखरोट की छाल से डाइंग कर लाइव डेमो दिया। इस वर्कशॉप में 10 ग्रुप्स के 70 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं।
कल्पना कर फ ोटो सीरीज बनाने के सीखे गुर
वहीं दूसरी ओर फि ल्म एंड टीवी विभाग में विद्यार्थियों ने लाइव फ ोटोग्राफ ी करने के विभिन्न एंगल को जाना। कार्यशाला के दौरान फ ोटो विशेषज्ञ देव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कल्पना कर फ ोटो सीरीज बनाने के जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक फ ोटोग्राफर अपनी कल्पना और रचनात्मक सोच से विभिन्न प्रकार के अद्भुत फ ोटो निकाल सकता है। इसके साथ शाम के सत्र में विद्यार्थियों की बनाई अलग-अलग टीमों ने मार्केट, पार्क और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में जाकर ऑफ बीट फ ोटो करने के एंगल को अपने कैमरे में कैद किया।
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कल्पना कर फ ोटो सीरीज बनाने के सीखे गुर
वहीं दूसरी ओर फि ल्म एंड टीवी विभाग में विद्यार्थियों ने लाइव फ ोटोग्राफ ी करने के विभिन्न एंगल को जाना। कार्यशाला के दौरान फ ोटो विशेषज्ञ देव अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कल्पना कर फ ोटो सीरीज बनाने के जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक फ ोटोग्राफर अपनी कल्पना और रचनात्मक सोच से विभिन्न प्रकार के अद्भुत फ ोटो निकाल सकता है। इसके साथ शाम के सत्र में विद्यार्थियों की बनाई अलग-अलग टीमों ने मार्केट, पार्क और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में जाकर ऑफ बीट फ ोटो करने के एंगल को अपने कैमरे में कैद किया।
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