{"_id":"65db83e60d5b95debf0552de","slug":"you-can-avail-the-benefit-of-one-time-settlement-scheme-till-30th-march-rewari-news-c-198-1-rew1001-201266-2024-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: 30 मार्च तक उठा सकते हैं वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: 30 मार्च तक उठा सकते हैं वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ
Sun, 25 Feb 2024 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:46 PM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। आबकारी और कराधान विभाग की ओर से कर वसूली को लेकर वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की गई है। पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक योजना का लाभ उठा सकते हैं।
उपायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि सरकार द्वारा कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने शुरू की वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। उन्होंने योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग की ओर से ओटीएस योजना के तहत छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। यह स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं।
100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से होगा माफ
योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज और दंड राशि शून्य हो जाएगा। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत और अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि सरकार द्वारा कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने शुरू की वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। उन्होंने योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग की ओर से ओटीएस योजना के तहत छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। यह स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं।
विज्ञापन
100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से होगा माफ
योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज और दंड राशि शून्य हो जाएगा। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत और अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी।
विज्ञापन