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पार्किंग को शुरू कराने के लिए 11 मार्केट के व्यापारी आरपार की लड़ाई के मूड में, वीरवार को बैठक के बाद डीसी को देंगे तीन दिन का अल्टीमेटम
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फोटो आरओएच 23 किला रोड
आरओएच 22 भगत सिंह पार्किंग : व्यापारियों के फोटो नाम से मेरे फोल्डर में भी और ट्रैक में भी
फ्लैग: किला रोड पर 3878.40 वर्ग गज में सात करोड़ रुपये की लागत से बनी भगत सिंह पार्किंग चार वर्ष से शुरू नहीं, व्यापारियों के सारे प्रयास बेकार, शहर के 11 बाजारों में जाम बना जंजाल
हेडलाइन: पार्किंग को शुरू कराने के लिए 11 मार्केट के व्यापारी आरपार की लड़ाई के मूड में, बैठक कर डीसी को देंगे तीन दिन का अल्टीमेटम
- तीन दिन के वक्त में भी मल्टीलेवल पार्किंग को शुरू करने पर नहीं उठाया गया कदम तो व्यापारी अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को भी तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहीद भगत सिंह पार्किंग कम कांप्लेक्स की इमारत बीते चार वर्ष बनकर तैयार खड़ी है, लेकिन नगर निगम और प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस पार्किंग को बनाने का मकसद था कि शहर के 11 बाजारों में अवैध पार्किंग से होने वाले जाम को खत्म किया जाएगा, लेकिन इसके शुरू नहीं होने से अब व्यापारी आरपार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। सभी 11 बाजारों के प्रधानों और व्यापारियों की बैठक दो दिन बाद वीरवार को बुलाई है। जहां पार्किंग को शुरू कराने के लिए निर्णय लिया जाएगा। हालांकि मीटिंग के बाद जो होना है, यह लगभग तय है।
व्यापारियों का कहना है कि बैठक के पार्किंग शुरू करने की दिशा में कदम उठाने को तीन दिन का वक्त उपायुक्त को दिया जाएगा। इन तीन दिन में कुछ नहीं होता तो व्यापारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। दो मंजिला इमारत के बेसमेंट में 400 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। इस पार्किंग का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली गेट, बड़ा बाजार और किला रोड समेत 11 बाजारों के व्यापारियों को होगा। पार्किंग का संचालन स्थाई तौर पर नहीं होने से यहां लोग वाहनों की पार्किंग करने से कतराते हैं, क्योंकि वाहनों की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं है। व्यापारी पार्किंग का तुरंत संचालन चाहते हैं। कुछ माह पहले मंडल आयुक्त ने पार्किंग व प्रतिष्ठानों के संचालन और दरें तय करने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा है, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। जिससे संचालन अधर में लटका है।
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वर्ष 2010 में हुआ पार्किंग बनाने पर फैसला, न संचालन हुआ न ही दरें तय हुईं
दिल्ली गेट स्थित भगत सिंह पार्क को तोड़कर वर्ष 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की अनुमति से निगम ने पार्किंग कम पार्किंग बनाने का फैसला किया था। निगम ने सात साल में सात करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी से बिल्डिंग को तैयार करवाई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चार अप्रैल 2017 को पर्दा हटाकर कांप्लेक्स का उद्घाटन किया जबकि शिलान्यास सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और तत्कालीन विधायक भारत भूषण बतरा ने किया था, लेकिन आज तक इसका संचालन तो दूर पार्किंग की दरें तक तय नहीं हो सकीं।
वर्जन
भगत सिंह पार्किंग के संचालन की मंजूरी के लिए चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया। पार्किंग के संचालन को शुरू करने की दिशा में नगर निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
- आरएस वर्मा, आयुक्त, नगर निगम।
बिल्डिंग खड़ी है पर सुविधा नहीं
किला रोड पर पिछले चार वर्ष से भगत सिंह पार्किंग की बिल्डिंग खड़ी है। बिल्डिंग की हालत बदतर होती जा रही है। कई बार कमिश्नर और डीसी से मिल चुके हैं, लेकिन इतने प्रयासों के बाद भी पार्किंग शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में, अब अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल का विकल्प भी हमारे पास खुला है। - कपिल नागपाल, प्रधान, गोहाना अड्डा मार्केट एसोसिएशन।
पार्किंग को शुरू करने के लिए जितनी भी लंबी लड़ाई लड़नी पड़े अब इसे जारी रखेंगे। जिन बाजारों से पार्किंग लगी है, उन सभी के साथ वीरवार को बैठक करते पार्किंग को शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- सोम मलिक, पदाधिकारी, व्यापार मंडल।
पार्किंग शुरू होने से मार्केट साफ हो जाएंगे, जब वाहन सड़क पर खड़े नहीं होंगे तो लोगों को आने-जाने में समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही मार्केट में जाम की समस्या भी नहीं बनेगी।
- मनोज बत्रा, प्रधान, निरंकारी मार्केट।
- वीरवार की दोपहर एक बजे होगी बैठक, इन व्यापारी संगठनों को बुलावा
व्यापार मंडल से सोम मलिक, पालिका बाजार से गुलशन निझावन, किला रोड से बिट्टू सचदेवा, झझर रोड-काठमंडी से राजू भूटानी, हिसार रोड़ से श्याम सचदेवा व राकेश सचदेवा, दिल्ली गेट और गोहाना अड्डा से कपिल नागपाल, भिवानी स्टैंड से गौरव डाबड़ा, निरंकारी मार्केट से मनोज बत्रा, बड़ा बाजार से प्रदीप कपूर व अमित डेरवाल और इंद्रा मार्केट से सोनू भटनागर।
