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Rewari News: जोन रेड... जोखिम में जान

Thu, 23 Oct 2025 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 11:45 PM IST
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Zone Red... Life at Risk
सुबह के समय छाया प्रदूषण। संवाद
रेवाड़ी। जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। जिला पूरे देश में रेड जोन में पहुंच चुका है। यानी कि यहां की हवा इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि सांस लेना भी दुश्वार है। वीरवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 322 दर्ज किया गया है। पूरे देश में धारूहेड़ा प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर है।
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बुधवार को प्रदूषण का स्तर 400 को पार कर गया था। सामान्य 370 एक्यूआई पूरे दिन का दर्ज किया गया था। तब धारूहेड़ा पहले नंबर पर था। मंगलवार को प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक 412 दर्ज किया गया था। पिछले दो दिनों की तुलना में प्रदूषण का स्तर जरूर कम हुआ है मगर अभी भी सांसों को संकट है।
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धारूहेड़ा भिवाड़ी और गुरुग्राम के साथ लगता हुआ शहर है। भिवाड़ी और गुरुग्राम का प्रदूषण धारूहेड़ा की ओर आ रहा है। इस वजह से यहां पर प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ रहा है जबकि प्रदूषण के मामले में भिवाड़ी और गुरुग्राम भी कम नहीं है। यहां पर बड़ी आबादी और वाहनों का आना जाना है। धारूहेड़ा ही केंद्र में पड़ने की वजह से प्रदूषण की चपेट में आ रहा है।
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मौजूदा उपाय नाकाफी

प्रशासन की भी कोई खास तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। कार्य तो किया जा रहा है, मगर वह भी अभी नाकाफी है। दरअसल, जिस तरह से अभी प्रदूषण का स्तर दर्ज किया जा रहा है, उसके लिए दिन-रात पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन चलाने की आवश्यकता है।
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सांस और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या मे 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई
एक्यूआई अधिक होने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। साथ ही प्रदूषण सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस का कारण भी बन रही है। वहीं इससे आंखों की समस्यां जैसे पानी आना, आंखों में लालीपन हो सकता है। मौजूदा समय में ग्रैप 2 की पाबंदियां लागू हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही ग्रैप 3 की पाबंदियां देखने को मिल सकती हैं। सिविल अस्पताल में सांस और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।


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प्रदूषण का बताया यह कारण

धारूहेड़ा नगरपालिका सचिव सुमित कुमार ने बताया कि कस्बे में प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण व दीपावली की आतिशबाजी है। नगरपालिका की टीम ने सोहना रोड, दिल्ली रोड, भगत सिंह चौक और मेन बाजार समेत शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर मशीनों और टैंकरों के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया है।

पिछले 5 दिनों का प्रदूषण का स्तर

तारीख प्रदूषण का स्तर
23 अक्तूबर 322
22 अक्तूबर 379
21 अक्तूबर 412
20अक्तूबर 305
19 अक्तूबर 201
18 अक्तूबर 239
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