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बअबअ
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:05 PM IST
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किसान बेचारा है न ही बेसहारा : हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को अहीरवाल के गढ़ में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। अनाज मंडी में हुई किसान महापंचायत में उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने, फसलों के लगातार घट रहे दाम, फसली ऋण, एसवाईएल और जीएसटी समेत अनेक मुद्दों पर दोनों सरकारों को घेरा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान ना तो बेचारा है और ना ही बेसहारा है। वह केवल चुप है। आज की सभा में जो किसान पसीना बहा रहे हैं, वह असल में गंगाजल है। यह बेकार नहीं जाएगा।
उन्होंने एक आंकड़ा पेश कर बताया कि आज देश में हर रोज 35 किसान खुदकुशी कर रहे हैं। एक समाचार पत्र दिखाकर उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले बिजनौर में एक फोटो छपी थी। उसमें दिखाया गया था कि हल के एक तरफ झोटा तो दूसरी एक तरफ किसान खुद जुता हुआ है। हल के पीछे किसान की पत्नी खड़ी है। आज देश में किसानों की यही हालत हो गई है। तीन साल पहले इस सरकार ने किसानों से वादा किया था कि वह स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करेगी। लेकिन वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। किसान की खेती तभी लाभदायक है जब तक उसे अपनी लागत जमा का पचास फीसदी मुनाफा मिले। महापंचायत में प्रदेशभर के कांग्रेस दिग्गज शामिल हुए।
चार फीसदी तक लाए ब्याज
हुड्डा ने कहा कि वह यूपीए सरकार में किसानों के एक वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन थे। उस समय उन्होंने किसानों के कर्जे कम करने के कई सुझाव दिए। हरियाणा में वह किसानों के कर्ज पर ब्याज दर 11 फीसदी से घटाकर चार फीसदी तक जाए थे। इसके अलावा को-ऑपरेटिव बैंकों का ब्याज माफ किया। इसमें नियम लागू किया गया कि अगर कोई किसान समय पर को-ऑपरेटिव बैंक से लिया कर्जा चुका देता है तो उससे ब्याज नहीं लिया जाएगा।
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नहीं मिल रहा फसल का भाव
उन्होंने कहा कि आज किसानों को फसलों का भाव नहीं मिल रहा है। हमारी सरकार में डीजल पर सैस 74 पैसे प्रति लीटर लगता था, जो आज बढ़ाकर सात रुपये 92 पैसे कर दिया गया है। आज जब कोयला सस्ता हो रहा है तो प्रदेश से बिजली गायब हो रही है। उनकी सरकार ने प्रदेश में 1600 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए। आठ घंटे ट्यूबवेल के लिए बिजली सप्लाई होती थी, जो आज दो घंटे भी मुश्किल से हो पाती है। उन्होंने शाहाबाद की मंडी का उदाहरण देकर कहा कि एक किसान ने वहां 43 क्विंटल 20 किलो गेहूं 900 रुपये में बेचा। इसमें 420 रुपये तो मंडी खर्च ही लग गया। ऐसे में किसान को बचा केवल 380 रुपये। उसने नौ पैसे प्रति किलो कमाए, जबकि उसकी लागत छह से सात रुपये प्रति किलो आयी।
गिनाए जीएसटी के नुकसान
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद किसान को वर्ष में 37 बार रिटर्न भरनी पड़ेगी। एक कंप्यूटर वाला भी अलग से रखना होगा। वहीं अगर कंप्यूटर में एंट्री गलत हो गई तो जेल जाना पड़ेगा। आज किसान, मजदूर और व्यापारी सभी संकट में हैं। हम एसवाईएल में सुप्रीम कोर्ट से केस जीत चुके हैं। ऐसे में अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह नहर खोदकर हमें पानी दिलाए।
कांग्रेस ने पांच साल में 104 स्कूल अपग्रेड किए : दीपेंद्र
रेवाड़ी। सरकार को घेरने में रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी पीछे नहीं रहे, लेकिन उनके मुद्दे स्थानीय अधिक रहे। रविवार को नई अनाज मंडी में हुई किसान महापंचायत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने साल 2009 से 2014 तक के शासन में रेवाड़ी में 104 स्कूल अपग्रेड किए। वहीं भाजपा सरकार ने तीन साल के शासन में रेवाड़ी में एक भी सरकारी शिक्षण संस्थान नहीं खुलवाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश ने सत्ता में आने से पहले बड़े वादे किए, लेकिन उन वादों का आज क्या हुआ? देश का किसान सड़क पर है। यूपीए सरकार में किसानों की फसल के समर्थन मूल्य पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी। इस सरकार में यह केवल चार फीसदी पर आकर टिक गई है। