{"_id":"59a5ccef4f1c1be9278b469f","slug":"11504038127-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झज्जर जेल में बंद रहे 7 डेरा प्रेमियों को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर जेल में बंद रहे 7 डेरा प्रेमियों को मिली जमानत
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी। इसके चलते रोहतक पुलिस द्वारा ने जिले के 10 डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से सात को एसडीएम और डीआरओ कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया, जबकि दो की जमानत याचिका कागजातों में कमी के चलते खारिज कर दी गई।
महिला वकील शिल्पी कुंडू ने बताया कि 26 अगस्त को सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिवम एंकलेव निवासी जितेंद्र व गौरव, सुनारों वाली गली निवासी दीपक, पटेल नगर निवासी अनमोल को गिरफ्तार किया था। जबकि अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने सनसिटी निवासी सतपाल, चुन्नीपुरा निवासी देवेंद्र, प्रेम नगर निवासी हरनाम, बहुअकबरपुर निवासी नरेश और भरत कालोनी निवासी राजेश को सीआरपीसी की धारा 107 और 151 के तहत गिरफ्तार किया था। सभी को डीडीपीओ की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में झज्जर जेल भेज दिया गया था। क्योंकि रोहतक जेल में डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को रखा गया था।
शिनाख्त पत्र पर नहीं मिले जेल अधीक्षक के हस्ताक्षर, रुक गई जमानत
गौरव, जितेंद्र, दीपक और अनमोल की ओर से एसडीएम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। दीपक और अनमोल को जमानत मिल गई, जबकि गौरव और दीपक की जमानत इसलिए खारिज कर दी गई, क्योंकि उनकी जमानत याचिका में झज्जर जेल अधीक्षक के शिनाख्त के तौर पर हस्ताक्षर नहीं थे। जबकि सतपाल, देवेंद्र, हरनाम, नरेश और राजेश को डीआरओ कोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
डेरा प्रमुख से मिलने पहुंची महिला अनुयायी को पकड़ा
डेरा प्रमुख के खिलाफ सजा का एलान होने वाले दिन एक स्कूटी सवार महिला मिलने के लिए सुनारिया जेल की तरफ पहुंची। महिला को पुलिस ने झज्जर रोड स्थित नाके पर दबोच लिया गया। जब महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह बाबा के दर्शन करने जा रही है। इस पर पुलिस ने उसे वापस जाने के लिए कहा। तभी महिला ने पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी कर दी। इस पर महिला पुलिस को बुलाकर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला की पहचान अंजू के रूप में हुई है।
विज्ञापन
रोहतक। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी। इसके चलते रोहतक पुलिस द्वारा ने जिले के 10 डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से सात को एसडीएम और डीआरओ कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया, जबकि दो की जमानत याचिका कागजातों में कमी के चलते खारिज कर दी गई।
महिला वकील शिल्पी कुंडू ने बताया कि 26 अगस्त को सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिवम एंकलेव निवासी जितेंद्र व गौरव, सुनारों वाली गली निवासी दीपक, पटेल नगर निवासी अनमोल को गिरफ्तार किया था। जबकि अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने सनसिटी निवासी सतपाल, चुन्नीपुरा निवासी देवेंद्र, प्रेम नगर निवासी हरनाम, बहुअकबरपुर निवासी नरेश और भरत कालोनी निवासी राजेश को सीआरपीसी की धारा 107 और 151 के तहत गिरफ्तार किया था। सभी को डीडीपीओ की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में झज्जर जेल भेज दिया गया था। क्योंकि रोहतक जेल में डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को रखा गया था।
विज्ञापन
शिनाख्त पत्र पर नहीं मिले जेल अधीक्षक के हस्ताक्षर, रुक गई जमानत
गौरव, जितेंद्र, दीपक और अनमोल की ओर से एसडीएम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। दीपक और अनमोल को जमानत मिल गई, जबकि गौरव और दीपक की जमानत इसलिए खारिज कर दी गई, क्योंकि उनकी जमानत याचिका में झज्जर जेल अधीक्षक के शिनाख्त के तौर पर हस्ताक्षर नहीं थे। जबकि सतपाल, देवेंद्र, हरनाम, नरेश और राजेश को डीआरओ कोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
डेरा प्रमुख से मिलने पहुंची महिला अनुयायी को पकड़ा
डेरा प्रमुख के खिलाफ सजा का एलान होने वाले दिन एक स्कूटी सवार महिला मिलने के लिए सुनारिया जेल की तरफ पहुंची। महिला को पुलिस ने झज्जर रोड स्थित नाके पर दबोच लिया गया। जब महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह बाबा के दर्शन करने जा रही है। इस पर पुलिस ने उसे वापस जाने के लिए कहा। तभी महिला ने पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी कर दी। इस पर महिला पुलिस को बुलाकर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला की पहचान अंजू के रूप में हुई है।