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दादरी एसपी हिमांशु गर्ग व झज्जर डीएसपी अमित दहिया को मिला स्टे
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:40 AM IST
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फ्लैग : मारपीट के मामले में दो आरोपियों को क्लीनचिट देने का मामला
हेडिंग : दादरी एसपी हिमांशु गर्ग व झज्जर डीएसपी अमित दहिया को मिला स्टे
- एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने दिया जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय
- जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत ने 2 जुलाई को जवाब दाखिल करने के लिए जारी किए थे सम्मन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। टिटौली गांव में मारपीट व जान से मारने की धमकी मामले में तीन आरोपियों में से दो आरोपी अमित व सतपाल को क्लीनचिट देने के मामले में दादरी एसपी हिमांशु गर्ग व डीएसपी झज्जर अमित दहिया को थोड़ी राहत मिल गई है। एडीजे रितु वाईके बहल ने सोमवार को निचली अदालत के आदेश को देखते हुए स्टे आर्डर जारी किए हैं, जिसके तहत 15 दिन के अंदर संबंधित पक्ष अपना जवाब दाखिल करेगा। 2015 में आईपीएस अधिकारी हिमांशु गर्ग सदर थाना रोहतक के प्रभारी थे, जबकि अमित दहिया डीएसपी के तौर पर कार्यरत रहे।
मामले के अनुसार जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत में याचिका दायर की थी कि 15 मई 2015 को टिटौली गांव में झगड़ा हुआ, जिसमें महेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। केवल धारा 323, 341 व 506 के तहत केस दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए अदालत में केवल आरोपी बलराज के खिलाफ चालान तैयार किया गया, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में सतपाल व अमित को क्लीनचिट दे दी। इसके चलते महेंद्र सिंह के बेटे की तरफ से मामले में बलराज, उसके बेटे अमित व सतपाल के साथ तत्कालीन सदर थाना प्रभारी आईपीएस हिमांशु गर्ग, डीएसपी अमित दहिया, टिटौली चौकी प्रभारी एएसआई बलवान सिंह व सिपाही यशबीर सिंह को पार्टी बनाया गया था। आईपीएस हिमांशु गर्ग फिलहाल दादरी एसपी, जबकि अमित दहिया झज्जर में डीएसपी हैं। जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत ने 7 जून 2018 को सातों लोगों को सम्मन जारी कर 2 जुलाई को जवाब मांगा था।
बाक्स
अदालत ने दिया 15 दिन का समय
जेएमआईसी कोर्ट के आदेशों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई थी। सोमवार को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत में मामले क सुनवाई हुई। जवाब दाखिल करने के लिए दो माह का समय मांगा गया, लेकिन अदालत ने 15 दिन का समय दिया है।
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एडवोकेट करण सिंह
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हेडिंग : दादरी एसपी हिमांशु गर्ग व झज्जर डीएसपी अमित दहिया को मिला स्टे
- एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने दिया जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय
- जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत ने 2 जुलाई को जवाब दाखिल करने के लिए जारी किए थे सम्मन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। टिटौली गांव में मारपीट व जान से मारने की धमकी मामले में तीन आरोपियों में से दो आरोपी अमित व सतपाल को क्लीनचिट देने के मामले में दादरी एसपी हिमांशु गर्ग व डीएसपी झज्जर अमित दहिया को थोड़ी राहत मिल गई है। एडीजे रितु वाईके बहल ने सोमवार को निचली अदालत के आदेश को देखते हुए स्टे आर्डर जारी किए हैं, जिसके तहत 15 दिन के अंदर संबंधित पक्ष अपना जवाब दाखिल करेगा। 2015 में आईपीएस अधिकारी हिमांशु गर्ग सदर थाना रोहतक के प्रभारी थे, जबकि अमित दहिया डीएसपी के तौर पर कार्यरत रहे।
मामले के अनुसार जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत में याचिका दायर की थी कि 15 मई 2015 को टिटौली गांव में झगड़ा हुआ, जिसमें महेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। केवल धारा 323, 341 व 506 के तहत केस दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए अदालत में केवल आरोपी बलराज के खिलाफ चालान तैयार किया गया, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में सतपाल व अमित को क्लीनचिट दे दी। इसके चलते महेंद्र सिंह के बेटे की तरफ से मामले में बलराज, उसके बेटे अमित व सतपाल के साथ तत्कालीन सदर थाना प्रभारी आईपीएस हिमांशु गर्ग, डीएसपी अमित दहिया, टिटौली चौकी प्रभारी एएसआई बलवान सिंह व सिपाही यशबीर सिंह को पार्टी बनाया गया था। आईपीएस हिमांशु गर्ग फिलहाल दादरी एसपी, जबकि अमित दहिया झज्जर में डीएसपी हैं। जेएमआईसी सीमा दलाल की अदालत ने 7 जून 2018 को सातों लोगों को सम्मन जारी कर 2 जुलाई को जवाब मांगा था।
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अदालत ने दिया 15 दिन का समय
जेएमआईसी कोर्ट के आदेशों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई थी। सोमवार को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत में मामले क सुनवाई हुई। जवाब दाखिल करने के लिए दो माह का समय मांगा गया, लेकिन अदालत ने 15 दिन का समय दिया है।
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एडवोकेट करण सिंह