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आरओएच 22 भगत सिंह पार्किंग : व्यापारियों के फोटो नाम से मेरे फोल्डर में भी और ट्रैक में भी
फ्लैग: किला रोड पर 3878.40 वर्ग गज में सात करोड़ रुपये की लागत से बनी भगत सिंह पार्किंग चार वर्ष से शुरू नहीं, व्यापारियों के सारे प्रयास बेकार, शहर के 11 बाजारों में जाम बना जंजाल
हेडलाइन: पार्किंग को शुरू कराने के लिए 11 मार्केट के व्यापारी आरपार की लड़ाई के मूड में, बैठक कर डीसी को देंगे तीन दिन का अल्टीमेटम
- तीन दिन के वक्त में भी मल्टीलेवल पार्किंग को शुरू करने पर नहीं उठाया गया कदम तो व्यापारी अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को भी तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहीद भगत सिंह पार्किंग कम कांप्लेक्स की इमारत बीते चार वर्ष बनकर तैयार खड़ी है, लेकिन नगर निगम और प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस पार्किंग को बनाने का मकसद था कि शहर के 11 बाजारों में अवैध पार्किंग से होने वाले जाम को खत्म किया जाएगा, लेकिन इसके शुरू नहीं होने से अब व्यापारी आरपार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। सभी 11 बाजारों के प्रधानों और व्यापारियों की बैठक दो दिन बाद वीरवार को बुलाई है। जहां पार्किंग को शुरू कराने के लिए निर्णय लिया जाएगा। हालांकि मीटिंग के बाद जो होना है, यह लगभग तय है।
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व्यापारियों का कहना है कि बैठक के पार्किंग शुरू करने की दिशा में कदम उठाने को तीन दिन का वक्त उपायुक्त को दिया जाएगा। इन तीन दिन में कुछ नहीं होता तो व्यापारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। दो मंजिला इमारत के बेसमेंट में 400 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। इस पार्किंग का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली गेट, बड़ा बाजार और किला रोड समेत 11 बाजारों के व्यापारियों को होगा। पार्किंग का संचालन स्थाई तौर पर नहीं होने से यहां लोग वाहनों की पार्किंग करने से कतराते हैं, क्योंकि वाहनों की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं है। व्यापारी पार्किंग का तुरंत संचालन चाहते हैं। कुछ माह पहले मंडल आयुक्त ने पार्किंग व प्रतिष्ठानों के संचालन और दरें तय करने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा है, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। जिससे संचालन अधर में लटका है।
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वर्ष 2010 में हुआ पार्किंग बनाने पर फैसला, न संचालन हुआ न ही दरें तय हुईं
दिल्ली गेट स्थित भगत सिंह पार्क को तोड़कर वर्ष 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की अनुमति से निगम ने पार्किंग कम पार्किंग बनाने का फैसला किया था। निगम ने सात साल में सात करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी से बिल्डिंग को तैयार करवाई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चार अप्रैल 2017 को पर्दा हटाकर कांप्लेक्स का उद्घाटन किया जबकि शिलान्यास सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और तत्कालीन विधायक भारत भूषण बतरा ने किया था, लेकिन आज तक इसका संचालन तो दूर पार्किंग की दरें तक तय नहीं हो सकीं।
वर्जन
भगत सिंह पार्किंग के संचालन की मंजूरी के लिए चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया। पार्किंग के संचालन को शुरू करने की दिशा में नगर निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
- आरएस वर्मा, आयुक्त, नगर निगम।
बिल्डिंग खड़ी है पर सुविधा नहीं
किला रोड पर पिछले चार वर्ष से भगत सिंह पार्किंग की बिल्डिंग खड़ी है। बिल्डिंग की हालत बदतर होती जा रही है। कई बार कमिश्नर और डीसी से मिल चुके हैं, लेकिन इतने प्रयासों के बाद भी पार्किंग शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में, अब अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल का विकल्प भी हमारे पास खुला है। - कपिल नागपाल, प्रधान, गोहाना अड्डा मार्केट एसोसिएशन।
पार्किंग को शुरू करने के लिए जितनी भी लंबी लड़ाई लड़नी पड़े अब इसे जारी रखेंगे। जिन बाजारों से पार्किंग लगी है, उन सभी के साथ वीरवार को बैठक करते पार्किंग को शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- सोम मलिक, पदाधिकारी, व्यापार मंडल।
पार्किंग शुरू होने से मार्केट साफ हो जाएंगे, जब वाहन सड़क पर खड़े नहीं होंगे तो लोगों को आने-जाने में समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही मार्केट में जाम की समस्या भी नहीं बनेगी।
- मनोज बत्रा, प्रधान, निरंकारी मार्केट।
- वीरवार की दोपहर एक बजे होगी बैठक, इन व्यापारी संगठनों को बुलावा
व्यापार मंडल से सोम मलिक, पालिका बाजार से गुलशन निझावन, किला रोड से बिट्टू सचदेवा, झझर रोड-काठमंडी से राजू भूटानी, हिसार रोड़ से श्याम सचदेवा व राकेश सचदेवा, दिल्ली गेट और गोहाना अड्डा से कपिल नागपाल, भिवानी स्टैंड से गौरव डाबड़ा, निरंकारी मार्केट से मनोज बत्रा, बड़ा बाजार से प्रदीप कपूर व अमित डेरवाल और इंद्रा मार्केट से सोनू भटनागर।