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Rewari News: मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की
Sat, 05 Oct 2024 01:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 05 Oct 2024 01:49 AM IST
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फोटो: 12रेवाड़ी। बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर में माता की आरती में भाग लेते श्रद्धालु। संव
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा अर्चना की। देवी मंदिरों में मां के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु उमड़े रहे। मंदिरों में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। वहीं नौ दिन व्रत धारण करने वालों ने घर पर मां की आराधना की।
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। शुक्रवार को सुबह से ही सिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। महिला श्रद्धालुओं ने शाम को भजन-कीर्तन कर आरती में भाग लिया। शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर और घंटेश्वर मंदिर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवी मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। हर तरफ दुर्गा सप्तशती के श्लोक की गूंज सुनाई देती रही। बावल, कोसली और धारूहेड़ा में स्थित दुर्गा मंदिरों में संध्या आरती के लिए श्रद्धालु जुटे रहे।
शनिवार को मां के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाएगी। मां चंद्रघंटा का स्वरूप बेहद ही सुंदर, मोहक, अलौकिक, कल्याणकारी व शांतिदायक है। माता के माथे पर अर्धचंद्रमा विराजमान है, जिसके कारण इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें शांति व समृद्धि प्रदान करती हैं।
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रेवाड़ी। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा अर्चना की। देवी मंदिरों में मां के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु उमड़े रहे। मंदिरों में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। वहीं नौ दिन व्रत धारण करने वालों ने घर पर मां की आराधना की।
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। शुक्रवार को सुबह से ही सिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। महिला श्रद्धालुओं ने शाम को भजन-कीर्तन कर आरती में भाग लिया। शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर और घंटेश्वर मंदिर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवी मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। हर तरफ दुर्गा सप्तशती के श्लोक की गूंज सुनाई देती रही। बावल, कोसली और धारूहेड़ा में स्थित दुर्गा मंदिरों में संध्या आरती के लिए श्रद्धालु जुटे रहे।
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शनिवार को मां के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाएगी। मां चंद्रघंटा का स्वरूप बेहद ही सुंदर, मोहक, अलौकिक, कल्याणकारी व शांतिदायक है। माता के माथे पर अर्धचंद्रमा विराजमान है, जिसके कारण इन्हें चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उन्हें शांति व समृद्धि प्रदान करती हैं।
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