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हिहि
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:19 AM IST
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डिफाल्टरों पर 35 करोड़ बकाया, 1015 डिफाल्टरों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
35 करोड़ की बिजली फूंक दी लेकिन बिल चुकाया नहीं। इस पर निगम अधिकारी बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के न केवल अब बिजली मीटर उखाड़े जाएंगे बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। हाल ही में निगम ने एक लाख तक के बकाया बिल वाले 1015 उपभोक्ताओं की सूची भी तैयार की है। जिले में करीब पांच टीमें इन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई कर रही है। इस सूची में से करीब 125 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली मीटर उखाड़े जा चुके हैं। ऐसे में अगर ये उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली चोरी करते मिले तो इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
बिजली उपभोक्ताओं की तरफ बकाया राशि का आंकड़ा अब लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में इस समय 35 करोड़ रुपये बिजली बिलों के रूप में बकाया पड़े हैं। इनमें काफी ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने बिजली निगम के मीटर तो उखाड़े बकाया राशि भी पेंडिंग चली आ रही है। उपभोक्ता यह बकाया राशि जमा करवाने में अब भी रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब निगम ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्लानिंग तैयार कर ली है। इस समय जिले में करीब साढ़े तीन हजार डिफाल्टर उपभोक्ता भी निगम के लिए परेशानी बढ़ा रहे हैं। बिजली निगम लाइन लोस को तो काफी हद तक कम करने में सफल रहा है लेकिन अब बकाया बिल राशि की तरफ निगम का ध्यान कम जा रहा है। पुराने डिफाल्टर निगम के लिए अधिक परेशानी बढ़ा रहे हैं। जहां तक लाइन लोस की बात है निगम की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए भी समय- समय पर छापामारी की जाती रही है। शहर में करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। रोजाना करीब तीन लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। पुराने डिफाल्टर उपभोक्ता निगम के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के निगम ने घरों व दुकानों से मीटर तो उखाड़ लिए लेकिन उनकी बकाया राशि ज्यों की त्यों बनी हुई है। निगम को यह बकाया राशि वसूलने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं के बकाया बिलों पर चार्ज भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
3500 उपभोक्ताओं पर बकाया 35 करोड़
शहर में इस समय बकाया राशि का आंकड़ा 18 करोड़ तक पहुंच गया है। पिछले दिनों निगम ने बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान भी चलाया था लेकिन इसका कोई खास अनुकूल प्रभाव नहीं दिख रहा है। इस समय निगम के करीब 35 सौ डिफाल्टर उपभोक्ता हैं। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं का आम उपभोक्ता की श्रेणी में शामिल करवाना निगम के दायरे से बाहर होता जा रहा है। शहर के डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या 15 सौ और ग्रामीण डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या करीब दो हजार है।
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एक टीम स्पेशल कर रही मॉनीटरिंग
बिजली निगम की पांच टीमें जहां डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने मौके पर पहुंच रही है, वहीं एक स्पेशल टीम इन उपभोक्ताओं की मॉनीटरिंग भी कर रही है। टीम की अगुवाई जेई जतिन कुमार कर रहे हैं। एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि पांचों टीमें जो कनेक्शन काटती हैं, उनकी सूची तैयार कर इस स्पेशल टीम को सौंपी जाती है। इसके बाद यह टीम मौके पर पहुंचकर उक्त डिफॉल्टर उपभोक्ता की मॉनीटरिंग करती है। अगर उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माने के अलावा एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।
एक सप्ताह में पकड़े 150 बिजली चोरी के मामले
बकाया राशि के साथ-साथ निगम अधिकारी लाइन लॉस को कम करने के लिए भी छापामारी करवा रहे हैं। इस टीम ने हाल में 25 ऐसे उपभोक्ता पकड़े हैं जो मीटर उतारने के बाद सीधी कुंडी लगाकर बिजली चोरी कर रहे थे। इनके खिलाफ रेवाड़ी थाने में दादरी ही नहीं बौंद, बाढड़ा व झोझूकलां में भी निगम की टीमें लगातार छापामारी अभियान चला रही हैं। एक सप्ताह में निगम की टीमों ने करीब 150 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
निगम की तरफ से बकाया राशि वसूली के लिए समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। हर माह वसूली की जा रही है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। बिल अदायगी में रुचि न लेने वाले उपभोक्ताओं पर अब कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। - विक्रम परमार, एसडीओ, बिजली निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
