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Rewari News: नहर में पानी आना बंद, कल से फिर राशनिंग शुरू
Sat, 04 Jan 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नहर में शनिवार को पानी आना बंद हो गया है। ऐसे में अब 6 जनवरी से एक दिन छोड़ कर जलापूर्ति की जाएगी। पानी की राशनिंग शुरू होने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नहर में अब 30 जनवरी को पानी आएगा। नहर में आना बंद होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी राशनिंग शुरू कर दी है। इसके तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन तो बचे हुए हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। ऐसे में शहर के लोगों को पानी की बचत करनी होगी जिससे पानी की बड़ा संकट खड़ा ना हो सके।
शहर में पेयजल की राशनिंग करीब पांच साल से चल रही है। नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। तीन साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। अब 5 जनवरी को नहरी पानी आना बंद होगा। नहर में पानी 30 जनवरी को आना है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहर वासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके। इसलिए ही हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है।
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शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहर के पानी को कालाका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोर किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। इस बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। लेकिन अब सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया है।
वाटर टैंकों से 15 से 20 दिन हो सकती है आपूर्ति
कालाका जलघर में बनाए गए 5 वाटर टैंकों से शहर के 70 फीसदी हिस्से में पेयजल की सप्लाई होती है। लिसाना स्थित जलघर के तीन वाटर टैंकों से 30 फीसदी भाग में पानी सप्लाई होती है। दोनों जलघरों से पूरे शहर को 15 से 20 दिन ही पानी सप्लाई हो सकती है। गांव कालाका में 5 और लिसाना में 3 वाटर टैंक हैं। अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण के लिए कई बार योजनाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। शहर में अगर अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण होता है तो लोगों को पानी की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
वर्जन
पानी की राशनिंग सोमवार से शुरू कर दी जाएगी, ताकि नहरी पानी आने तक पेयजल सप्लाई दी जा सके। नहरी पानी भी तय शेड्यूल से अक्सर देरी से ही आता है। ऐसे में व्यवस्था अभी से बनाकर रखी जानी आवश्यक है। शहर वासियों से अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं।-हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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रेवाड़ी। नहर में शनिवार को पानी आना बंद हो गया है। ऐसे में अब 6 जनवरी से एक दिन छोड़ कर जलापूर्ति की जाएगी। पानी की राशनिंग शुरू होने से शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नहर में अब 30 जनवरी को पानी आएगा। नहर में आना बंद होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी राशनिंग शुरू कर दी है। इसके तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन तो बचे हुए हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। ऐसे में शहर के लोगों को पानी की बचत करनी होगी जिससे पानी की बड़ा संकट खड़ा ना हो सके।
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शहर में पेयजल की राशनिंग करीब पांच साल से चल रही है। नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। तीन साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। अब 5 जनवरी को नहरी पानी आना बंद होगा। नहर में पानी 30 जनवरी को आना है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहर वासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके। इसलिए ही हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है।
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शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहर के पानी को कालाका और लिसाना में बने वाटर टैंक में स्टोर किया जाता है। वहां से बूस्टिंग स्टेशन के माध्यम से शहर में पानी की सप्लाई होती है। इस बार मानसून में लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली थी। लेकिन अब सर्दी में भी पानी का संकट गहरा गया है।
वाटर टैंकों से 15 से 20 दिन हो सकती है आपूर्ति
कालाका जलघर में बनाए गए 5 वाटर टैंकों से शहर के 70 फीसदी हिस्से में पेयजल की सप्लाई होती है। लिसाना स्थित जलघर के तीन वाटर टैंकों से 30 फीसदी भाग में पानी सप्लाई होती है। दोनों जलघरों से पूरे शहर को 15 से 20 दिन ही पानी सप्लाई हो सकती है। गांव कालाका में 5 और लिसाना में 3 वाटर टैंक हैं। अतिरिक्त वाटर टैंक निर्माण के लिए कई बार योजनाएं प्रस्तावित की गईं, लेकिन अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। शहर में अगर अतिरिक्त वाटर टैंक का निर्माण होता है तो लोगों को पानी की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
वर्जन
पानी की राशनिंग सोमवार से शुरू कर दी जाएगी, ताकि नहरी पानी आने तक पेयजल सप्लाई दी जा सके। नहरी पानी भी तय शेड्यूल से अक्सर देरी से ही आता है। ऐसे में व्यवस्था अभी से बनाकर रखी जानी आवश्यक है। शहर वासियों से अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं।-हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग