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मलेरिया के मरीजों पर आशा वर्कर रखेंगी नजर
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:14 AM IST
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मलेरिया के मरीजों पर आशा वर्कर रखेंगी नजर
नांगल चौधरी। मलेरिया के मरीजों को अब घर बैठे इलाज मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया इलाज की विशेष योजना बनाई है। योजना के मुताबिक आशा वर्कर स्वस्थ्य होने तक मलेरिया के मरीजों की स्थित पर नजर रखेंगी।
गौरतलब है कि अधिकतर गांवों में निकासी व्यवस्था नहीं होने से रास्तों में बरसाती जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिसकी वजह से आवासीय मकानों के जमा पानी में जहरीले जीव-जंतु व मच्छर पैदा होने लगें हैं। ग्रामीणों को डायरिया, मलेरिया, टायफाइड, खुजली आदि होने की संभावना बढ़ गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया पीड़ितों को अस्पताल में निशुल्क ट्रीटमेंट देने की योजना बनाई गई है। इलाज में कोताही नहीं हो, इसलिए सभी बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई जाएंगी। जिसकी जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर संबंधित गांव की आशा वर्कर को मिलेगी। मलेरिया बुखार साबित होने पर 14 दिन का स्पेशल कोर्स निर्धारित कर दिया जाएगा। यह दवाई आशा वर्कर मरीज के घर जाकर स्वयं खिलाएगी।
मलेरिया पीड़ितों के गांव में होगी फोगिंग
जांच रिपोर्ट में मलेरिया बुखार से पीड़ित मरीज मिलने पर विभाग द्वारा संबंधित मरीजों के गांव में फोगिंग करवाई जाएगी। फोगिंग मशीन का खर्चा ग्रामीण स्वास्थ्य कमेटी (पीएचसी) या पंचायत वहन करेगी। इसके अलावा गांवों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें मलेरिया बुखार के लक्षण, बचाव की जानकारी दी जाएगी।
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पेयजल टंकी, होदों की चेकिंग शुरू
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार गांवों में स्लाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। घरों में पेयजल टंकी, होदों की चेकिंग हो रही है। कहा कि डेंगू मच्छर स्वच्छ पानी में ही लार्वा छोड़ता है। इसलिए घरों के आसपास जलभराव नहीं रहने दें, पानी को ढककर रखना चाहिए।
गांवों में रक्त जांच शुरू, अभी तक नहीं मिले मरीज
सीएचसी के एसएमओ डा. अरुण कालरा ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर विभाग अलर्ट है। गांव स्तर पर बुखार पीड़ितों के रक्त सैंपल ले रहे हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक एक भी मरीज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पीड़ित को घर बैठे निशुल्क इलाज दिया जाएगा। एमपीएचडब्लू, आशा वर्कर, एएनएम घर-घर की विजिट कर रही हैं।
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नांगल चौधरी। मलेरिया के मरीजों को अब घर बैठे इलाज मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया इलाज की विशेष योजना बनाई है। योजना के मुताबिक आशा वर्कर स्वस्थ्य होने तक मलेरिया के मरीजों की स्थित पर नजर रखेंगी।
गौरतलब है कि अधिकतर गांवों में निकासी व्यवस्था नहीं होने से रास्तों में बरसाती जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिसकी वजह से आवासीय मकानों के जमा पानी में जहरीले जीव-जंतु व मच्छर पैदा होने लगें हैं। ग्रामीणों को डायरिया, मलेरिया, टायफाइड, खुजली आदि होने की संभावना बढ़ गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया पीड़ितों को अस्पताल में निशुल्क ट्रीटमेंट देने की योजना बनाई गई है। इलाज में कोताही नहीं हो, इसलिए सभी बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई जाएंगी। जिसकी जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर संबंधित गांव की आशा वर्कर को मिलेगी। मलेरिया बुखार साबित होने पर 14 दिन का स्पेशल कोर्स निर्धारित कर दिया जाएगा। यह दवाई आशा वर्कर मरीज के घर जाकर स्वयं खिलाएगी।
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मलेरिया पीड़ितों के गांव में होगी फोगिंग
जांच रिपोर्ट में मलेरिया बुखार से पीड़ित मरीज मिलने पर विभाग द्वारा संबंधित मरीजों के गांव में फोगिंग करवाई जाएगी। फोगिंग मशीन का खर्चा ग्रामीण स्वास्थ्य कमेटी (पीएचसी) या पंचायत वहन करेगी। इसके अलावा गांवों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें मलेरिया बुखार के लक्षण, बचाव की जानकारी दी जाएगी।
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पेयजल टंकी, होदों की चेकिंग शुरू
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार गांवों में स्लाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। घरों में पेयजल टंकी, होदों की चेकिंग हो रही है। कहा कि डेंगू मच्छर स्वच्छ पानी में ही लार्वा छोड़ता है। इसलिए घरों के आसपास जलभराव नहीं रहने दें, पानी को ढककर रखना चाहिए।
गांवों में रक्त जांच शुरू, अभी तक नहीं मिले मरीज
सीएचसी के एसएमओ डा. अरुण कालरा ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर विभाग अलर्ट है। गांव स्तर पर बुखार पीड़ितों के रक्त सैंपल ले रहे हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक एक भी मरीज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पीड़ित को घर बैठे निशुल्क इलाज दिया जाएगा। एमपीएचडब्लू, आशा वर्कर, एएनएम घर-घर की विजिट कर रही हैं।