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एसडीएम से मिली नप कमेटी, दोनो तरफ के रिकॉर्ड का होगा मिलान
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:20 AM IST
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एसडीएम से मिली नप कमेटी, दोनो तरफ के रिकॉर्ड का होगा मिलान
चरखी दादरी।
एसडीएम कार्यालय और नगर परिषद में ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन फीस के संबंध में चले आ रहे विवाद में वीरवार को नप कमेटी ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच चली करीब एक घंटे वार्ता के बाद रिकॉर्ड मिलान की सहमति बन गई है जबकि इससे पहले यह बात भी सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। एसडीएम ने तहसील कार्यालय के साथ नगर परिषद से भी इनकी एवज में आए रिवेन्यू का रिकॉर्ड मांगा है। एक सप्ताह में नगर परिषद टीम ये रिकॉर्ड एसडीएम को सौंप देगी। इसके बाद दोनों तरफ के रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। एसडीएम ने कहा है कि अगर कोई कर्मचारी रिवेन्यू की गड़बड़ी में संलिप्त मिला तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। नगर परिषद के एक करोड़ के गबन के अनुमान के मामले को अमर उजाला ने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया है। गौरतलब है कि तहसील कार्यालय में बनाए जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर आवेदक से नगर परिषद फीस ली जाती थी। हालांकि इसी माह से सरकार ने यह प्रक्रिया बंद कर दी है लेकिन पिछले आठ साल की नप फीस को लेकर तहसील स्टाफ और नप अधिकारियों में ठनी हुई है। नगर परिषद ने तो इस मामले में करीब एक करोड़ रुपये के गबन का अंदेशा जताते हुए इसकी शिकायत सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर से भी की थी। मुख्यमंत्री को खुद नप चेयरमैन ने गबन का अंदेशा होने का पत्र लिखा था। इससे पहले कई दफा यह मामला भिवानी जिला उपायुक्त के दरबार भी पहुंचा था। नप अधिकारियों का कहना है कि तहसील स्टाफ रिकॉर्ड का मिलान नहीं करवा रहा है पिछले करीब आठ सालों के रिकॉर्ड में हेराफेरी का उन्हें अनुमान है। नप अधिकारियों का तर्क था कि पिछले कुछ सालों से पहले के मुकाबले आधी से भी कम फीस नगर परिषद के पास तहसील कार्यालय से पहुंची है जबकि इस दौरान वाहनों व ड्राइविंग लाइसेंस की संख्या में इजाफा हुआ है। वीरवार सुबह करीब 11 बजे नगर परिषद द्वारा इस मामले में गठित की गई चार सदस्यीय कमेटी ने पार्षद रविंद्र गुप्ता की अगुवाई में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान एसडीएम ने उन्हें रिकॉर्ड मिलाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने की बात कही। इससे पहले एसडीएम ने नगर परिषद से भी इन दोनों की एवज में आए रिवन्यू का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नप कमेटी में शामिल पार्षद रविंद्र गुप्ता, मनोज वर्मा, महेश गुप्ता और लिपिक जगदीश ने एसडीएम को रिकॉर्ड सौंपने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
30 मई को भी दोनों पक्षों में हुई थी बातचीत
इस बैठक से पहले भी 30 मई को एसडीएम के साथ नप कमेटी ने बैठक की थी। इस दौरान नप टीम ने उन्हें बताया था कि वर्ष 2009-10 से लेकर 2017 तक के रिकॉर्ड का मिलान वो करना चाहते हैं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। इस दौरान एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने मामले की निष्पक्ष जांच व जल्द ही रिकॉर्ड का मिलाने करवाकर सच्चाई का पता लगाने का आश्वासन दिया था।
वर्जन:
एसडीएम ने रिकॉर्ड मिलान की हामी भर दी है। एक सप्ताह में हम रिकॉर्ड उन्हें सौंप देंगे। इसके बाद स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी कि कहां व कितनी धांधली इस काम में बरती गई है।
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महेश गुप्ता, वार्ड दो पार्षद
वर्जन:
हम रिकॉर्ड एसडीएम को सौंपने के लिए तैयार है। हमने एक सप्ताह की मोहलत उनसे मांगी है। इस तय समय में हम रिकॉर्ड सौंपकर इसके मिलान के लिए भी एसडीएम से मुलाकात करेंगे। जल्द से जल्द इस मामले को सिरे चढ़ाया जाएगा।
रविंद्र गुप्ता, पार्षद वार्ड आठ
गलती नप की भी, दोषी पर होगी कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि रिकॉर्ड का मिलान जरूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय का रिकॉर्ड तैयार है और अब नप के रिकॉर्ड जमा करवाने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि गलती नगर परिषद की भी है। उन्हें अपना कर्मचारी यहां बैठाना चाहिए था। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच जल्द पूरी की जाएगी। इसमें चाहे कोई भी दोषी मिले उस पर हर हाल में कार्रवाई होगी
