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ठंड से तीन गायों ने और तोड़ा दम, प्रशासन के फूले हाथ-पैर
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:37 AM IST
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बसाना की गोशाला में अव्यवस्था का मामला
ठंड से तीन गायों ने और तोड़ा दम, प्रशासन के फूले हाथ-पैर
- मोखरा की गौशाला ने किया गाय लेने से इंकार
- एसडीएम, तहसीलदार और एसएचओ ने किया गोशाला का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महम, कलानौर।
बेरी-महम रोड पर बसाना व मोखरा गांव के बीच बिना शेड की गोशाला में गायों के मरने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। रविवार की रात तीन गायों ने और दम तोड़ दिया। अब मरने वाली गायों की संख्या 17 पहुंच गई है। एक तरफ जहां गायों की लगातार मौत हो रही है, दूसरी तरफ प्रशासन गायों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं कर पा रहा है। अधिकारियों ने मोखरा गांव स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में गायों को शिफ्ट करने का प्रयास किया, लेकिन गोशाला प्रबंधन कमेटी ने जगह की कमी बताकर लेने से इनकार कर दिया। अब प्रशासन दूसरी गोशाला में गायों को शिफ्ट करने का प्रयास कर रहा है।
तीन माह पहले मोखरा-बसाना गांव की सीमा पर निजी गोशाला खोली गई, जिसकी चार दीवारी तो कर दी गई, लेकिन शेड नहीं बनवाया गया। इसके चलते ठंड बढ़ने के साथ ही गायों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। गोशाला में बंद 500 से ज्यादा गायों में से शनिवार की रात 14 की मौत हो गई, जबकि तीन ने रविवार की रात अंतिम सांस ली। गायों की मौत से गुस्साएं मोखरा और बसाना के ग्रामीणों ने रविवार को सड़क पर गायों के शव रखकर रोड जाम कर दिया था। साथ ही गोशाला संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक पुलिस जांच में ही उलझी हुई है।
ग्रामीण बोले, प्रशासनिक अधिकारियों ने क्यों दी बिना शेड गोशाला संचालन की अनुमति, करवाई जाए जांच
सोमवार सुबह एसडीएम महम निर्मल नागर, तहसीलदार रविन्द्र मलिक, थाना प्रभारी रमेश कुमार गोशाला में पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीण ने गायों को दूसरी जगह भेजने तथा गोशाला के प्रबंधन कमेटी पर लापरवाही के मामले में कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि गोशाला प्रबंधन कमेटी की लापरवाही के कारण गाय ठंड से मर रही है। गोशाला कमेटी ने गोशाला शुरू करने से पहले शेड लगानी चाहिए थी। ताकि गायों को ठंड और बारिश से बचाया जा सके। लेकिन प्रबंधन कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत करके चारदीवारी कर बिना रजिस्ट्रेशन और शेड के गोशाला शुरू कर दी। जिससे इस स्थिति का सामना करना पड़ा।
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श्रीकृष्ण गोशाला का गाय लेने से इनकार
प्रशासन ने बची गायों को मोखरा स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में शिफ्ट करने का प्रयास किया। इसके लिए अधिकारियों की टीम ने गोशाला प्रबंधन कमेटी से मुलाकात की, लेकिन कमेटी के सदस्यों ने जगह और बजट की कमी का हवाला देते हुए गायों को रखने से साफ इनकार कर दिया।
गाय मरने के बाद उपचार करने पहुंची डॉक्टरों की टीम
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि गोशालाओं में डॉक्टरों की टीम दौरा कर पशुओं की जांच करती है, लेकिन गोशाला शुरू हुए तीन से चार महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी बीमार गायों की सुध नहीं ली है। इससे बीमार और चोटिल गाय इलाज नहीं होने के कारण ठंड व भूख से दम तोड़ रही हैं। सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम को गोशाला बुलाकर बीमार गायों का इलाज करवाया गया। डाक्टरों की टीम एंबुलेंस के साथ गोशाला पहुंची थी। जिन गायों की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही थी उन्हें रोहतक पीड़ित पशु संघ ले जाया गया।
शिफ्ट कराने के लिए डीसी से करेंगे मुलाकात : एसडीएम
एसडीएम निर्मल नागर ने कहा कि कहा कि गायों को ठंड से बचाने के लिए गोशाला के पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इससे गायों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने गांव में बनी दूसरी गोशाला में गाय शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन श्रीकृष्ण गोशाला प्रबंधन कमेटी ने गाय रखने से साफ मना कर दिया। गायों को बैंसी तथा महम गोशाला में शिफ्ट करने के लिए जिला उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी।
रिकॉर्ड मांगा, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई : एसएचओ
महम थाना प्रभारी रमेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन कमेटी पर बिना रजिस्ट्रेशन गोशाला खोलने का आरोप लगाया है। गोशाला के कागजातों की जांच की जा रही है। कागजातोें की जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो कैप्शन
18 एमएचएम 1 गौशाला का दौरा करने के दौरान ग्रामीणों से रूबरू होते एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी
18 एमएचएम 2 कडकड़ाती ठंड में खुले में खड़ी गाय
18 एमएचएम 3 रविवार रात को ठंड से मरी गाय
