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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 19 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। अनुसूचित जाति की किशोरी को अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने दोषी मंजीत को उम्रकैद और 19 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने करीब सवा साल पूर्व के इस मामले में शुक्रवार को अभियुक्त को पोक्सो की धारा छह के तहत दस साल और एससीएसटी के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत ने 12 फरवरी को दो आरोपियों को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया था।
मामले के अनुसार जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 29 अक्तूबर 2017 को उसकी पत्नी व दो बेटियां पड़ोस में शादी समारोह में भाग लेने गई थीं। वह और उसका बेटा घर में सो रहे थे, जबकि उसकी नाबालिग बेटी मकान के ऊपर वाले कमरे में सो रही थी। रात को जब वह ऊपर गया तो कमरे में उसकी बेटी नहीं थी। अगले दिन उनके पास थाने से फोन आया था, जहां से वे अपनी बेटी को लेकर आए थे।
पीड़िता के हुए थे बयान दर्ज
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए बयानों में कहा था कि वह रात को बाथरूम जाने के लिए नीचे उतरी थी तो कोई उसके पापा को आवाज दे रहा था। उसने जाकर देखा तो गांव के ही संजय ने उसका मुंह पर टेप लगा दी। उसके साथ मंजीत और मोनू भी थे। संजय ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे उठाकर बाइक पर ले गए। संजय ने उसे दवा सुंघा दी, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे सुबह होश आया तो दो कागज चुगने वाली महिलाओं के पीछे चल पड़ी। वे उसे घर ले गई, जहां सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई और उसे थाने ले जाकर परिजनों को सूचना दी। उसने बयानों में आरोप लगाया था कि बेहोश करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर अपहरण करने, नशीली दवा सुंघाकर दुष्कर्म करने, पोक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत 31 अक्तूबर 2017 को केस दर्ज किया था।
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किन धाराओं में क्या सजा
धारा - सजा - जुर्माना - अतिरिक्त सजा
363 - 3 साल - 2000 - 1 माह
376 - 10 साल - 5000 - 2 माह
452 - 2 साल - 2000 - 1 माह
पोक्सो की धारा 6 - 10 साल - 5000 - 2 माह
एससीएसटी - उम्रकैद - 5000 - 2 माह
नोट: सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी और जुर्माना 19 हजार रुपये भरना होगा।
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हिसार। अनुसूचित जाति की किशोरी को अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने दोषी मंजीत को उम्रकैद और 19 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने करीब सवा साल पूर्व के इस मामले में शुक्रवार को अभियुक्त को पोक्सो की धारा छह के तहत दस साल और एससीएसटी के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत ने 12 फरवरी को दो आरोपियों को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया था।
मामले के अनुसार जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 29 अक्तूबर 2017 को उसकी पत्नी व दो बेटियां पड़ोस में शादी समारोह में भाग लेने गई थीं। वह और उसका बेटा घर में सो रहे थे, जबकि उसकी नाबालिग बेटी मकान के ऊपर वाले कमरे में सो रही थी। रात को जब वह ऊपर गया तो कमरे में उसकी बेटी नहीं थी। अगले दिन उनके पास थाने से फोन आया था, जहां से वे अपनी बेटी को लेकर आए थे।
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पीड़िता के हुए थे बयान दर्ज
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए बयानों में कहा था कि वह रात को बाथरूम जाने के लिए नीचे उतरी थी तो कोई उसके पापा को आवाज दे रहा था। उसने जाकर देखा तो गांव के ही संजय ने उसका मुंह पर टेप लगा दी। उसके साथ मंजीत और मोनू भी थे। संजय ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे उठाकर बाइक पर ले गए। संजय ने उसे दवा सुंघा दी, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे सुबह होश आया तो दो कागज चुगने वाली महिलाओं के पीछे चल पड़ी। वे उसे घर ले गई, जहां सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई और उसे थाने ले जाकर परिजनों को सूचना दी। उसने बयानों में आरोप लगाया था कि बेहोश करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर अपहरण करने, नशीली दवा सुंघाकर दुष्कर्म करने, पोक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत 31 अक्तूबर 2017 को केस दर्ज किया था।
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किन धाराओं में क्या सजा
धारा - सजा - जुर्माना - अतिरिक्त सजा
363 - 3 साल - 2000 - 1 माह
376 - 10 साल - 5000 - 2 माह
452 - 2 साल - 2000 - 1 माह
पोक्सो की धारा 6 - 10 साल - 5000 - 2 माह
एससीएसटी - उम्रकैद - 5000 - 2 माह
नोट: सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी और जुर्माना 19 हजार रुपये भरना होगा।