{"_id":"5f3ab9078ebc3e3cff2ebf91","slug":"wage-three-month-labour-the-agency-rewari-news-rtk569166322","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह से मजदूर एवं आढ़ती लगा रहे खरीद एजेंसियों के कार्यालयों में चक्कर, नहीं हुआ भुगतान, आंदोलन की दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह से मजदूर एवं आढ़ती लगा रहे खरीद एजेंसियों के कार्यालयों में चक्कर, नहीं हुआ भुगतान, आंदोलन की दी चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरसों और गेहूं खरीद के तीन माह बीत जाने के बाद भी 36 आढ़ती एवं 80 मजदूर भुगतान के लिए खरीद एजेंसी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। आढ़तियों को आढ़त एवं मजदूरों को मजदूरी नहीं मिलने से उनके परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आढ़तियों व मजदूरों ने शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर खरीद एजेंसियों को पत्र लिखकर शीघ्र भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की लापरवाही के चलते तीन माह के बद भी मजदूर एवं आढ़तियों को मेहनताना नहीं दिया गया है।
15 अप्रैल से 21 मई तक हुई थी खरीद
कोसली क्षेत्र में इस बार सरसों खरीद हैफड व खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा कोसली मंडी के साथ-साथ जाटुसाना, कवांली व कोसली कालेज में बनाए गए अस्थाई खरीद केंद्रों पर 15 अप्रैल से 21 मई तक की गई थी। इस दौरान आढ़तियों व मजदूरों ने तपती धूप में किसानों की पैदावार खरीद में अपनी भूमिका निभाई थी। आढ़तियों व मजदूरों ने खरीद एजेंसियों को बार-बार पत्र लिखकर एवं मौखिक रूप से मजदूरी व दामी देने की गुहार लगाई है। लेकिन अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आढ़तियों ने अपने दम पर की मजदूरों की सहायता
मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने के बाद आढ़तियों ने मानवता दिखाते हुए अपने-अपने मजदूरों की हर संभव सहायता की थी। लेकिन लंबे समय तक आढ़ती भी मजदूरों का सहयोग नहीं कर पाए। तीन माह का समय गुजर जाने के बाद स्वयं आढ़तियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसे में आढ़तियों ने भी मजदूरों की सहायता करनी बंद कर दी जिसके बाद मजदूर भुगतान के लिए खरीद एजेंसियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। अब मजदूरों ने शीघ्र भुगतान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है।
विज्ञापन
एसडीएम से लेकर उच्चाधिकारियों को गुहार के बाद भी नहीं हुआ समाधान
मंडी प्रधान
कोसली मंडी प्रधान दिनेश गोयल ने बताया कि उन्होंने आढ़तियों एवं मजदूरों के भुगतान को लेकर एसडीएम से लेकर खरीद एजेंसियों के उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक न ही आढ़तियों को आढ़त मिल है और न ही मजदूरों को उनकी मजदूरी मिली है।
जिम्मेदार बोले जल्द होगा समाधान
हैफेड के एमडी रामकुवार ने बताया कि मामला आने के बाद उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था। आढ़तियों एवं मजदूरों का भुगतान जल्द किया जाएगा।
विज्ञापन
15 अप्रैल से 21 मई तक हुई थी खरीद
कोसली क्षेत्र में इस बार सरसों खरीद हैफड व खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा कोसली मंडी के साथ-साथ जाटुसाना, कवांली व कोसली कालेज में बनाए गए अस्थाई खरीद केंद्रों पर 15 अप्रैल से 21 मई तक की गई थी। इस दौरान आढ़तियों व मजदूरों ने तपती धूप में किसानों की पैदावार खरीद में अपनी भूमिका निभाई थी। आढ़तियों व मजदूरों ने खरीद एजेंसियों को बार-बार पत्र लिखकर एवं मौखिक रूप से मजदूरी व दामी देने की गुहार लगाई है। लेकिन अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
आढ़तियों ने अपने दम पर की मजदूरों की सहायता
मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने के बाद आढ़तियों ने मानवता दिखाते हुए अपने-अपने मजदूरों की हर संभव सहायता की थी। लेकिन लंबे समय तक आढ़ती भी मजदूरों का सहयोग नहीं कर पाए। तीन माह का समय गुजर जाने के बाद स्वयं आढ़तियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसे में आढ़तियों ने भी मजदूरों की सहायता करनी बंद कर दी जिसके बाद मजदूर भुगतान के लिए खरीद एजेंसियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। अब मजदूरों ने शीघ्र भुगतान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है।
विज्ञापन
एसडीएम से लेकर उच्चाधिकारियों को गुहार के बाद भी नहीं हुआ समाधान
मंडी प्रधान
कोसली मंडी प्रधान दिनेश गोयल ने बताया कि उन्होंने आढ़तियों एवं मजदूरों के भुगतान को लेकर एसडीएम से लेकर खरीद एजेंसियों के उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई है। लेकिन अभी तक न ही आढ़तियों को आढ़त मिल है और न ही मजदूरों को उनकी मजदूरी मिली है।
जिम्मेदार बोले जल्द होगा समाधान
हैफेड के एमडी रामकुवार ने बताया कि मामला आने के बाद उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था। आढ़तियों एवं मजदूरों का भुगतान जल्द किया जाएगा।