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था, लेकिन उसकी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी। इसमें प्रदेश के किसानों का 17 हजार करोड़ रुपये का बीमा हुआ। इसमें से केवल छह हजार करोड़ का ही भुगतान हो सका है। ऐसे में बीमा करने वाली छह कंपनियों को एक साल में बहुत बड़ा मुनाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में 60 प्रतिशत तक कर्जा बढ़ा है। जब पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में कर्जा माफ हो सकता है तो हरियाणा में भी किसानों का कर्जा माफ हो। रोहतक के सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कहा था कि वह हर साल दो करोड़ नौकरी देंगे। अगर नौकरी नहीं दे सके तो नौ हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देंगे। युवाओं को न तो बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है न ही नौकरी। जब कोई मुख्यमंत्री से डीसी रेट पर लगने की बात कहता है तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि त्याग करना सीखो।
हुड्डा मसीहा, किसानों को कर रहे जागरूक : राव दान सिंह
पूर्व संसदीय सचिव राव दान सिंह ने महापंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मसीहा कहा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर ही किसानों का जागरूक करने का काम कर रहे हैं। किसान को उसकी फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही। वह बदहाल हो रहा है। पूर्व विधायक अनीता यादव ने सरकार को फीता काट और नाम बदलो सरकार बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री राव धर्मपाल ने की। समालखा के पूर्व विधायक धर्मपाल छोक्कर ने कहा कि वह इस किसान महापंचायत को लेकर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम की कई विधानसभाओं में गए। इस मौके पर पटौदी से पूर्व विधायक चौ. रामवीर सिंह, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, होडल विधायक उदयभान, बावल से पूर्व विधायक चौ. जसवंत सिंह, कोसली से पूर्व विधायक राव यादुवेंद्र ने भी विचार रखे।
ऊंट गाड़ी से पहुंचे कार्यक्रम स्थल तक
रेवाड़ी। महापंचायत में पहुंचने से पहले पूर्व विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा महाराणा प्रताप चौक पर कार से उतरकर ऊंट गाड़ी में बैठ गए। उनके साथ अन्य विधायक, पूर्व विधायक भी उसी ऊंट गाड़ी में बैठ गए। सभी उसी ऊंट गाड़ी से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। इसके अतिरिक्त महावीर मसानी के नेतृत्व में भी लोग धरनास्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रीति यादव, रामअवतार गुर्जर, युवा कांग्रेस के रेवाड़ी हलका अध्यक्ष, अजय राव, दया किशन खोला आदि थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को अहीरवाल के गढ़ में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। अनाज मंडी में हुई किसान महापंचायत में उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने, फसलों के लगातार घट रहे दाम, फसली ऋण, एसवाईएल और जीएसटी समेत अनेक मुद्दों पर दोनों सरकारों को घेरा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान ना तो बेचारा है और ना ही बेसहारा है। वह केवल चुप है। आज की सभा में जो किसान पसीना बहा रहे हैं, वह असल में गंगाजल है। यह बेकार नहीं जाएगा।
उन्होंने एक आंकड़ा पेश कर बताया कि आज देश में हर रोज 35 किसान खुदकुशी कर रहे हैं। एक समाचार पत्र दिखाकर उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले बिजनौर में एक फोटो छपी थी। उसमें दिखाया गया था कि हल के एक तरफ झोटा तो दूसरी एक तरफ किसान खुद जुता हुआ है। हल के पीछे किसान की पत्नी खड़ी है। आज देश में किसानों की यही हालत हो गई है। तीन साल पहले इस सरकार ने किसानों से वादा किया था कि वह स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करेगी। लेकिन वह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। किसान की खेती तभी लाभदायक है जब तक उसे अपनी लागत जमा का पचास फीसदी मुनाफा मिले। महापंचायत में प्रदेशभर के कांग्रेस दिग्गज शामिल हुए।
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चार फीसदी तक लाए ब्याज
हुड्डा ने कहा कि वह यूपीए सरकार में किसानों के एक वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन थे। उस समय उन्होंने किसानों के कर्जे कम करने के कई सुझाव दिए। हरियाणा में वह किसानों के कर्ज पर ब्याज दर 11 फीसदी से घटाकर चार फीसदी तक जाए थे। इसके अलावा को-ऑपरेटिव बैंकों का ब्याज माफ किया। इसमें नियम लागू किया गया कि अगर कोई किसान समय पर को-ऑपरेटिव बैंक से लिया कर्जा चुका देता है तो उससे ब्याज नहीं लिया जाएगा।
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नहीं मिल रहा फसल का भाव
