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एग्री लीडरशिप समिट 2018 तृतीय
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:47 AM IST
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एग्री लीडरशिप समिट-2018 का शुभारंभ:
सबसे ज्यादा जोखिम उठाता है किसान, उनके जोखिम को खत्म करेगी सरकार : खट्टर
- किसानों को जोखिम से बचाने के लिए सरकार ने किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया है
- तीन दिवसीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 नेपाल, नामीबिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, मंगोलिया से विदेशी मेहमान आए
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
तृतीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खेती एक ऐसा काम है, जिसमें जोखिम सबसे ज्यादा है। इस काम में किसान के हाथ में न तो लागत आती है न ही आमदनी। उत्पाद बिकने तक खुले आसमान के नीचे ही पड़ है। इस लिए सबसे ज्यादा किसान जोखिम लेता है। इसलिए उसके जोखिम को खत्म करना होगा। जोखिम खत्म होगा तभी किसान सुखी होगा। जोखिम खत्म करने को फसल बीमा योजना लागू करने के साथ ही अब किसानों के हित के लिए किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया है।
उन्होंने किसानों से कहा कि आठ फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आती हैं और चार सब्जियों को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। किसान को उसकी हर फसल की भरपाई का नियम बनाकर किसान को नुकसान होने से बचाया जाएगा। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी और लोहारू क्षेत्र की 300 में से 293 नहरी टेलों में पानी पहुंचा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के समय इन नहराें को बनाया गया था, लेकिन बीते तीन दशकों के दौरान पूर्व सरकारों ने इनमें पानी पहुंचाने के बारे में सोचा ही नहीं। कृषि क्षेत्र को बिजली पर सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के माध्यम से छह हजार से अधिक तालाबों से सूक्ष्म सिंचाई की योजनाएं तैयार की जा रही है। तालाबों को नहरी पानी से भरा जाएगा। इसके मुख्यमंत्री में ड्रा कर विजेता किसानों को उपहार दिए। इसके साथ ही प्रगतिशील किसानों के साथ ही अपने क्षेत्रों में बेहतर करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इस मौके पर नेपाल, नामीबिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, मंगोलिया से आए विदेशी मेहमानों के साथ ही भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधु, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, निदेशक डीके बेहरा, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सैनी, पशु पालन विभाग के महानिदेशक डॉ. जीएस जाड़, जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- प्रत्येक प्रगतिशील किसान 10 अन्य किसानों को प्रगतिशील बनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से अपील की कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्र 10 अन्य किसानों को प्रगतिशील बनाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम व नोएडा के चार करोड़ से अधिक की जनसंख्या के बाजार हरियाणा की पकड़ होनी चाहिए। इसके लिए पेरी अर्बन कृषि को बढ़ाया जा रहा है। इसके जरिए फ्रेश ब्रांड का दूध, फल, फूल, सब्जी, मछली, अंडा जैसे उत्पादों की बिक्री होगी। किसानों की आय कम से कम एक लाख रुपये प्रति एकड़ होनी चाहिए, जिसकी ओर से कृषि विभाग तेजी से काम कर रहा है।
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- केंद्र सरकार से पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की मांग
इस दौर मौजूद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोतम रूपाला से राज्य सरकार ने पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की मांग की। कृषि जोत छोटी हो रही है, इसके लिए पानी का सदुपयोग होना जरूरी है। इसका एकमात्र जरिया सूक्ष्म सिंचाई योजना ही एक मात्र विकल्प है। एसवाईएल के साथ-साथ रेणुका लखवार व्यासी बांधों के माध्यम से हरियाणा में पानी लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवालिक क्षेत्र में भी छोटे बांध बनाकर पानी रोककर सिंचाई के लिए उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।
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सबसे ज्यादा जोखिम उठाता है किसान, उनके जोखिम को खत्म करेगी सरकार : खट्टर
- किसानों को जोखिम से बचाने के लिए सरकार ने किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया है
- तीन दिवसीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 नेपाल, नामीबिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, मंगोलिया से विदेशी मेहमान आए
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
तृतीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खेती एक ऐसा काम है, जिसमें जोखिम सबसे ज्यादा है। इस काम में किसान के हाथ में न तो लागत आती है न ही आमदनी। उत्पाद बिकने तक खुले आसमान के नीचे ही पड़ है। इस लिए सबसे ज्यादा किसान जोखिम लेता है। इसलिए उसके जोखिम को खत्म करना होगा। जोखिम खत्म होगा तभी किसान सुखी होगा। जोखिम खत्म करने को फसल बीमा योजना लागू करने के साथ ही अब किसानों के हित के लिए किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया है।
उन्होंने किसानों से कहा कि आठ फसलें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आती हैं और चार सब्जियों को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। किसान को उसकी हर फसल की भरपाई का नियम बनाकर किसान को नुकसान होने से बचाया जाएगा। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी और लोहारू क्षेत्र की 300 में से 293 नहरी टेलों में पानी पहुंचा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के समय इन नहराें को बनाया गया था, लेकिन बीते तीन दशकों के दौरान पूर्व सरकारों ने इनमें पानी पहुंचाने के बारे में सोचा ही नहीं। कृषि क्षेत्र को बिजली पर सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के माध्यम से छह हजार से अधिक तालाबों से सूक्ष्म सिंचाई की योजनाएं तैयार की जा रही है। तालाबों को नहरी पानी से भरा जाएगा। इसके मुख्यमंत्री में ड्रा कर विजेता किसानों को उपहार दिए। इसके साथ ही प्रगतिशील किसानों के साथ ही अपने क्षेत्रों में बेहतर करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इस मौके पर नेपाल, नामीबिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, मंगोलिया से आए विदेशी मेहमानों के साथ ही भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधु, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, निदेशक डीके बेहरा, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सैनी, पशु पालन विभाग के महानिदेशक डॉ. जीएस जाड़, जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- प्रत्येक प्रगतिशील किसान 10 अन्य किसानों को प्रगतिशील बनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से अपील की कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्र 10 अन्य किसानों को प्रगतिशील बनाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम व नोएडा के चार करोड़ से अधिक की जनसंख्या के बाजार हरियाणा की पकड़ होनी चाहिए। इसके लिए पेरी अर्बन कृषि को बढ़ाया जा रहा है। इसके जरिए फ्रेश ब्रांड का दूध, फल, फूल, सब्जी, मछली, अंडा जैसे उत्पादों की बिक्री होगी। किसानों की आय कम से कम एक लाख रुपये प्रति एकड़ होनी चाहिए, जिसकी ओर से कृषि विभाग तेजी से काम कर रहा है।
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- केंद्र सरकार से पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की मांग
इस दौर मौजूद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोतम रूपाला से राज्य सरकार ने पानी को राष्ट्रीय संपदा घोषित करने की मांग की। कृषि जोत छोटी हो रही है, इसके लिए पानी का सदुपयोग होना जरूरी है। इसका एकमात्र जरिया सूक्ष्म सिंचाई योजना ही एक मात्र विकल्प है। एसवाईएल के साथ-साथ रेणुका लखवार व्यासी बांधों के माध्यम से हरियाणा में पानी लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवालिक क्षेत्र में भी छोटे बांध बनाकर पानी रोककर सिंचाई के लिए उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।