18 एमएचएम 4 बीमार गायों की जांच के लिए पहुंचा डाक्टरों का दल
18 एमएचएम 5 भाजपा की जीत पर लड्डु बांटकर खुशी मनाते कार्यकर्ता
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ठंड से तीन गायों ने और तोड़ा दम, प्रशासन के फूले हाथ-पैर
- मोखरा की गौशाला ने किया गाय लेने से इंकार
- एसडीएम, तहसीलदार और एसएचओ ने किया गोशाला का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
महम, कलानौर।
बेरी-महम रोड पर बसाना व मोखरा गांव के बीच बिना शेड की गोशाला में गायों के मरने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। रविवार की रात तीन गायों ने और दम तोड़ दिया। अब मरने वाली गायों की संख्या 17 पहुंच गई है। एक तरफ जहां गायों की लगातार मौत हो रही है, दूसरी तरफ प्रशासन गायों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं कर पा रहा है। अधिकारियों ने मोखरा गांव स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में गायों को शिफ्ट करने का प्रयास किया, लेकिन गोशाला प्रबंधन कमेटी ने जगह की कमी बताकर लेने से इनकार कर दिया। अब प्रशासन दूसरी गोशाला में गायों को शिफ्ट करने का प्रयास कर रहा है।
तीन माह पहले मोखरा-बसाना गांव की सीमा पर निजी गोशाला खोली गई, जिसकी चार दीवारी तो कर दी गई, लेकिन शेड नहीं बनवाया गया। इसके चलते ठंड बढ़ने के साथ ही गायों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। गोशाला में बंद 500 से ज्यादा गायों में से शनिवार की रात 14 की मौत हो गई, जबकि तीन ने रविवार की रात अंतिम सांस ली। गायों की मौत से गुस्साएं मोखरा और बसाना के ग्रामीणों ने रविवार को सड़क पर गायों के शव रखकर रोड जाम कर दिया था। साथ ही गोशाला संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक पुलिस जांच में ही उलझी हुई है।
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ग्रामीण बोले, प्रशासनिक अधिकारियों ने क्यों दी बिना शेड गोशाला संचालन की अनुमति, करवाई जाए जांच
सोमवार सुबह एसडीएम महम निर्मल नागर, तहसीलदार रविन्द्र मलिक, थाना प्रभारी रमेश कुमार गोशाला में पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीण ने गायों को दूसरी जगह भेजने तथा गोशाला के प्रबंधन कमेटी पर लापरवाही के मामले में कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि गोशाला प्रबंधन कमेटी की लापरवाही के कारण गाय ठंड से मर रही है। गोशाला कमेटी ने गोशाला शुरू करने से पहले शेड लगानी चाहिए थी। ताकि गायों को ठंड और बारिश से बचाया जा सके। लेकिन प्रबंधन कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत करके चारदीवारी कर बिना रजिस्ट्रेशन और शेड के गोशाला शुरू कर दी। जिससे इस स्थिति का सामना करना पड़ा।
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श्रीकृष्ण गोशाला का गाय लेने से इनकार
प्रशासन ने बची गायों को मोखरा स्थित श्रीकृष्ण गोशाला में शिफ्ट करने का प्रयास किया। इसके लिए अधिकारियों की टीम ने गोशाला प्रबंधन कमेटी से मुलाकात की, लेकिन कमेटी के सदस्यों ने जगह और बजट की कमी का हवाला देते हुए गायों को रखने से साफ इनकार कर दिया।
गाय मरने के बाद उपचार करने पहुंची डॉक्टरों की टीम
ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि गोशालाओं में डॉक्टरों की टीम दौरा कर पशुओं की जांच करती है, लेकिन गोशाला शुरू हुए तीन से चार महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी बीमार गायों की सुध नहीं ली है। इससे बीमार और चोटिल गाय इलाज नहीं होने के कारण ठंड व भूख से दम तोड़ रही हैं। सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम को गोशाला बुलाकर बीमार गायों का इलाज करवाया गया। डाक्टरों की टीम एंबुलेंस के साथ गोशाला पहुंची थी। जिन गायों की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही थी उन्हें रोहतक पीड़ित पशु संघ ले जाया गया।
शिफ्ट कराने के लिए डीसी से करेंगे मुलाकात : एसडीएम
एसडीएम निर्मल नागर ने कहा कि कहा कि गायों को ठंड से बचाने के लिए गोशाला के पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इससे गायों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने गांव में बनी दूसरी गोशाला में गाय शिफ्ट करने की मांग की थी, लेकिन श्रीकृष्ण गोशाला प्रबंधन कमेटी ने गाय रखने से साफ मना कर दिया। गायों को बैंसी तथा महम गोशाला में शिफ्ट करने के लिए जिला उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी।
रिकॉर्ड मांगा, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई : एसएचओ
महम थाना प्रभारी रमेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन कमेटी पर बिना रजिस्ट्रेशन गोशाला खोलने का आरोप लगाया है। गोशाला के कागजातों की जांच की जा रही है। कागजातोें की जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो कैप्शन
18 एमएचएम 1 गौशाला का दौरा करने के दौरान ग्रामीणों से रूबरू होते एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी
18 एमएचएम 2 कडकड़ाती ठंड में खुले में खड़ी गाय
18 एमएचएम 3 रविवार रात को ठंड से मरी गाय
18 एमएचएम 4 बीमार गायों की जांच के लिए पहुंचा डाक्टरों का दल
18 एमएचएम 5 भाजपा की जीत पर लड्डु बांटकर खुशी मनाते कार्यकर्ता