{"_id":"5cb2585dbdec22764d2702c2","slug":"121555191901-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में इस बार समय पर नहीं हो पाएगी नहरों की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में इस बार समय पर नहीं हो पाएगी नहरों की सफाई
विज्ञापन
रोहतक। प्रदेश भर में इस बार नहरों की सफाई समय पर शुरू नहीं हो पाएगी। आदर्श आचार संहिता के तहत नहरों के लिए सफाई के लिए छोड़ने की चुनाव आयोग की ओर से अनुमति नहीं दी गई, इसकी वजह से नहरों की सफाई का काम कम से कम दो महीने देरी से शुरू हो सकता है। ऐसे में, अगर मानसून आ गया तो किसानों के लिए दिक्कत पैदा हो सकती है, क्योंकि नहर का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भरेगा।
सिंचाई विभाग को हर वर्ष नहरों की सफाई का काम 15 जून तक पूरा कर लेना होता है क्योंकि जून के अंतिम या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मानसून के आने की संभावना बन जाती है। नहरों की सफाई होने से पानी का फ्लो बना रहता है, जिसकी वह पानी ओवरफ्लो नहीं होता है। सिंचाई विभाग नहर की सफाई के लिए मार्च-अप्रैल में टेंडर निकलता है, जिसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नहरों की सफाई शुरू होती, लेकिन इस बाद लोकसभा चुनाव के चलते लगी आदर्श आचार संहिता के तहत सिंचाई विभाग ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर टेंडर छोड़ने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति देने से इंकार कर दिया गया। चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि 23 मई के बाद ही टेंडर जारी किए जाएंगे। ऐसे में, नहर की सफाई काम समय पर शुरू नहीं हो सकेगा। टेंडर निकालने से लेकर काम शुरू होने तक करीब दो महीने का वक्त चाहिए होगा।
सिंचाई विभाग अपने पास मौजूद मशीनों से ही कराएगा सफाई
सिंचाई विभाग के एक्सईएन राम निवास ने बताया कि आदर्श आचार संहिता की वजह से टेंडर नहीं छोड़े जा सकते है, ऐसे में विभाग के अपने मौजूदा संसाधनों के जरिए ही नहरों की सफाई करेगा। रोहतक में दो पोकलेन मशीन के जरिए सफाई शुरू की जा चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग को हर वर्ष नहरों की सफाई का काम 15 जून तक पूरा कर लेना होता है क्योंकि जून के अंतिम या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मानसून के आने की संभावना बन जाती है। नहरों की सफाई होने से पानी का फ्लो बना रहता है, जिसकी वह पानी ओवरफ्लो नहीं होता है। सिंचाई विभाग नहर की सफाई के लिए मार्च-अप्रैल में टेंडर निकलता है, जिसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नहरों की सफाई शुरू होती, लेकिन इस बाद लोकसभा चुनाव के चलते लगी आदर्श आचार संहिता के तहत सिंचाई विभाग ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर टेंडर छोड़ने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति देने से इंकार कर दिया गया। चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि 23 मई के बाद ही टेंडर जारी किए जाएंगे। ऐसे में, नहर की सफाई काम समय पर शुरू नहीं हो सकेगा। टेंडर निकालने से लेकर काम शुरू होने तक करीब दो महीने का वक्त चाहिए होगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग अपने पास मौजूद मशीनों से ही कराएगा सफाई
सिंचाई विभाग के एक्सईएन राम निवास ने बताया कि आदर्श आचार संहिता की वजह से टेंडर नहीं छोड़े जा सकते है, ऐसे में विभाग के अपने मौजूदा संसाधनों के जरिए ही नहरों की सफाई करेगा। रोहतक में दो पोकलेन मशीन के जरिए सफाई शुरू की जा चुकी हैं।
विज्ञापन