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मां-बाप ने बेची जमीन, तब बन सका डॉक्टर

Wed, 29 Nov 2017 02:30 AM IST
Updated Wed, 29 Nov 2017 02:30 AM IST
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मां-बाप ने बेची जमीन, तब बन सका डॉक्टर
टॉपर्स की कहानी उन्हीं की जुबानी
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मां-बाप ने बेची जमीन, खुद किया पेट्रोल पंप पर काम : विकास सहराय
रोहतक। सफलता के लिए किस तरीके से संघर्ष करना पड़ता है पीएमटी टॉपर्स विकास सहराय इसकी बड़ी मिसाल है। मूलरूप से जींद के रहने वाले विकास सहराय ने विद्यार्थियों से सांझा करते हुए बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत नहीं थी। लेकिन माता-पिता की बदौलत आज वह इस मुकाम तक पहुंच सके। शुरूआती दिनों में स्थिति यह बन गई थी कि उन्हें प्राइवेट स्कूल में शिक्षक की नौकरी और यहां तक कि कुछ दिनों तक पेट्रोल पंप पर भी काम करना पड़ा। यहीं नहीं उन्होंने लोहे के बीम बनाने का भी काम कर अपना खर्च पूरा किया। हालांकि बाद में परिवार ने जमीन बेचकर उन्हें रसिया पढ़ने के लिए भेज दिया, लेकिन यहां पर भी कठिनाइयों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। करीब चार साल रसिया में यूनिवर्सिटी बदलकर पढ़ाई करनी पड़ी और फिर अपने देश का रूख किया। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि कठिनाइयों के सामने घुटने मत टेको, हमेशा आगे बढ़ते जाओ सफलता खुद ब खुद सामने होगी।

टाइम मैनेजमेंट और स्मार्ट वर्क सफलता का मूलमंत्र : अभिषेक कुमार कमल
रोहतक। दिल्ली आईआईटी टॉपर्स अभिषेक कुमार कमल ने विद्यार्थियों में जोश भरते हुए कहा कि खुद की पावर को पहचानना होगा। सफलता के लिए मूलमंत्र को हमेशा फालो किया जाए, तभी सफलता मिलती। टाइम मैनेजमेंट, स्मार्ट वर्क और बिना किसी तनाव के काम करना चाहिए। स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ घर पर भी पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करें। सबसे महत्वपूर्ण यह होना चाहिए कि जब एग्जाम देते हैं तो उस समय कोई तनाव नहीं होना चाहिए। हालांकि एग्जाम में किन प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाए उनकी समीक्षा जरूर होनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि आखिर हम कहां पर कमजोर है।
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12वीं तक नहीं करना चाहिए फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल : सुदीक्षा छिक्कारा
रोहतक। पीएमटी टॉपर्स सुदीक्षा छिक्कारा का कहना है कि सबसे पहले यह निर्धारित करना होगा कि 10वीं और 12वीं में क्या स्ट्रीम होनी चाहिए। शुरूआत से ही विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा। लगातार पढ़ाई करते समय यदि बोर हो जाए तो कुछ समय के लिए खेल या अन्य एक्टीविटी भी जरूरी है। पढ़ाई को खुद पर हावी न होने दें। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि 12वीं तक मोबाइल और इंटरनेट के इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए। जितना समय फेसबुक और वाट्सएप आदि पर लगाते हैं उस समय में पढ़ाई की जाए या फिर अपने अभिभावकों के साथ बैठकर बातें करें। इससे अभिभावकों से काफी कुछ सीखने और समझने को मिलेगा।
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इन स्कूलों के विद्यार्थी हुए शामिल
कार्यक्रम के दौरान स्कोलर रोजरी स्कूल, जॉन वेस्ले कॉन्वेंट स्कूल, पठानिया स्कूल, स्वामी नित्यानंद स्कूल, द सनसाइन स्कूल, बाबा उद्दल देव स्कूल, एचडी पब्लिक स्कूल बहु अकबरपुर, एसआरएस स्कूल, न्यू हरियाणा स्कूल, मदर इंडिया स्कूल, एमडीएन स्कूल, आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल बसाना, आदर्श स्कूल मदीना, मॉडल स्कूल, वेद मॉडल स्कूल, बाबा बंदा बहादुर स्कूल, वैश्य पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी स्कूल समेत अन्य कई स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हुए।
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