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ना बैरा शहर खातर करणा कै सै
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:56 AM IST
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फ्लैग : निगम के आधे पार्षद कार्यकाल के आखिरी बजट को लेकर भी उदासीन
ना बेरा शहर खातर करणा कै सै
: पांच पार्षद ही बोले, हाउस की मीटिंग में देंगे सुझाव व आपत्ति
: तीन ने कहा, भाई खुद ही लिख दियो जो ठीक लाग्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के लोगों के हित व विकास के लिए नगर निगम के आधे पार्षद गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अपने कार्यकाल के आखिरी बजट को लेकर अब तक अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं। 20 में से 10 को पता ही नहीं बजट को लेकर होने वाली हाउस की मीटिंग में क्या सुझाव व आपत्ति रखनी हैं। पांच पार्षद कुछ सजग नजर आ रहे हैं, जबकि तीन तो बोले, भाई खुद ही लिख देना अच्छी सी प्रतिक्रिया।
निगम के पिछले चुनाव 2013 में हुए थे, जिसमें विजयी रहे 20 पार्षदों का कार्यकाल जून 2018 में पूरा होने जा रहा है। 20 मार्च के बाद निगम पार्षद मौजूदा कार्यकाल का आखिर बजट पास करेंगे। बजट को लेकर निगम पार्षदों से बात की गई तो ज्यादातर उदासीन नजर आए। केवल पांच पार्षदों ने ही अपने सुझाव व आपत्ति व्यक्त की। हालांकि वित्त कमेटी में शामिल मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी व पार्षद गुलशन ईशपुनियानी का कहना है कि बजट आम आदमी के भले के लिए बनाया गया है। जो आपत्ति आई, उनके आधार पर बदलाव कर दिया गया। जबकि कमेटी के वित्तीय सलाहकार नरोतामल भटनागर बजट के अंदर ज्यादा बदलाव संभव नहीं हो पाता।
पीजी सिस्टम बंद कराएं या कॉमर्शियल टैक्स वसूली करें
अब तक कार्यकाल से वे संतुष्ट हैं। वैसे तो निगम के बजट की कॉपी नहीं मिली है। उनके मौजूदा वार्ड नंबर 9 स्थित देव कालोनी व आसपास के एरिया में बहुत ज्यादा पीजी अवैध चल रहे हैं, इससे एरिया के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। क्याेंकि बाहरी युवक माहौल खराब कर रहे हैं। निगम के बजट में पीजी पर सख्ती से कामर्शियल टैक्स वसूली करने का प्रावधान की मांग की जाएगी।
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- बलराज उर्फ बल्लू, पार्षद वार्ड नंबर 9
प्रॉपर्टी टैक्स वसूली न करने वाले अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकी जाए
निगम हर साल बजट के अंदर प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट तय कर देता है, लेकिन वसूली के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठता। निगम की कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहती है। इस कारण शहर के वे आम लोग खुद को ठगा महसूस करते हैं, जो समय पर टैक्स जमा कराते है। जबकि डिफॉल्टरों का कुछ नहीं बिगड़ता। टैक्स वसूली की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। टारगेट पूरा न करने वाले अधिकारियों की न केवल वेतनवृद्धि, बल्कि प्रमोशन भी रोकी जाए।
- अशोक खुराना, पार्षद वार्ड नंबर 10
नक्शा पास व टैक्स वसूली की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए
निगम का मुख्य उद्देश्य शहर के लोगों का भला होना चाहिए। लोगों को मकान का नक्शा पास कराने व प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए कई-कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। बजट को लेकर होने वाली मीटिंग में प्रक्रिया को सरल बनाने व एक ही खिड़की पर सभी कार्य का प्रावधान करने की मांग की जाएगी।
- अशोक भाटी, डिप्टी मेयर नगर निगम
स्लम एरिया पर फोकस करे निगम
निगम को ज्यादा से ज्यादा पैसा शहर के विकास कार्यों पर खर्च करना चाहिए। खासकर स्लम व पिछड़े एरिया के विकास के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाए। हाउस की मीटिंग में इसकी मांग की जाएगी।
सुशीला इंदौरा, पार्षद वार्ड नंबर 3
विकास शुल्क की दर कम की जाएं
प्रदेश सरकार के पत्र का हवाला देकर निगम के अधिकारी एक हजार रुपये विकास शुल्क की जगह 6 हजार वसूल रहे हैं। यह तो छोटे मकान मालिकों व प्लाट धारकों के साथ अन्याय है। उन्होंने अधिकारियों से बात की थी, उन्होंने मांग को हाउस की बजट को लेकर होने वाली मीटिंग में उठाने की सलाह दी है।
जयकिशन राजोतिया, पार्षद वार्ड नंबर 17
........
