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दुनिया में बढ़ रही है सूचना एवं तकनीक, भागदौड़ भरे जीवन से मनोवैज्ञानिक समस्याएं-कुलपति

Thu, 14 Feb 2019 07:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 07:58 PM IST
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दुनिया में बढ़ रही है सूचना एवं तकनीक, भागदौड़ भरे जीवन से मनोवैज्ञानिक समस्याएं-कुलपति
फोटो नंबर-46
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सूचना तकनीक के प्रसार से मनोवैज्ञानिक समस्याएं बढ़ीं
- इंडियन एकेडमी ऑफ अप्लाइड साइकोलॉजी का 54 वीं राष्ट्रीय सम्मेलन
- अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश व दुनिया से पहुंचे 500 से अधिक मनोवैज्ञानिक
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । कुलपति डॉ कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि आधुनिक परिवेश में मनोविज्ञान का बहुत महत्व है। संसार आज एक संयुक्त परिवार की तरह है। जिसकी वजह से यहां रहने वाले सभी लोग एक दूसरे पर आश्रित हैं। वर्तमान समय में मनोविज्ञान के द्वारा आजकल की समस्याओं का निवारण किया जा सकता है। वह इंडियन एकेडमी ऑफ अप्लाइड सॉइकोलॉजी की 54वें राष्ट्रीय व 23 वें अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे जबिविशिष्ठ अतिथि के रूप में इंग्लैंड के फ्लोरेंस मौजद रहे । उन्होंने बताया कि दुनिया में बढ़ रही सूचना एवं तकनीक, भागदौड़ भरे जीवन से मनोवैज्ञानिक समस्याएं बढ़ रही हैं। जब किसी देश के लोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे तभी वह देश तरक्की कर सकता है। मनोवैज्ञानिकों को समाज में बढ़ रही इस समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक वैज्ञानिक अध्ययन करना चाहिए। ताकि समाज भविष्य व वर्तमान की चुनौतियों से निपट सके। कार्यक्रम में कुलपति ने देशभर से पहुंचे मनोवैज्ञानिकों का कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वागत किया। कुलपति ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालय में से एक है जो अपने विद्यार्थियों को हर मुमकिन सहायता प्रदान करता है यह सहायता शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित भी है इसके लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एक काउंसलिंग सेल बनाया गया है और अब रूसा ग्रांट के तहत 100 करोड़ मिलने के बाद बहुत से सेंटर बनाए जा रहे हैं जिनसे विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। विशिष्ठ अतिथि फ्लोरेंस ने बताया कि आने वाले समय में व्यक्ति अधिक महत्वपूर्ण नहीं होगा बल्कि जिस परिवेश में वह विकसित हो रहा है वही महत्वपूर्ण रह जाएगा। डीआईपीआर के निदेशक डॉ. के रामाचंद्रन ने बताया कि बच्चों में बढ़ती मनोवैज्ञानिक समस्याएं इस वजह से है कि आजकल अंतर व्यक्ति बातचीत बंद हो गई है। मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. रोहताश ने बताया कि आज से शुरु हुई इस संगोष्ठी में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के लगभग 500 से अधिक मनोवैज्ञानिक भाग ले रहे हैं । इस मौके पर बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद थे।
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