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चरखी दादरी।
एसडीएम कार्यालय और नगर परिषद में ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन फीस के संबंध में चले आ रहे विवाद में वीरवार को नप कमेटी ने एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच चली करीब एक घंटे वार्ता के बाद रिकॉर्ड मिलान की सहमति बन गई है जबकि इससे पहले यह बात भी सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। एसडीएम ने तहसील कार्यालय के साथ नगर परिषद से भी इनकी एवज में आए रिवेन्यू का रिकॉर्ड मांगा है। एक सप्ताह में नगर परिषद टीम ये रिकॉर्ड एसडीएम को सौंप देगी। इसके बाद दोनों तरफ के रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। एसडीएम ने कहा है कि अगर कोई कर्मचारी रिवेन्यू की गड़बड़ी में संलिप्त मिला तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। नगर परिषद के एक करोड़ के गबन के अनुमान के मामले को अमर उजाला ने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया है। गौरतलब है कि तहसील कार्यालय में बनाए जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर आवेदक से नगर परिषद फीस ली जाती थी। हालांकि इसी माह से सरकार ने यह प्रक्रिया बंद कर दी है लेकिन पिछले आठ साल की नप फीस को लेकर तहसील स्टाफ और नप अधिकारियों में ठनी हुई है। नगर परिषद ने तो इस मामले में करीब एक करोड़ रुपये के गबन का अंदेशा जताते हुए इसकी शिकायत सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर से भी की थी। मुख्यमंत्री को खुद नप चेयरमैन ने गबन का अंदेशा होने का पत्र लिखा था। इससे पहले कई दफा यह मामला भिवानी जिला उपायुक्त के दरबार भी पहुंचा था। नप अधिकारियों का कहना है कि तहसील स्टाफ रिकॉर्ड का मिलान नहीं करवा रहा है पिछले करीब आठ सालों के रिकॉर्ड में हेराफेरी का उन्हें अनुमान है। नप अधिकारियों का तर्क था कि पिछले कुछ सालों से पहले के मुकाबले आधी से भी कम फीस नगर परिषद के पास तहसील कार्यालय से पहुंची है जबकि इस दौरान वाहनों व ड्राइविंग लाइसेंस की संख्या में इजाफा हुआ है। वीरवार सुबह करीब 11 बजे नगर परिषद द्वारा इस मामले में गठित की गई चार सदस्यीय कमेटी ने पार्षद रविंद्र गुप्ता की अगुवाई में एसडीएम ओमप्रकाश देवराला से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान एसडीएम ने उन्हें रिकॉर्ड मिलाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने की बात कही। इससे पहले एसडीएम ने नगर परिषद से भी इन दोनों की एवज में आए रिवन्यू का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नप कमेटी में शामिल पार्षद रविंद्र गुप्ता, मनोज वर्मा, महेश गुप्ता और लिपिक जगदीश ने एसडीएम को रिकॉर्ड सौंपने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
30 मई को भी दोनों पक्षों में हुई थी बातचीत
इस बैठक से पहले भी 30 मई को एसडीएम के साथ नप कमेटी ने बैठक की थी। इस दौरान नप टीम ने उन्हें बताया था कि वर्ष 2009-10 से लेकर 2017 तक के रिकॉर्ड का मिलान वो करना चाहते हैं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। इस दौरान एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने मामले की निष्पक्ष जांच व जल्द ही रिकॉर्ड का मिलाने करवाकर सच्चाई का पता लगाने का आश्वासन दिया था।
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वर्जन:
एसडीएम ने रिकॉर्ड मिलान की हामी भर दी है। एक सप्ताह में हम रिकॉर्ड उन्हें सौंप देंगे। इसके बाद स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी कि कहां व कितनी धांधली इस काम में बरती गई है।
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महेश गुप्ता, वार्ड दो पार्षद
वर्जन:
हम रिकॉर्ड एसडीएम को सौंपने के लिए तैयार है। हमने एक सप्ताह की मोहलत उनसे मांगी है। इस तय समय में हम रिकॉर्ड सौंपकर इसके मिलान के लिए भी एसडीएम से मुलाकात करेंगे। जल्द से जल्द इस मामले को सिरे चढ़ाया जाएगा।
रविंद्र गुप्ता, पार्षद वार्ड आठ
गलती नप की भी, दोषी पर होगी कार्रवाई: एसडीएम
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि रिकॉर्ड का मिलान जरूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय का रिकॉर्ड तैयार है और अब नप के रिकॉर्ड जमा करवाने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि गलती नगर परिषद की भी है। उन्हें अपना कर्मचारी यहां बैठाना चाहिए था। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच जल्द पूरी की जाएगी। इसमें चाहे कोई भी दोषी मिले उस पर हर हाल में कार्रवाई होगी