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Rewari News: नहर बंद होते ही पानी की राशनिंग शुरू, एक दिन छोड़ कर हो रही आपूर्ति

Mon, 16 Feb 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 16 Feb 2026 12:04 AM IST
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Water rationing begins as soon as the canal closes, with supplies being made every alternate day
रेवाड़ी से गुजरती जेएलएन नहर। संवाद
रेवाड़ी। शहरवासियों के लिए पेयजल संकट चिंता का कारण बना हुआ है। जनवरी के पहले सप्ताह में पानी की किल्लत से जूझ चुके लोगों को अब फरवरी में पानी की राशनिंग का सामना करना पड़ रहा है। नहर में पानी बंद होते ही जनस्वास्थ्य विभाग ने एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी है।
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नहर में अब 1 मार्च को पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। शेड्यूल के अनुसार नहर में 24 दिन पानी आता है और 14 दिन बंद रहता है।
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वर्तमान में कालाका में पांच और लिसाना में तीन वाटर टैंक बने हुए हैं। इन्हीं टैंकों में नहरी पानी का भंडारण कर पूरे शहर में आपूर्ति की जाती है। बढ़ती आबादी और बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है।
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जिले में एक और बड़ा वाटर टैंक बन जाए तो पेयजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता होने से नहर बंद रहने के दिनों में भी नियमित आपूर्ति संभव हो सकेगी।
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अप्रैल, मई, जून और जुलाई के रहता है संकट
गर्मी के मौसम को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। अप्रैल, मई, जून और जुलाई के चार महीने पारंपरिक रूप से जल संकट के माने जाते हैं। यदि अभी फरवरी में ही यह स्थिति है तो गर्मियों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए अभी से ठोस कदम उठाना जरूरी है।
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ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीदने के प्रयास जारी
नए वाटर टैंक के निर्माण को लेकर दशकों से योजनाएं बनती रही हैं लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भी जमीन खरीदने के प्रयास जारी है। लिसाना में करीब 45 एकड़ जमीन ई-भूमि पर प्रस्तावित की गई है और इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। शहरवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।



वर्जन
अभी अल्टरनेट-डे व्यवस्था लागू की गई है ताकि सभी क्षेत्रों में न्यूनतम स्तर पर पानी पहुंच सके। जब तक नहर में दोबारा पानी नहीं आएगा, तब तक एक दिन छोड़कर एक दिन ही सप्लाई दी जाएगी।-हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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