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Rewari News: माता को चुनरी, नारियल भेंट कर सुख समृद्धि की कामना
Sun, 14 Apr 2024 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 14 Apr 2024 02:58 AM IST
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रेवाड़ी। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शनिवार को श्रद्धालुओं ने स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर सुख- समृद्धि और शांति की कामना की।
मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना आरंभ होकर दोपहर तक जारी रहा। शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह पांच बजे से पूजा, आरती और भजनों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर, मनसा देवी मंदिर, सोलाराही तालाब स्थित देवी मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी, नारियल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र में महिलाओं के साथ पुरुष भी व्रत रखकर कर मन्नतें मांग रहे हैं।
शारदीय नवरात्र का छठा दिन मां दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी को समर्पित है। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया। मान्यता है कि इनकी कृपा से योग्य वर और विवाह की सभी अड़चनें दूर हो जाती हैं। ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। नवरात्र के छठे दिन सबसे पहले स्नान-ध्यान के बाद शुभ रंगों के वस्त्र पहनकर कलश पूजा करें। इसके बाद मां दुर्गा के स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा करें। पूजा प्रारंभ करने से पहले मां को स्मरण करें और हाथ में फूल लेकर संकल्प जरूर लें। इसके बाद वह फूल मां को अर्पित करें। फिर कुमकुम, अक्षत, फूल आदि माता को अर्पित करें। देवी की पूजा के साथ भगवान शिव की भी पूजा करनी चाहिए।
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मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना आरंभ होकर दोपहर तक जारी रहा। शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह पांच बजे से पूजा, आरती और भजनों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर, मनसा देवी मंदिर, सोलाराही तालाब स्थित देवी मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी, नारियल आदि चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र में महिलाओं के साथ पुरुष भी व्रत रखकर कर मन्नतें मांग रहे हैं।
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शारदीय नवरात्र का छठा दिन मां दुर्गा की छठी शक्ति मां कात्यायनी को समर्पित है। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण इनका नाम कात्यायनी रखा गया। मान्यता है कि इनकी कृपा से योग्य वर और विवाह की सभी अड़चनें दूर हो जाती हैं। ये ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। नवरात्र के छठे दिन सबसे पहले स्नान-ध्यान के बाद शुभ रंगों के वस्त्र पहनकर कलश पूजा करें। इसके बाद मां दुर्गा के स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा करें। पूजा प्रारंभ करने से पहले मां को स्मरण करें और हाथ में फूल लेकर संकल्प जरूर लें। इसके बाद वह फूल मां को अर्पित करें। फिर कुमकुम, अक्षत, फूल आदि माता को अर्पित करें। देवी की पूजा के साथ भगवान शिव की भी पूजा करनी चाहिए।
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