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रेल का निजीकरण नहीं होने देंगे, ट्रेनों के चक्का जाम के लिए तैयार रहें कर्मचारी

Mon, 25 Apr 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 11:51 PM IST
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Will not allow privatization of railways, employees should be ready for the traffic jam of trains
रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते यूनियन से जुड़े रेलवे कर्मचारी। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। रेलवे स्टेशन पर एआईआरएफके के आह्वान पर रेलकर्मियों ने नई पेंशन स्कीम और निजीकरण, खाली पदों को नहीं भरने के विरोध किया है। इस दौरान नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन की ओर से चलाए जा रहे विरोध पखवाड़े के तहत रेवाड़ी लोको लॉबी में सहायक मंडल मंत्री बीकानेर मंडल देवेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेलकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की। साथ ही कहा कि रेल का निजीकरण नहीं होने देंगे। यदि सरकार ऐसा करती है तो ट्रेनों का चक्का जाम के लिए कर्मचारी तैयार रहें।
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इस मौके पर सहायक मंडल मंत्री देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि अब सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए बड़ा कदम उठाना ही होगा। सरकार अगर निजीकरण, निगमीकरण पर कुछ भी नया कदम उठाती है तो रेल का चक्का जाम करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल के सामने गंभीर चुनौती है। रेल के निजीकरण और निगमीकरण पर सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। साथ ही श्रम कानूनों में बदलाव कर सरकार ट्रेड यूनियन और फेडरेशन को कमजोर करने की साजिश रच रही है। ऐसे में अब हमें देरी नही करनी चाहिए और भारतीय रेल को बचाने के साथ ही कर्मचारियों हितों की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाकी भारतीय रेल भारतीय ही रहेगी। इसे अंबानी-अडानी रेल नहीं होने देंगे।
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देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की नीतियां न सिर्फ रेल और रेलकर्मियों के खिलाफ है, बल्कि ये देश के उन करोड़ों रेलयात्रियों के भी खिलाफ है जो आज भी सफर के लिए रेल का ही सहारा लेते हैं। उन्होंने निजीकरण और निगमीकरण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का एलान करते हुए सरकार पर जमकर हमले किए। सह सचिव व मंडल उपाध्यक्ष नेकवर्धन शर्मा ने कहा कि नीति आयोग ने जो कार्ययोजना बनाई है, उसमें रेलवे के निजीकरण और उत्पादन इकाइयों के साथ कारखानों का निगमीकरण का प्रस्ताव है। अगर ऐसा हुआ तो न भारतीय रेल सुरक्षित रहेगी, न रेल कर्मचारी सुरक्षित होंगे। रेल यात्रियों को सस्ती रेल सेवा भी उपलब्ध नहीं हो पाएगी। हम चाहते कि इस मामले में पुरानी व्यवस्था बहाल हो।
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इस मौके पर वीके लाडवाल, एके वरुण, सत्यनारायण, राजपाल यादव, पूरण लाल मीना, गोपेश वशिप्रस्थ, प्रहलाद मीना, योगेश वर्मा, मुकेश मीना, अनुराग, मास्टर सहदेव, अशोक यादव, रामफूल कसोटिया, नवीन, महेश कुमार, वरुण कुमार, धर्मेन्द्र, मनीष भरद्वाज, शिव कुमार गौतम, धीरज, मोहन, रवि, मधुर मुदगल, सावनस संजय मीना सहित अनेक ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट, शंटिंग स्टॉफ समेत अनेक रेल कर्मचारी उपस्थित थे।
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