ये पार्षद यूं बोले
ममता रानी : मैंने बजट को लेकर स्टडी नहीं की है। व्यस्त होने के कारण अमर उजाला भी नहीं पढ़ सकी। ऐसे में कुछ नहीं कर सकती।
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सूरजमल रोज : मैं तो लोगों के काम कराने में व्यस्त रहता हूं। पिछले तीन बजट की स्पेशल अकाउंट एक्सपर्ट से समीक्षा करवाई। अधिकारियों से सवाल किए, लेकिन किसी पार्षद ने साथ नहीं दिया। ऐसे में अब ज्यादा निगम में नहीं जाता।
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सरिता देवी : पार्षद सरिता देवी के प्रतिनिधि सुरेश नांदल ने कहा, भाई वकालत भी तो करनी है। आज कई केस की गहराई से स्टडी की। बजट के बारे में अभी साथी पार्षदों से बात करनी है।
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उपासना देवी : महिला पार्षद उपासना के प्रतिनिधि नरेश कुमार ने कहा कि, मैं कई दिन से बाहर था। दूसरे भाई को निगम के बजट की जानकारी होगी। पूछकर बताऊंगा क्या है बजट के अंदर।
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अनीता मिगलानी : मैं बहुत व्यस्त थी। सुबह अमर उजाला भी नहीं पढ़ पाई। बजट लोगों के हित में होना चाहिए। बाकी आप अच्छी सी प्रतिक्रिया लिख देना।
....
संजय सैनी : वार्डबंदी पर लोगों से बातचीत कर रहा हूं। सोमवार को डीसी के सामने आपत्ति दर्ज करवाऊंगा। अगर सुनवाई नहीं हुई तो अदालत में जाऊंगा। बजट की स्टडी नहीं कर सका हूं।
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अजय जैन उर्फ टाटू : बजट आम लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए। बाकी मैंने तो मुंह पर ताला लगा रखा है। किसी से वादा किया हैं कुछ नहीं बोलूंगा।
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पूनम किलोई : महिला पार्षद पूनम के पति सूरजमल किलोई ने कहा कि, बजट जनता के हित में होना चाहिए। विकास कार्य प्राथमिकता से कराएं जाएं। बाकी बढ़िया सी प्रतिक्रिया खुद ही लिख देना।
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अनिल कुमार : अभी बजट की कॉपी नहीं मिली है। समय आने पर हाउस में सुझाव दूंगा। बाकी खुद समझदार हो आप। प्रतिक्रिया अच्छी सी लिख देना।
बाक्स
दो पार्षदों से नहीं हो सकी बात
वार्ड नंबर 1 पार्षद राजबीर सैनी और वार्ड नंबर 20 पार्षद लक्ष्मी देवी के पति साहिब सिंह के मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
बाक्स
मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा व पार्षद गुलशन ईश पुनियानी वित्त कमेटी में शामिल रहे थे। जबकि अशोक भाटी देरी से पहुंचे और राजबीर सैनी आए ही नहीं।
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: पांच पार्षद ही बोले, हाउस की मीटिंग में देंगे सुझाव व आपत्ति
: तीन ने कहा, भाई खुद ही लिख दियो जो ठीक लाग्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के लोगों के हित व विकास के लिए नगर निगम के आधे पार्षद गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अपने कार्यकाल के आखिरी बजट को लेकर अब तक अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं। 20 में से 10 को पता ही नहीं बजट को लेकर होने वाली हाउस की मीटिंग में क्या सुझाव व आपत्ति रखनी हैं। पांच पार्षद कुछ सजग नजर आ रहे हैं, जबकि तीन तो बोले, भाई खुद ही लिख देना अच्छी सी प्रतिक्रिया।
निगम के पिछले चुनाव 2013 में हुए थे, जिसमें विजयी रहे 20 पार्षदों का कार्यकाल जून 2018 में पूरा होने जा रहा है। 20 मार्च के बाद निगम पार्षद मौजूदा कार्यकाल का आखिर बजट पास करेंगे। बजट को लेकर निगम पार्षदों से बात की गई तो ज्यादातर उदासीन नजर आए। केवल पांच पार्षदों ने ही अपने सुझाव व आपत्ति व्यक्त की। हालांकि वित्त कमेटी में शामिल मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी व पार्षद गुलशन ईशपुनियानी का कहना है कि बजट आम आदमी के भले के लिए बनाया गया है। जो आपत्ति आई, उनके आधार पर बदलाव कर दिया गया। जबकि कमेटी के वित्तीय सलाहकार नरोतामल भटनागर बजट के अंदर ज्यादा बदलाव संभव नहीं हो पाता।
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अब तक कार्यकाल से वे संतुष्ट हैं। वैसे तो निगम के बजट की कॉपी नहीं मिली है। उनके मौजूदा वार्ड नंबर 9 स्थित देव कालोनी व आसपास के एरिया में बहुत ज्यादा पीजी अवैध चल रहे हैं, इससे एरिया के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। क्याेंकि बाहरी युवक माहौल खराब कर रहे हैं। निगम के बजट में पीजी पर सख्ती से कामर्शियल टैक्स वसूली करने का प्रावधान की मांग की जाएगी।
