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Rewari News: स्वयंसेवकों ने बस स्टैंड काहन्डवास की सफाई की
Fri, 15 Mar 2024 03:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 15 Mar 2024 03:11 AM IST
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कोसली। राजकीय महाविद्यालय कोसली के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर के तृतीय दिन में स्वयंसेवकों ने बस स्टैंड काहन्डवास की सफाई की। 'ज्ञान हमें फैलाना है, नशे को मार गिराना है' विषय पर रैली निकाल कर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। गांव में चौपाल और मंदिर के सामने गली में दहेज प्रथा के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का मंचन किया।
प्रथम सत्र में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर संजीव कुमार ने जीवन के मूल्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य में तीन गुण होते हैं। मानवीय, दानवीय और देवीय। राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों में दैवीय गुण मौजूद होते हैं। उन्हें किसी की सहायता करने के लिए सोचना नहीं पड़ता। स्वयंसेवक केवल सर्टिफिकेट या प्रशंसा के लिए कार्य नहीं करता बल्कि उनमें सेवाभाव के गुण स्वत: ही मौजूद होते हैं। उन्होंने सिकंदर व संत दंडायण के उदाहरण देकर भारत के लोगों की एकता, अखंडता व दृढ़ता के बारे में बताया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक देश की वह इकाई है जो देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। सायंकालीन सत्र में राजकीय आईटीआई कोसली से विजय कुमार और सत्यप्रकाश कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। सत्य प्रकाश ने कहा कि लक्ष्य का होना अति आवश्यक है। बिना लक्ष्य के जीवन इंजन रहित गाड़ी के समान होता है। अनुशासन के रास्ते पर चलकर ही हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। निष्पक्षता और ईमानदारी जैसे नैतिक मूल्यों के साथ हमें अपने जीवन का निर्माण करना चाहिए। शिविर में डॉक्टर लाजवंती व प्रदीप कुमार का विशेष सहयोग रहा।
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प्रथम सत्र में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर संजीव कुमार ने जीवन के मूल्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य में तीन गुण होते हैं। मानवीय, दानवीय और देवीय। राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों में दैवीय गुण मौजूद होते हैं। उन्हें किसी की सहायता करने के लिए सोचना नहीं पड़ता। स्वयंसेवक केवल सर्टिफिकेट या प्रशंसा के लिए कार्य नहीं करता बल्कि उनमें सेवाभाव के गुण स्वत: ही मौजूद होते हैं। उन्होंने सिकंदर व संत दंडायण के उदाहरण देकर भारत के लोगों की एकता, अखंडता व दृढ़ता के बारे में बताया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक देश की वह इकाई है जो देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। सायंकालीन सत्र में राजकीय आईटीआई कोसली से विजय कुमार और सत्यप्रकाश कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। सत्य प्रकाश ने कहा कि लक्ष्य का होना अति आवश्यक है। बिना लक्ष्य के जीवन इंजन रहित गाड़ी के समान होता है। अनुशासन के रास्ते पर चलकर ही हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। निष्पक्षता और ईमानदारी जैसे नैतिक मूल्यों के साथ हमें अपने जीवन का निर्माण करना चाहिए। शिविर में डॉक्टर लाजवंती व प्रदीप कुमार का विशेष सहयोग रहा।
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