35 करोड़ की बिजली फूंक दी लेकिन बिल चुकाया नहीं। इस पर निगम अधिकारी बेहद संजीदा नजर आ रहे हैं। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के न केवल अब बिजली मीटर उखाड़े जाएंगे बल्कि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। हाल ही में निगम ने एक लाख तक के बकाया बिल वाले 1015 उपभोक्ताओं की सूची भी तैयार की है। जिले में करीब पांच टीमें इन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई कर रही है। इस सूची में से करीब 125 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली मीटर उखाड़े जा चुके हैं। ऐसे में अगर ये उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली चोरी करते मिले तो इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
बिजली उपभोक्ताओं की तरफ बकाया राशि का आंकड़ा अब लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में इस समय 35 करोड़ रुपये बिजली बिलों के रूप में बकाया पड़े हैं। इनमें काफी ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने बिजली निगम के मीटर तो उखाड़े बकाया राशि भी पेंडिंग चली आ रही है। उपभोक्ता यह बकाया राशि जमा करवाने में अब भी रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब निगम ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्लानिंग तैयार कर ली है। इस समय जिले में करीब साढ़े तीन हजार डिफाल्टर उपभोक्ता भी निगम के लिए परेशानी बढ़ा रहे हैं। बिजली निगम लाइन लोस को तो काफी हद तक कम करने में सफल रहा है लेकिन अब बकाया बिल राशि की तरफ निगम का ध्यान कम जा रहा है। पुराने डिफाल्टर निगम के लिए अधिक परेशानी बढ़ा रहे हैं। जहां तक लाइन लोस की बात है निगम की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए भी समय- समय पर छापामारी की जाती रही है। शहर में करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। रोजाना करीब तीन लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। पुराने डिफाल्टर उपभोक्ता निगम के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के निगम ने घरों व दुकानों से मीटर तो उखाड़ लिए लेकिन उनकी बकाया राशि ज्यों की त्यों बनी हुई है। निगम को यह बकाया राशि वसूलने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं के बकाया बिलों पर चार्ज भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
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3500 उपभोक्ताओं पर बकाया 35 करोड़
शहर में इस समय बकाया राशि का आंकड़ा 18 करोड़ तक पहुंच गया है। पिछले दिनों निगम ने बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान भी चलाया था लेकिन इसका कोई खास अनुकूल प्रभाव नहीं दिख रहा है। इस समय निगम के करीब 35 सौ डिफाल्टर उपभोक्ता हैं। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं का आम उपभोक्ता की श्रेणी में शामिल करवाना निगम के दायरे से बाहर होता जा रहा है। शहर के डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या 15 सौ और ग्रामीण डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या करीब दो हजार है।
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एक टीम स्पेशल कर रही मॉनीटरिंग
बिजली निगम की पांच टीमें जहां डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने मौके पर पहुंच रही है, वहीं एक स्पेशल टीम इन उपभोक्ताओं की मॉनीटरिंग भी कर रही है। टीम की अगुवाई जेई जतिन कुमार कर रहे हैं। एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि पांचों टीमें जो कनेक्शन काटती हैं, उनकी सूची तैयार कर इस स्पेशल टीम को सौंपी जाती है। इसके बाद यह टीम मौके पर पहुंचकर उक्त डिफॉल्टर उपभोक्ता की मॉनीटरिंग करती है। अगर उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ जुर्माने के अलावा एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।
एक सप्ताह में पकड़े 150 बिजली चोरी के मामले
बकाया राशि के साथ-साथ निगम अधिकारी लाइन लॉस को कम करने के लिए भी छापामारी करवा रहे हैं। इस टीम ने हाल में 25 ऐसे उपभोक्ता पकड़े हैं जो मीटर उतारने के बाद सीधी कुंडी लगाकर बिजली चोरी कर रहे थे। इनके खिलाफ रेवाड़ी थाने में दादरी ही नहीं बौंद, बाढड़ा व झोझूकलां में भी निगम की टीमें लगातार छापामारी अभियान चला रही हैं। एक सप्ताह में निगम की टीमों ने करीब 150 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
निगम की तरफ से बकाया राशि वसूली के लिए समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। हर माह वसूली की जा रही है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। बिल अदायगी में रुचि न लेने वाले उपभोक्ताओं पर अब कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। - विक्रम परमार, एसडीओ, बिजली निगम