उन्होंने कहा कि आज किसानों को फसलों का भाव नहीं मिल रहा है। हमारी सरकार में डीजल पर सैस 74 पैसे प्रति लीटर लगता था, जो आज बढ़ाकर सात रुपये 92 पैसे कर दिया गया है। आज जब कोयला सस्ता हो रहा है तो प्रदेश से बिजली गायब हो रही है। उनकी सरकार ने प्रदेश में 1600 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए। आठ घंटे ट्यूबवेल के लिए बिजली सप्लाई होती थी, जो आज दो घंटे भी मुश्किल से हो पाती है। उन्होंने शाहाबाद की मंडी का उदाहरण देकर कहा कि एक किसान ने वहां 43 क्विंटल 20 किलो गेहूं 900 रुपये में बेचा। इसमें 420 रुपये तो मंडी खर्च ही लग गया। ऐसे में किसान को बचा केवल 380 रुपये। उसने नौ पैसे प्रति किलो कमाए, जबकि उसकी लागत छह से सात रुपये प्रति किलो आयी।
गिनाए जीएसटी के नुकसान
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद किसान को वर्ष में 37 बार रिटर्न भरनी पड़ेगी। एक कंप्यूटर वाला भी अलग से रखना होगा। वहीं अगर कंप्यूटर में एंट्री गलत हो गई तो जेल जाना पड़ेगा। आज किसान, मजदूर और व्यापारी सभी संकट में हैं। हम एसवाईएल में सुप्रीम कोर्ट से केस जीत चुके हैं। ऐसे में अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह नहर खोदकर हमें पानी दिलाए।
कांग्रेस ने पांच साल में 104 स्कूल अपग्रेड किए : दीपेंद्र
रेवाड़ी। सरकार को घेरने में रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी पीछे नहीं रहे, लेकिन उनके मुद्दे स्थानीय अधिक रहे। रविवार को नई अनाज मंडी में हुई किसान महापंचायत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने साल 2009 से 2014 तक के शासन में रेवाड़ी में 104 स्कूल अपग्रेड किए। वहीं भाजपा सरकार ने तीन साल के शासन में रेवाड़ी में एक भी सरकारी शिक्षण संस्थान नहीं खुलवाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश ने सत्ता में आने से पहले बड़े वादे किए, लेकिन उन वादों का आज क्या हुआ? देश का किसान सड़क पर है। यूपीए सरकार में किसानों की फसल के समर्थन मूल्य पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी। इस सरकार में यह केवल चार फीसदी पर आकर टिक गई है। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था, लेकिन उसकी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी। इसमें प्रदेश के किसानों का 17 हजार करोड़ रुपये का बीमा हुआ। इसमें से केवल छह हजार करोड़ का ही भुगतान हो सका है। ऐसे में बीमा करने वाली छह कंपनियों को एक साल में बहुत बड़ा मुनाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में 60 प्रतिशत तक कर्जा बढ़ा है। जब पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में कर्जा माफ हो सकता है तो हरियाणा में भी किसानों का कर्जा माफ हो। रोहतक के सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कहा था कि वह हर साल दो करोड़ नौकरी देंगे। अगर नौकरी नहीं दे सके तो नौ हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देंगे। युवाओं को न तो बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है न ही नौकरी। जब कोई मुख्यमंत्री से डीसी रेट पर लगने की बात कहता है तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि त्याग करना सीखो।
हुड्डा मसीहा, किसानों को कर रहे जागरूक : राव दान सिंह
पूर्व संसदीय सचिव राव दान सिंह ने महापंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मसीहा कहा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर ही किसानों का जागरूक करने का काम कर रहे हैं। किसान को उसकी फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही। वह बदहाल हो रहा है। पूर्व विधायक अनीता यादव ने सरकार को फीता काट और नाम बदलो सरकार बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री राव धर्मपाल ने की। समालखा के पूर्व विधायक धर्मपाल छोक्कर ने कहा कि वह इस किसान महापंचायत को लेकर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम की कई विधानसभाओं में गए। इस मौके पर पटौदी से पूर्व विधायक चौ. रामवीर सिंह, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, होडल विधायक उदयभान, बावल से पूर्व विधायक चौ. जसवंत सिंह, कोसली से पूर्व विधायक राव यादुवेंद्र ने भी विचार रखे।
ऊंट गाड़ी से पहुंचे कार्यक्रम स्थल तक
रेवाड़ी। महापंचायत में पहुंचने से पहले पूर्व विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा महाराणा प्रताप चौक पर कार से उतरकर ऊंट गाड़ी में बैठ गए। उनके साथ अन्य विधायक, पूर्व विधायक भी उसी ऊंट गाड़ी में बैठ गए। सभी उसी ऊंट गाड़ी से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। इसके अतिरिक्त महावीर मसानी के नेतृत्व में भी लोग धरनास्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रीति यादव, रामअवतार गुर्जर, युवा कांग्रेस के रेवाड़ी हलका अध्यक्ष, अजय राव, दया किशन खोला आदि थे।