{"_id":"66ae8d3f74ef4c1348049689","slug":"water-came-into-the-canal-now-water-supply-will-be-regular-rewari-news-c-198-1-rew1001-207668-2024-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: नहर में आया पानी, अब नियमित होगी जलापूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: नहर में आया पानी, अब नियमित होगी जलापूर्ति
Sun, 04 Aug 2024 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:34 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरू कैनाल में शुक्रवार को पानी आ गया। अब रविवार से शहर की पौने तीन लाख की आबादी को नियमित पेयजल मिलना शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने मानसून सीजन में बारिश कम होने के कारण पानीपत के खूबडू हेड से पानी रोक दिया था। इसकी वजह से शहर में एक सप्ताह से लोगों को एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। ऐसा पहली बार हुआ था। अब नहर में पानी आने के बाद अगस्त व सितंबर में शहरवासियों को नियमित पानी मिलेगा। शहर की पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। अगर जवाहरलाल नेहरू नहर में पानी चलना बंद हो जाता है तो जनस्वास्थ्य विभाग को शहर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करनी पड़ जाती है।
शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी का स्टोरेज किया जाता है।
यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में घरों तक छोड़ा जाता है। कालाका में एक वाटर टैंक बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरू कैनाल में शुक्रवार को पानी आ गया। अब रविवार से शहर की पौने तीन लाख की आबादी को नियमित पेयजल मिलना शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने मानसून सीजन में बारिश कम होने के कारण पानीपत के खूबडू हेड से पानी रोक दिया था। इसकी वजह से शहर में एक सप्ताह से लोगों को एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। ऐसा पहली बार हुआ था। अब नहर में पानी आने के बाद अगस्त व सितंबर में शहरवासियों को नियमित पानी मिलेगा। शहर की पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। अगर जवाहरलाल नेहरू नहर में पानी चलना बंद हो जाता है तो जनस्वास्थ्य विभाग को शहर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करनी पड़ जाती है।
विज्ञापन
शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी का स्टोरेज किया जाता है।
यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में घरों तक छोड़ा जाता है। कालाका में एक वाटर टैंक बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन