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विश्व लिवर दिवस : फास्ट फूड एक धीमा जहर, बढ़ा रही फैटी लीवर की बीमारी

Fri, 18 Apr 2025 11:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:25 PM IST
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World Liver Day: Fast food is a slow poison, increasing fatty liver disease
रेवाड़ी। घर से बाहर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी या ट्यूशन, पढ़ाई के प्रति अधिक प्रतिबद्धता, समय बचाने और लंबी कक्षाओं के कारण कई लड़के-लड़कियां और कामकाजी महिलाओं में जंक फूड खाने की आदत बढ़ रही है। फेटी लिवर बीमारी का यह एक बड़ा कारण है। नागरिक अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में आने वाले 25-30 फीसदी मरीज इससे ग्रस्त होकर पहुंच रहे हैं। इनकी उम्र करीब 20 से 40 वर्ष तक है। शुरूआत में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जिसकी वजह से अनदेखी ज्यादा होती है, लेकिन कुछ समय बाद पेट में पानी भरने, खून की उल्टी होने, लिवर कैंसर जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कई मरीजों में लिवर ट्रांसप्लांट की नौबत आ जाती है।
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जंक फूड की बढ़ती प्रवृत्ति से बढ़ रहा फैटी लिवर:
डॉ. गौरव यादव ने बताया कि जंक फूड, मोटापा, व्यायाम में कमी, पैदल नहीं चलकर वाहन से चलने सहित अधिक मांसाहार से फैटी लिवर की समस्या बढ़ रही है। यह खास तौर पर उन युवाओं के लिए चिंताजनक है, जो अकेले रह रहे हैं और नियमित भोजन की सहज उपलब्धता नहीं होने पर जंक फूड खाने की आदत बना बैठे हैं। फैटी लिवर से पता चलता है कि उस व्यक्ति के शरीर में फैट जमा होना शुरू हो गया है। समय पर उसे नियंत्रित नहीं किया गया तो आगे चलकर वह लिवर सिरोसिस का रूप ले सकता है। मधुमेह के बाद सबसे अधिक मामले लिवर में गड़बड़ी और फैटी लिवर के हैं। लक्षणों से शुरुआती दौर में ही हम इस बीमारी को पहचान सकते हैं और एहतियात बरतकर ठीक कर सकते हैं। फैटी लीवर के कारण भविष्य में डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं।
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यह मिल रहे लक्षण:
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, थकान, भूख न लगना, कमजोरी, जी मिचलाना, लिवर का आकार बढ़ना, गर्दन और बाहों के नीचे की त्वचा में गाढ़े रंग का मेल जमा होना आदि। फैटी लिवर दो प्रकार का होता है। एल्कोहोलिक फैटी लिवर की अवस्था शराब पीने वालों में होती है। गैर एल्कोहोलिक फैटी लिवर शराब नहीं पीने वाले लोगों में होता है।
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संतुलित लें खान-पान:
जिन लोगों को हाइपरटेंशन और डायबिटीज की बीमारी है, उसे भी फैटी लिवर की जांच करानी चाहिए। इस बीमारी से निपटने के लिए संतुलित भोजन और नियमित एक्सरसाइज व योगा जरूरी है। डाइट मेें फास्ट फूड, जंक फूड को स्थान नहीं दें। खासतौर पर क्लासेज के दौरान इससे दूरी बनाए। फाइबर, वसा, प्रोटिन युक्त भोजन करें। वजन को भी नियंत्रित रखें।
- डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
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