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प्रॉपर्टी टैक्स वसूली न करने वाले अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकी जाए
निगम हर साल बजट के अंदर प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट तय कर देता है, लेकिन वसूली के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठता। निगम की कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहती है। इस कारण शहर के वे आम लोग खुद को ठगा महसूस करते हैं, जो समय पर टैक्स जमा कराते है। जबकि डिफॉल्टरों का कुछ नहीं बिगड़ता। टैक्स वसूली की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। टारगेट पूरा न करने वाले अधिकारियों की न केवल वेतनवृद्धि, बल्कि प्रमोशन भी रोकी जाए।
- अशोक खुराना, पार्षद वार्ड नंबर 10
नक्शा पास व टैक्स वसूली की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए
निगम का मुख्य उद्देश्य शहर के लोगों का भला होना चाहिए। लोगों को मकान का नक्शा पास कराने व प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए कई-कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। बजट को लेकर होने वाली मीटिंग में प्रक्रिया को सरल बनाने व एक ही खिड़की पर सभी कार्य का प्रावधान करने की मांग की जाएगी।
- अशोक भाटी, डिप्टी मेयर नगर निगम
स्लम एरिया पर फोकस करे निगम
निगम को ज्यादा से ज्यादा पैसा शहर के विकास कार्यों पर खर्च करना चाहिए। खासकर स्लम व पिछड़े एरिया के विकास के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाए। हाउस की मीटिंग में इसकी मांग की जाएगी।
सुशीला इंदौरा, पार्षद वार्ड नंबर 3
विकास शुल्क की दर कम की जाएं
प्रदेश सरकार के पत्र का हवाला देकर निगम के अधिकारी एक हजार रुपये विकास शुल्क की जगह 6 हजार वसूल रहे हैं। यह तो छोटे मकान मालिकों व प्लाट धारकों के साथ अन्याय है। उन्होंने अधिकारियों से बात की थी, उन्होंने मांग को हाउस की बजट को लेकर होने वाली मीटिंग में उठाने की सलाह दी है।
जयकिशन राजोतिया, पार्षद वार्ड नंबर 17
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ये पार्षद यूं बोले
ममता रानी : मैंने बजट को लेकर स्टडी नहीं की है। व्यस्त होने के कारण अमर उजाला भी नहीं पढ़ सकी। ऐसे में कुछ नहीं कर सकती।
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सूरजमल रोज : मैं तो लोगों के काम कराने में व्यस्त रहता हूं। पिछले तीन बजट की स्पेशल अकाउंट एक्सपर्ट से समीक्षा करवाई। अधिकारियों से सवाल किए, लेकिन किसी पार्षद ने साथ नहीं दिया। ऐसे में अब ज्यादा निगम में नहीं जाता।
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सरिता देवी : पार्षद सरिता देवी के प्रतिनिधि सुरेश नांदल ने कहा, भाई वकालत भी तो करनी है। आज कई केस की गहराई से स्टडी की। बजट के बारे में अभी साथी पार्षदों से बात करनी है।
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उपासना देवी : महिला पार्षद उपासना के प्रतिनिधि नरेश कुमार ने कहा कि, मैं कई दिन से बाहर था। दूसरे भाई को निगम के बजट की जानकारी होगी। पूछकर बताऊंगा क्या है बजट के अंदर।
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अनीता मिगलानी : मैं बहुत व्यस्त थी। सुबह अमर उजाला भी नहीं पढ़ पाई। बजट लोगों के हित में होना चाहिए। बाकी आप अच्छी सी प्रतिक्रिया लिख देना।
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संजय सैनी : वार्डबंदी पर लोगों से बातचीत कर रहा हूं। सोमवार को डीसी के सामने आपत्ति दर्ज करवाऊंगा। अगर सुनवाई नहीं हुई तो अदालत में जाऊंगा। बजट की स्टडी नहीं कर सका हूं।
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अजय जैन उर्फ टाटू : बजट आम लोगों की भलाई के लिए होना चाहिए। बाकी मैंने तो मुंह पर ताला लगा रखा है। किसी से वादा किया हैं कुछ नहीं बोलूंगा।
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पूनम किलोई : महिला पार्षद पूनम के पति सूरजमल किलोई ने कहा कि, बजट जनता के हित में होना चाहिए। विकास कार्य प्राथमिकता से कराएं जाएं। बाकी बढ़िया सी प्रतिक्रिया खुद ही लिख देना।
.....
अनिल कुमार : अभी बजट की कॉपी नहीं मिली है। समय आने पर हाउस में सुझाव दूंगा। बाकी खुद समझदार हो आप। प्रतिक्रिया अच्छी सी लिख देना।
बाक्स
दो पार्षदों से नहीं हो सकी बात
वार्ड नंबर 1 पार्षद राजबीर सैनी और वार्ड नंबर 20 पार्षद लक्ष्मी देवी के पति साहिब सिंह के मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
बाक्स
मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा व पार्षद गुलशन ईश पुनियानी वित्त कमेटी में शामिल रहे थे। जबकि अशोक भाटी देरी से पहुंचे और राजबीर सैनी आए ही नहीं।