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श्रमिकों का पंजीकरण, सरकारी सुविधाएं मिलेंगी
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:44 AM IST
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पंजीकृत श्रमिकों को मातृत्व-पितृत्व लाभ के साथ बेटा-बेटी की शादी के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
- रोहतक में सोमवार से श्रमिकों का पंजीकरण किया गाय शुरू, 31 जुलाई तक किया जाएगा पंजीकरण
- श्रमिकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देने के लिए सरकार ने प्रदेश भर में पंजीकरण करना शुरू किया है
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। श्रमिकों के पंजीकरण का अभियान रोहतक में सोमवार से शुरू कर दिया गया है, जिसका फायदा श्रमिकों का सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओं के लाभ के तौर पर मिलेगा। पंजीकरण के बाद श्रमिकों को मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के साथ ही बेटा एवं बेटी की शादी के लिए आर्थिक मदद भी मिलेगी। इतना ही नहीं शिक्षा, चिकित्सा और घर पर छत के लिए भी सरकार मदद करेगी। लेबर चौक पर सोमवार की सुबह हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के सदस्य भूषण चुघ ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने श्रमिकों को बताया कि पंजीकृत मजदूर को 36 हजार रुपये मातृत्व और 21 हजार रुपये का पितृत्व लाभ प्रदान दिया जाएगा। कन्यादान योजना के तहत 51 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिलेगी। श्रमिक के बेटे की शादी पर 21 हजार और बेटी की शादी पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा के लिए आठ से 20 हजार रुपये तक की वार्षिक वित्तीय सहायता देने के साथ ही 21 से 51 हजार रुपये तक का पारितोषिक देने का भी प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना के तहत 51 हजार रुपये की वार्षिक राशि दी जाती है। टूल किट के लिए 8 हजार और साइकिल के लिए तीन हजार रुपये की सहायता भी श्रमिकों को दी जाएगी।
प्रचलित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मजदूरों को चिकित्सा सहायता के साथ ही घातक बीमारियों के उपचार के लिए एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। पैतृक घर जाने व भ्रमण के लिए पंजीकृत मजदूरों को वास्तविक किराया भी दिया जाएगा। श्रमिकों के अक्षम बच्चों को दो हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता देने के साथ ही 60 वर्ष की आयु के उपरांत एक हजार रुपये प्रतिमाह की पेंशन व 500 रुपये प्रतिमाह की पारिवारिक पेंशन भी दी जाएगी। अपंगता की स्थिति में तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। श्रमिक की मृत्यु होने पर दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी और पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत दिए जाएंगे। अंतिम संस्कार के लिए भी 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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इस अवसर पर जिला श्रम कल्याण अधिकारी विकास हुड्डा, श्रम कल्याण निरीक्षक बलबीर सिंह सहित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित थे। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा।
फोटो सहित:
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- रोहतक में सोमवार से श्रमिकों का पंजीकरण किया गाय शुरू, 31 जुलाई तक किया जाएगा पंजीकरण
- श्रमिकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देने के लिए सरकार ने प्रदेश भर में पंजीकरण करना शुरू किया है
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। श्रमिकों के पंजीकरण का अभियान रोहतक में सोमवार से शुरू कर दिया गया है, जिसका फायदा श्रमिकों का सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओं के लाभ के तौर पर मिलेगा। पंजीकरण के बाद श्रमिकों को मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के साथ ही बेटा एवं बेटी की शादी के लिए आर्थिक मदद भी मिलेगी। इतना ही नहीं शिक्षा, चिकित्सा और घर पर छत के लिए भी सरकार मदद करेगी। लेबर चौक पर सोमवार की सुबह हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के सदस्य भूषण चुघ ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने श्रमिकों को बताया कि पंजीकृत मजदूर को 36 हजार रुपये मातृत्व और 21 हजार रुपये का पितृत्व लाभ प्रदान दिया जाएगा। कन्यादान योजना के तहत 51 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिलेगी। श्रमिक के बेटे की शादी पर 21 हजार और बेटी की शादी पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा के लिए आठ से 20 हजार रुपये तक की वार्षिक वित्तीय सहायता देने के साथ ही 21 से 51 हजार रुपये तक का पारितोषिक देने का भी प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना के तहत 51 हजार रुपये की वार्षिक राशि दी जाती है। टूल किट के लिए 8 हजार और साइकिल के लिए तीन हजार रुपये की सहायता भी श्रमिकों को दी जाएगी।
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प्रचलित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मजदूरों को चिकित्सा सहायता के साथ ही घातक बीमारियों के उपचार के लिए एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। पैतृक घर जाने व भ्रमण के लिए पंजीकृत मजदूरों को वास्तविक किराया भी दिया जाएगा। श्रमिकों के अक्षम बच्चों को दो हजार रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता देने के साथ ही 60 वर्ष की आयु के उपरांत एक हजार रुपये प्रतिमाह की पेंशन व 500 रुपये प्रतिमाह की पारिवारिक पेंशन भी दी जाएगी। अपंगता की स्थिति में तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। श्रमिक की मृत्यु होने पर दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी और पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत दिए जाएंगे। अंतिम संस्कार के लिए भी 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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इस अवसर पर जिला श्रम कल्याण अधिकारी विकास हुड्डा, श्रम कल्याण निरीक्षक बलबीर सिंह सहित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित थे। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा।
फोटो सहित: