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Rohtak News: 100 लोगों ने कराई एनीमिया की जांच
Thu, 18 Sep 2025 02:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 18 Sep 2025 02:37 AM IST
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26 एनीमिया स्क्रीनिंग कैंप में जांच कराते मरीज। स्रोत : प्रशासन
- फोटो : Samvad
रोहतक। पीजीआई की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत बुधवार को सेवा पखवाड़े के अंतर्गत एनीमिया स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इसमें 100 लोगों की एनीमिया जांच की गई। इनमें महिलाएं, पुरुष व बच्चे शामिल रहे।
सेवा पखवाड़े में बतौर मुख्य अतिथि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि सेवा पखवाड़े में 16 दिनों तक संस्थान के अंदर, गांवों और कस्बों में जागरूकता कार्यक्रम व स्वास्थ्य जांच कैंप आयोजित किए जाएंगे। इससे लोगों को फायदा होगा।
उन्होंने एनीमिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि त्वचा सफेद पड़ रही है, आंखें पीली पड़ रही हों, हर समय थकान रहती हो, दिल की धड़कन बढ़ती रहती हो, सांस लेने में तकलीफ हो, चक्कर आते हों, बार-बार संक्रमण होता हो, चेहरे और पैरों पर सूजन हो, जीभ और नाखूनों पर सफेदी जैसे लक्षण नजर आएं तो खून की जांच करवाएं।
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नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे एनएफएचएस) -5 की 2019-21 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 15 से 49 साल की लगभग 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार हैं। यानी हर 10 में से 6 महिलाएं इसका शिकार हैं। गर्भवती महिलाओं में ये संख्या 52 प्रतिशत है।
निदेशक डाॅ.एस.के. सिंघल ने कहा कि कल ओपीडी में रक्तदान और अंगदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर अत्री ने कहा कि महिलाओं में आहार की गड़बड़ी, भोजन में आयरन की कमी को प्रमुख कारण माना जाता है। जीवनशैली, आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
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सेवा पखवाड़े में बतौर मुख्य अतिथि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि सेवा पखवाड़े में 16 दिनों तक संस्थान के अंदर, गांवों और कस्बों में जागरूकता कार्यक्रम व स्वास्थ्य जांच कैंप आयोजित किए जाएंगे। इससे लोगों को फायदा होगा।
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उन्होंने एनीमिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि त्वचा सफेद पड़ रही है, आंखें पीली पड़ रही हों, हर समय थकान रहती हो, दिल की धड़कन बढ़ती रहती हो, सांस लेने में तकलीफ हो, चक्कर आते हों, बार-बार संक्रमण होता हो, चेहरे और पैरों पर सूजन हो, जीभ और नाखूनों पर सफेदी जैसे लक्षण नजर आएं तो खून की जांच करवाएं।
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नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे एनएफएचएस) -5 की 2019-21 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 15 से 49 साल की लगभग 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया का शिकार हैं। यानी हर 10 में से 6 महिलाएं इसका शिकार हैं। गर्भवती महिलाओं में ये संख्या 52 प्रतिशत है।
निदेशक डाॅ.एस.के. सिंघल ने कहा कि कल ओपीडी में रक्तदान और अंगदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर अत्री ने कहा कि महिलाओं में आहार की गड़बड़ी, भोजन में आयरन की कमी को प्रमुख कारण माना जाता है। जीवनशैली, आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं।