{"_id":"5ab17a7d4f1c1ba3238b64f2","slug":"121521580669-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रथमा- कैप्टन अभिमन्यु -नारी सशक्तीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रथमा- कैप्टन अभिमन्यु -नारी सशक्तीकरण
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने सम्मान के लिए आंख में आंख डालकर बेटियों को खड़ा होना होगा : कैप्टन अभिमन्यु
- अमर उजाला की महिला सशक्तीकरण की मुहिम ‘प्रथमा’ के तहत महिलाओं का हौसला बढ़ाने पहुंचे वित्त मंत्री
- महिला सशक्तीकरण की दिशा में चेतना और जागरूकता जगाने के प्रयास के लिए अमर उजाला की प्रशंसा की
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
समाज को अपने नजरिए और सोच को बदलना होगा। अपने सम्मान के लिए समाज की आंख में आंख डालकर बेटियों और महिलाओं को खड़ा होना होगा। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अमर उजाला की ओर से शुरू की गई महिला सशक्तीकरण की मुहिम ‘प्रथमा’ के तहत निकाली गई रैली ‘वॉक फॉर यूनिटी’ के दौरान ये बात कही। उन्होंने रैली में शामिल महिलाओं एवं युवतियों का हौसला बढ़ाया और समाज में महिला सशक्तीकरण की दिशा में चेतना और जागरूकता जगाने की अमर उजाला की पहले ‘प्रथमा’ की प्रशंसा की।
वित्त मंत्री ने कहा कि समाज को यह नजरिया स्वीकार करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी के लिए जेंडर इक्वेलिटी आवश्यकता ही नहीं बल्कि हक है। बेटियों ने हमेशा ही साबित किया है कि वे किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। देश की आधी आबादी को पूरे अवसर मिलने पर ही देश आगे बढ़ेगा। परिवार का माहौल ऐसा हो कि बेटी में सुरक्षा का भाव पैदा हो। महिला और बेटी को सुरक्षा का अहसास कराने की जिम्मेदारी समाज को आगे बढ़कर लेनी चाहिए, जिससे एक दिन लड़कों की तरह ही लड़कियां भी कॉलेज या कार्यक्षेत्र में पूर्ण विश्वास के साथ जाएं।
हरियाणा में महिला सुरक्षा पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला थाने खोले हैं, इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की संख्या को लगभग डेढ़ गुना कर दिया है। सब डिवीजन और ब्लॉक स्तर के थानों पर भी महिला पुलिस कर्मियों नियुक्ति की गई है। शिक्षण संस्थानों के आसपास बेटियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोकने के लिए पुलिस ने अभियान के तौर पर काम किया है।
विज्ञापन
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि अमर उजाला ने रोहतक में यह कार्यक्रम किया, जिसके जरिए महिला सशक्तीकरण की अलख जलाने का काम हुआ है। राज्य में लगातार हो रहे प्रयासों से बदलाव भी आ रहा है, लेकिन इसमें तेजी लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
- अमर उजाला की महिला सशक्तीकरण की मुहिम ‘प्रथमा’ के तहत महिलाओं का हौसला बढ़ाने पहुंचे वित्त मंत्री
- महिला सशक्तीकरण की दिशा में चेतना और जागरूकता जगाने के प्रयास के लिए अमर उजाला की प्रशंसा की
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
समाज को अपने नजरिए और सोच को बदलना होगा। अपने सम्मान के लिए समाज की आंख में आंख डालकर बेटियों और महिलाओं को खड़ा होना होगा। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अमर उजाला की ओर से शुरू की गई महिला सशक्तीकरण की मुहिम ‘प्रथमा’ के तहत निकाली गई रैली ‘वॉक फॉर यूनिटी’ के दौरान ये बात कही। उन्होंने रैली में शामिल महिलाओं एवं युवतियों का हौसला बढ़ाया और समाज में महिला सशक्तीकरण की दिशा में चेतना और जागरूकता जगाने की अमर उजाला की पहले ‘प्रथमा’ की प्रशंसा की।
वित्त मंत्री ने कहा कि समाज को यह नजरिया स्वीकार करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी के लिए जेंडर इक्वेलिटी आवश्यकता ही नहीं बल्कि हक है। बेटियों ने हमेशा ही साबित किया है कि वे किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। देश की आधी आबादी को पूरे अवसर मिलने पर ही देश आगे बढ़ेगा। परिवार का माहौल ऐसा हो कि बेटी में सुरक्षा का भाव पैदा हो। महिला और बेटी को सुरक्षा का अहसास कराने की जिम्मेदारी समाज को आगे बढ़कर लेनी चाहिए, जिससे एक दिन लड़कों की तरह ही लड़कियां भी कॉलेज या कार्यक्षेत्र में पूर्ण विश्वास के साथ जाएं।
विज्ञापन
हरियाणा में महिला सुरक्षा पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला थाने खोले हैं, इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की संख्या को लगभग डेढ़ गुना कर दिया है। सब डिवीजन और ब्लॉक स्तर के थानों पर भी महिला पुलिस कर्मियों नियुक्ति की गई है। शिक्षण संस्थानों के आसपास बेटियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोकने के लिए पुलिस ने अभियान के तौर पर काम किया है।
विज्ञापन
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि अमर उजाला ने रोहतक में यह कार्यक्रम किया, जिसके जरिए महिला सशक्तीकरण की अलख जलाने का काम हुआ है। राज्य में लगातार हो रहे प्रयासों से बदलाव भी आ रहा है, लेकिन इसमें तेजी लाने की जरूरत है।