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आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में 67 एमओ व एसएमओ का किया तबादला
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:48 AM IST
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आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में 67 एमओ व एसएमओ का तबादला
डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभाग को एक और योजना की संभालनी होगी जिम्मेदारी
जिला अस्पताल का लोगो
संजय कुमार
रोहतक। केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत हर मरीज को हर जिले में सही समय पर सही उपचार मिल सके, इसके लिए प्रदेश भर में 67 एमओ व एसएमओ का तबादला किया गया है। डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभाग को अब एक और नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। इससे पहले विभाग के डॉक्टरों को ओपीडी के अलावा प्रशासनिक कार्य, आपात विभाग, पोस्टमार्टम, वीआईपी ड्यूटी, जागरूकता कार्यक्रमों जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एडिशन चीफ सेक्रेटरी आरआर जोवेल ने प्रदेश के 67 डॉक्टरों को इधर से उधर कर दिया है। इस पर कई डॉक्टरों को एतराज भी है कि विभाग नई भर्ती करने की बजाए मौजूद डॉक्टरों को इधर-उधर भेज कर खानापूर्ति करता है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के पास महज 2600 के करीब डॉक्टर हैं, जबकि जरूरत 6000 डॉक्टरों की है। यदि आयुष्मान योजना को सही चलाना है तो 4000 अतिरिक्त डॉक्टर भी होने चाहिए, नहीं तो यह योजना महज निजी अस्पतालों तक सिमट जाएगी। 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन ने सेशन के मध्य इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों का तबादला किया है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की संख्या दिखाने के लिए दूसरी जगहों से डॉक्टरों को भेजा जाता है, जबकि यह नियमों के खिलाफ है।
जिला रोहतक से इन डॉक्टरों का किया तबादला
नाम विभाग भेजा
डॉ. नताशा अत्री स्त्री रोग रेवाड़ी
डॉ. प्रवीन ऑर्थो जींद
डॉ. गुलशन चिटकारा बाल रोग जींद
डॉ. अरूण माइक्रोबायोलॉजी फतेहाबाद
डॉ. आकाश दीप बंसल चेस्ट एंड टीबी यमुना नगर एलएलसीएच
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डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभाग को एक और योजना की संभालनी होगी जिम्मेदारी
जिला अस्पताल का लोगो
संजय कुमार
रोहतक। केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत हर मरीज को हर जिले में सही समय पर सही उपचार मिल सके, इसके लिए प्रदेश भर में 67 एमओ व एसएमओ का तबादला किया गया है। डॉक्टरों की कमी झेल रहे विभाग को अब एक और नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। इससे पहले विभाग के डॉक्टरों को ओपीडी के अलावा प्रशासनिक कार्य, आपात विभाग, पोस्टमार्टम, वीआईपी ड्यूटी, जागरूकता कार्यक्रमों जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एडिशन चीफ सेक्रेटरी आरआर जोवेल ने प्रदेश के 67 डॉक्टरों को इधर से उधर कर दिया है। इस पर कई डॉक्टरों को एतराज भी है कि विभाग नई भर्ती करने की बजाए मौजूद डॉक्टरों को इधर-उधर भेज कर खानापूर्ति करता है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के पास महज 2600 के करीब डॉक्टर हैं, जबकि जरूरत 6000 डॉक्टरों की है। यदि आयुष्मान योजना को सही चलाना है तो 4000 अतिरिक्त डॉक्टर भी होने चाहिए, नहीं तो यह योजना महज निजी अस्पतालों तक सिमट जाएगी। 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन ने सेशन के मध्य इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों का तबादला किया है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की संख्या दिखाने के लिए दूसरी जगहों से डॉक्टरों को भेजा जाता है, जबकि यह नियमों के खिलाफ है।
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जिला रोहतक से इन डॉक्टरों का किया तबादला
नाम विभाग भेजा
डॉ. नताशा अत्री स्त्री रोग रेवाड़ी
डॉ. प्रवीन ऑर्थो जींद
डॉ. गुलशन चिटकारा बाल रोग जींद
डॉ. अरूण माइक्रोबायोलॉजी फतेहाबाद
डॉ. आकाश दीप बंसल चेस्ट एंड टीबी यमुना नगर एलएलसीएच