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3200 स्कूल
Updated Fri, 14 Sep 2018 03:04 AM IST
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इपीएस : 11 सितंबर 2018, प्रदेश पेज पर
प्रदेश के 3200 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों के एनरोलमेंट के लिए बोर्ड ने बढ़ाया समय
-अब 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी 21 सितंबर तक बिना लेट फीस के करा सकेंगे एनरोलमेंट
-शिक्षा मंत्री से मुलाकात के 15 दिन बाद भी मान्यता के लिए जारी नहीं हुआ नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश के 3200 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों के एनरोलमेंट के लिए हरियाणा बोर्ड ने समय बढ़ा दिया गया। अब 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी 21 सितंबर तक बिना लेट फीस के एनरोलमेंट करा सकेंगे। वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री से मुलाकात के 15 दिन बाद भी स्कूलों की मान्यता के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के 3200 स्कूलों को एक वर्ष के लिए अस्थाई मान्यता देने का निर्णय प्रदेश के शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों द्वारा 29 अगस्त को लिया गया था। इस फैसले का अधिकारिक नोटिफिकेशन वीरवार शाम तक भी जारी नहीं किया गया। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 12.40 लाख बच्चों के एनरोलमेंट की चिंता सत्ता रही थी, क्योंकि बोर्ड में विद्यार्थियों को एनरोल करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर थी। इस पर बोर्ड द्वारा 11 सितंबर को प्रदेश में एक वर्ष की अस्थाई मान्यता लेने 3200 स्कूलों को दसवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बोर्ड में एनरोलमेंट कराने के लिए दस दिन का समय और दिया गया। भिवानी बोर्ड द्वारा इन स्कूलों को 21 सितंबर तक बिना लेट फीस लगे एनरोलमेंट फार्म जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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एनरोलमेंट न होने पर नहीं दे पाएंगे परीक्षा
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि एनरोलमेंट न होने की स्थिति में प्रदेश के 12.40 लाख विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाएंगे, जिस कारण उनका एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।
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2003 के बाद से नहीं मिली स्थायी मान्यता
सत्यवान कुंडू ने बताया कि वर्ष 2003 मेें चौटाला सरकार ने स्कूलों को मान्यता देने वाले नियमों को कड़ा कर दिया। बाद में हुड्डा सरकार में इन नियमों में थोड़ी ढिलाई बरती गई। उसके बावजूद प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों को स्थायी मान्यता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद से प्राइवेट स्कूलों को एक-एक वर्ष की अस्थायी मान्यता मिलती रही। इस मान्यता को लेने के लिए उन्हें हर वर्ष संघर्ष करना पड़ता है।
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प्रदेश के 3200 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों के एनरोलमेंट के लिए बोर्ड ने बढ़ाया समय
-अब 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी 21 सितंबर तक बिना लेट फीस के करा सकेंगे एनरोलमेंट
-शिक्षा मंत्री से मुलाकात के 15 दिन बाद भी मान्यता के लिए जारी नहीं हुआ नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश के 3200 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों के एनरोलमेंट के लिए हरियाणा बोर्ड ने समय बढ़ा दिया गया। अब 10वीं व 12वीं के विद्यार्थी 21 सितंबर तक बिना लेट फीस के एनरोलमेंट करा सकेंगे। वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री से मुलाकात के 15 दिन बाद भी स्कूलों की मान्यता के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के 3200 स्कूलों को एक वर्ष के लिए अस्थाई मान्यता देने का निर्णय प्रदेश के शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों द्वारा 29 अगस्त को लिया गया था। इस फैसले का अधिकारिक नोटिफिकेशन वीरवार शाम तक भी जारी नहीं किया गया। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 12.40 लाख बच्चों के एनरोलमेंट की चिंता सत्ता रही थी, क्योंकि बोर्ड में विद्यार्थियों को एनरोल करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर थी। इस पर बोर्ड द्वारा 11 सितंबर को प्रदेश में एक वर्ष की अस्थाई मान्यता लेने 3200 स्कूलों को दसवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बोर्ड में एनरोलमेंट कराने के लिए दस दिन का समय और दिया गया। भिवानी बोर्ड द्वारा इन स्कूलों को 21 सितंबर तक बिना लेट फीस लगे एनरोलमेंट फार्म जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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एनरोलमेंट न होने पर नहीं दे पाएंगे परीक्षा
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि एनरोलमेंट न होने की स्थिति में प्रदेश के 12.40 लाख विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाएंगे, जिस कारण उनका एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।
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2003 के बाद से नहीं मिली स्थायी मान्यता
सत्यवान कुंडू ने बताया कि वर्ष 2003 मेें चौटाला सरकार ने स्कूलों को मान्यता देने वाले नियमों को कड़ा कर दिया। बाद में हुड्डा सरकार में इन नियमों में थोड़ी ढिलाई बरती गई। उसके बावजूद प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों को स्थायी मान्यता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि 2003 के बाद से प्राइवेट स्कूलों को एक-एक वर्ष की अस्थायी मान्यता मिलती रही। इस मान्यता को लेने के लिए उन्हें हर वर्ष संघर्ष करना पड़ता है।